
Delhi: दोस्तों दुनिया में आज भी हजारों रहस्य दबे पड़े हैं। जब भी किसी पुराने ऐतिहासिक या किसी छुपे हुए रहस्य की बातें सामने आती हैं तो, हमारा मन रोमांच से भर उठता है। हर ऐतिहासिक खुदाई या खोज के द्वारा कोई ना कोई ऐसी बात सामने आई है, जिसने हमको हैरान कर दिया क्योंकि, देखा गया है कि आज से हजारों साल पहले भी उनका विज्ञान हमसे कई मामलों में अच्छा था।
वही कुछ बातें चमत्कार से भी जुड़ी होती है। जैसे अभी हाल ही में खुदाई के दौरान एक ऐसा कुआं पुरातत्वविदों को मिला जो लकड़ी से बना हुआ था और उसकी जांच पड़ताल करने के बाद समझ आया कि यह एक तरह का “विशिंग वेल” (Wishing Well) अर्थात मन्नता को पूरा करने वाला कुआं है।
आज से हजारों साल पहले इसे बनाया गया था। इसके अंदर से धातुओं से बनी हुई ढेरों छोटी बड़ी वस्तुएं प्राप्त हुई। जिससे उस समय की मानव सभ्यता के बारे में काफी जानकारी मिल रही है। चलिए जानते हैं आगे की जानकारी, कि कहां पाया गया है कुमार और क्या है इसकी खासियत।
जर्मनी देश के इस हिस्से में पाया गया यह विशिंग वेल
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार जर्मनी (Germany) देश के बवेरिया (Bavaria) प्रांत में इतिहासकार कुछ खुदाई एवं रिसर्च में जुटे हुए थे। तभी उन्हें एक ऐतिहासिक कुआं (HISTORICAL WELL) जमीन के नीचे दबा हुआ मिला। जब ईसे ठीक ढंग से साफ किया गया और इसको ओपन किया तो देखा इसमें चारों तरफ ठीक ढंग से लकड़िया लगी हुई है। जिससे एक तरह से यह कुआं संरक्षित भी है।
कुआं के उम्र की जानकारी देते हुए पुरातत्वविद बोलते हैं कि, यह कांस्य युग के समय आज से लगभग 3000 साल पहले बनाया गया था और इसमें मिली वस्तुओं और कुछ जानकारी के आधार पर पुरातत्वविद इस निष्कर्ष पर आए कि उस जमाने में इस कुआं को अपनी मन्नतें करने के लिए लिहाज से तैयार किया गया था। ये सारी जानकारी काफी रोमांचक थी।
आज भी सुरक्षित है लकड़ी से संरक्षित किया ये कुआं
शोधकर्ताओं से मिली जानकारी के अनुसार कुए के ऊपरी हिस्से से लेकर पानी के लेवल तक चारों ओर इसे लकड़ी से ऐसे सुरक्षित किया गया कि, इस में डाली गई वस्तुएं पानी से बची रहे। वही यह लकड़ियां भी पानी से इतनी दूर थी कि आज तक खराब ना हो सकी।
हमारे देश में जैसे हम अपनी मन्नत के लिए नदियों में सिक्का डालते हैं और उससे उम्मीद करते हैं कि कभी हमारी मन्नत पूरी होगी। वैसे ही इस कुएं मैं ढेर सारी वस्तुओं प्राप्त हुए। इससे यही अंदाजा लगाया कि लोगों ने अपनी मन्नतें पूरी करने के उद्देश्य से ही इन्हें कुएं में रखा होगा।
कुए के अंदर से मिली कांस्य धातुओं से बनी ढेरों वस्तुएं
दोस्तों जानकारी मिलने तक इस कुएं के अंदर से 70 से भी ज्यादा वस्तुएं निकाली जा चुकी थी। इन 70 वस्तुओं में से मिट्टी के बने कप, कटोरे, एवं खास तरह से डिजाइन किए बर्तन थे। एवं कांसे से बनी हुई कपड़े में सजाने वाली पिन, अंबर मोती, कंगन, मेटल के कुछ स्पाइरल, कुछ अन्य पुराने आभूषण जिनकी संख्या 2 दर्जन से भी अधिक थी।
परंतु यह रोजाना इस्तेमाल करने वाली वस्तुओं की तरह नहीं हैं। बल्कि किसी खास मौकों पर प्रयोग की जाने वाली या किसी देवता या राजा को भेंट स्वरूप देने वाले वस्तुओं के समान खास नजर आ रहे हैं। ज्ञात हो कि शायद मन्नत मांगने के उद्देश्य से ही इन्हें खास तरीके से तैयार किया होगा।
शोधकर्ताओं की एक टीम लगी है गहन रिसर्च में
बावेरियन स्टेट का मॉन्यूमेंट ऑफिस जो कि ऐतिहासिक चीजों को कंजर्वेशन के लिए काम करता है। के एक पुरातत्वविद जिनका नाम जोचेन हैबरस्ट्रोह (Jochen Haberstroh) है। जोचैन ने बताया कि जो सामग्री कुआं में से प्राप्त हुई है। उसे यही प्रतीत हुआ है कि उस समय के किसान अपनी बेहतर फसल एवं प्रकृति की मार से बचने के लिए कुएं में ऐसी वस्तुएं रखकर मान्यता मांगा करते थे।
वही लकड़ी के बनाए गए फ्रेम की वजह से यह मोनुमेंट्स आज भी सुरक्षित है। इनकी जांच के जरिए हम उनकी सभ्यता, जीवन जीने की शैली को समझ पाएंगे। ये अब तक 13500 से ज्यादा कांस्य युग के मॉन्यूमेंट्स खोज चुके है।



