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Delhi: चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ कोरोना वायरस का संक्रमण 159 से अधिक देशों तक अपने पैर पसार चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार COVID19 वायरस से संक्रमित 1,84,976 मामलों की पुष्टि की जा चुकी है और इस वायरस के कारण 7,500 लोग अपने प्राण गवा चुके हैं।
कोरोना वायरस से ईरान बुरी तरह से जूझ रहा है। चीन और इटली के बाद ईरान में इस वायरस से सबसे ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं। ताजा आंकड़ों पर नजर डालें, तो अब तक 16,169 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं और 1000 से ज्यादा लोग अपने प्राण दे चुके हैं। इस बीच ईरान में हुए एक अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि मई 2020 तक 35 लाख लोग कोरोना की वजह से अपने प्राण गवा सकते हैं।
ईरान इस वक़्त अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेल रहा है
अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेल रहे ईरान की शरीफ यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस COVID-19 को लेकर कंप्यूटर सिमुलेटर के आधार पर कई परिस्थितियों की गड़ना करके अनुमान लगाया गया है। इस अनुमान में बताया गया है की अगर सरकार सभी प्रभावित इलाकों को क्वरेंटीन करती है, लोग नियमों का सख्ती से पालन करते हैं और इलाज की सुविधाएं मुहैया होती हैं, तो भी एक हफ्ते में यह बीमारी यह महामारी बहुत हाई लेवल पर पहुँच जाएगी।
Nepal govt decides to prohibit entry of people from Europe, West Asia and Gulf including Iran and Turkey, Malaysia, South Korea and Japan as a precautionary measure to prevent the spread of #coronavirus. pic.twitter.com/FZ8AtOr2si
— All India Radio News (@airnewsalerts) March 18, 2020
कोरोना से बचाने के लिए सरकारें हरसंभव प्रयास कर रही हैं। इस बीच एक ब्रिटिश शोध रिपोर्ट के बाद अमेरिका और ब्रिटेन की सरकारें सकते में आ गई हैं। इस शोध में कहा गया है कि आने वाले समय में कोरोना से अमेरिका में 22 लाख और ब्रिटेन में 5 लाख लोग अपने प्राण गवा सकते हैं।
ब्रिटिश सरकार भी कोरोना वायरस की वजह से परेशान है
ब्रिटिश शोध रिपोर्ट के आने के बाद प्रधानमंत्री बोरिस जोहान्सन ने कोरोन से निपटने के लिए और ज्यादा कड़े कदम उठाए हैं। दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था ब्रिटेन में लोगों को घरों से बाहर न निकलने और विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे 70 लाख लोगों को अलग-थलग रहने के लिए कहा है। यह अध्ययन इंपीरियल कॉलेज लंदन में प्रफेसर नील फर्गुसन ने इटली कोरोना के आंकड़ों के आधार पर किया है।
There are a lot of responsible nurse in Iran.they are like angel on earth.#coronavirus #MondayMotivaton pic.twitter.com/k6lU1VtbwO
— Katrin (@Katrin97164495) March 16, 2020
फर्गुसन की टीम ने कहा कि अगर इस बीमारी को रोकने के गंभीर प्रयास नहीं किए गए तो ब्रिटेन में 5 लाख और अमेरिका में 22 लाख लोग अपने प्राण गवा सकते हैं। अध्ययन में कहा गया है कि सरकार के पहले के कोरोना के प्लान से भी करीब 250,000 लोगों की मौत हो सकती है। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं पर भी भार बहुत बढ़ जाएगा।
कोरोना से जंग का केंद्र अब चीन के स्थान पर यूरोप बन चूका है
कोरोना से लड़ाई का केंद्र अब चीन नहीं बल्कि यूरोप और ईरान पर टिक गया है। वैज्ञानिकों ने कहा कि जब तक कोरोना वायरस का प्रभाव कम नहीं हो जाता तब तक लोग पब, क्लब और थियेटर में न जाएं। इसके अलावा सामाजिक दूरी बनाए रखें। मीडिया में आई खबर के अनुसार इस शोध में शामिल प्रफेसर अजरा घनी ने कहा, कोरोना हमारे समाज और अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा दबाव डालने जा रहा है। वहीं एक अन्य सदस्य टिम कोलबर्न ने कहा कि आने वाला समय बहुत कठिन है।
मीडिया में इस शोध की खबर आने के बाद ब्रिटिश सरकार ने बहुत कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा नए सुझावों को भी सरकार के एक्शन प्लान में शामिल किया जाएगा। अमेरिका में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के 6,319 मामले सामने आए हैं और 107 लोग अपने प्राण गवा चुके है।
The United States imposed fresh sanctions on Iran, keeping up its economic pressure campaign despite an earlier offer to help Tehran cope with the #coronavirus pandemic https://t.co/eSdh2O25Zh pic.twitter.com/uGERNcsw9w
— Reuters (@Reuters) March 18, 2020
वहीँ ब्रिटेन में कोरोना के 1,950 मामले प्रकाश में आए हैं और 71 लोग लोग अपने प्राण गवा चुके है। कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर पूरे विश्व में डर है। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस की वजह से प्राण गवाने वाले लोगो की संख्या 7000 से अधिक हो गई है, जबकि 1.55 लाख से भी अधिक लोगों में इसका संक्रमण फैल चुका है।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता कियानौश जहांपुर ने मंगलवार को टेलीविजन पर प्रसारित एक संवाददाता सम्मेलन में मृतकों का आंकड़ा दिया जिसके बाद से विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि देश में इस महामारी पर काबू नहीं पाया जा सका है। संकट को देखते हुए ईरान ने अपनी जेलों से 85,000 कैदियों को फिलहाल रिहा कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जेल में भी वायरस को फैलने से रोकने के कदम उठाए जाने की तैयारियां की गई हैं। इससे पहले 10 मार्च को संयुक्त राष्ट्र की ओर से ईरान को कहा गया था कि सभी राजनीतिक बंदियों को फिलहाल छोड़ दिया गया है।



