
Bokaro: दोस्तों भले ही आज इंसान चांद और मंगल ग्रह तक पहुंच चुका है, फिर भी हमारी इस सुंदर पृथ्वी में कई ऐसी घटनाएं और स्थान हैं जिन्हें, आज का आधुनिक विज्ञान भी सुलझा नहीं पाया है। उन घटनाओं को देखकर एक पल को लगता है कि यह कोई चमत्कार है।
चमत्कार के बारे में यही कहा जाता है कि चमत्कार एक ऐसा विज्ञान है, जिसे अभी तक हम समझ नहीं पाए हैं अर्थात हर होने वाली घटना के पीछे एक वैज्ञानिक तथ्य होता है। फिर भी ढेरों उदाहरण है जिनका आज तक कोई वैज्ञानिक कारण हम नहीं जान पाए इसलिए हम उन्हें चमत्कार या मिस्टीरियस कहते हैं।
ऐसे ही एक रहस्यमयी कुंड (Mysterious Kund) के बारे में हाल ही में एक न्यूज़ इंटरनेट पर वायरल हुई, जिसमें बताया गया था, एक ऐसा जादुई कुंड जिसका पानी ताली बजाने से बढ़ता है एवं उसे स्थानीय लोग एक देव की तरह पूछते हैं और अपनी मनोकामना सिद्धि के लिए भी आसपास के कई क्षेत्रों में प्रसिद्ध है। आइए जानते हैं कहा है ये कुंड और इससे जुड़ी पूरी खबर को।
भारत के किस राज्य में स्थित है यह मिस्टीरियस पूल
प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर झारखंड (Jharkhand) के बोकारो (Bokaro) जिला से करीब 27 किलोमीटर दूर जाने पर यह कुंड है, जिसे दलाही कुंड (Dalahi Kund) कहा जाता है। यह कुंड या तलाब आज रहस्य का विषय बना हुआ है, पिछले कई दशकों से यहां रहने वाले ग्रामीणों के बीच इस मिस्टीरियस पूल से जुड़ी हुई कई कहानियां फेमस है।
यहां यदि आप इस कुंड के करीब खड़े होकर जोर से ताली बजाते हैं, तो कुंड का पानी अचानक से ऊपर उठता हुआ आपको प्रतीत होगा। जैसे पानी को अधिक उबालने पर वह ऊपर उठता है, बिल्कुल वैसे ही यह ताली के कंपन से ही ऊपर उठने लग जाता है।
अब आसपास पक्की टाइल्स की बाउंड्री बना दी गई है, इसलिए इस इफ़ेक्ट को देखने के लिए आपको इस कुंड के थोड़ा नजदीक जाना होगा दूसरी ओर इसके कुछ धार्मिक महत्व को मानते हुए गांव वाले यहां मनोकामना सिद्धि के लिए भी आते हैं।
Dalahi Kund of Jharkhand. Just clap and water get hotter. Magic of nature. Reverse effect of climate on water. pic.twitter.com/tPr6Zv7g0s
— Räj Jäñärdhäñ (@rjanardhan) July 27, 2016
लोग मानते हैं कि यहां डुबकी लगाकर मन्नत मांगने से चर्म रोग तो दूर होते ही हैं, हर इच्छा पूर्ण हो जाती है। हालांकि इस कुंड का पानी कहां से आता है और कहां जाता है, यह भी अभी एक रहस्य बना हुआ है।
मौसम के अनुरूप होता है जल का टेंपरेचर
इस कुंड के आसपास रहने वाले लोगों से मिली जानकारी के अनुसार यह कुंड दो और चीजों के लिए प्रसिद्ध है। पहला इस कुंड का पानी चमत्कारी तौर पर गर्मी के दिनों में अत्यंत ठंडा एवं शीतल होता है, जिसमें नहाने एवं कुंड के पानी को पीने से एक अलग ही तरह की तरावट महसूस होती है।
Dalahi Kund where hot water climbs up on clapping. This mysterious pool is situated in Bokaro, Jharkhand. pic.twitter.com/ymiPw5XIg3
— Maahi Singh 🧡🤍💚 (@MIRA_M31) January 26, 2022
वहीं दूसरी ओर ठंड के दिनों में यहां का पानी गुनगुना और गर्म होता है। जिससे तेज भाप निकल रही होती है। इसलिए साल भर यहां नहाने के लिए लोग आते हैं, जो इस ठंडे एवं गर्म पानी की प्रकृति को देखकर हैरान रह जाते हैं और कुछ लोग इसे दलाही कुंड के देवता का प्रताप मानते हैं, जो भक्तों के लिए इसे ऐसे मौसम के अनुरूप बना देते हैं।
रिसर्च में आज तक नहीं पता चला पानी का सोर्स
इस कुंड की रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों के अनुसार यह अभी तक सही से ज्ञात नहीं हो पाया है कि कुंड में पानी किस रास्ते से पहुंचता है। उसका सोर्स क्या है एवं यह पानी कुंड से निकल कर कहां जाता है, यह भी सटीक तौर पर कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं है। फिर भी वैज्ञानिकों का ऐसा अंदाजा है कि, कुंड का पानी जमीन से रिसता हुआ जमुई नाले में पहुंचता है जहां से ये गार्गा नदी में मिल जाता है।
मनोकामना सिद्धि के साथ चर्म रोग को भी करता है सही
गांव वालों में ऐसा प्रचलन है कि, ईस कुंड में नहाने से कुंड के दलाहि देवता उनकी सारी मनोकामना पूरी करते हैं। वहीं दूसरी ओर कुंड में स्नान करने से सभी तरह के चर्म रोग भी ठीक हो जाते हैं।
बोकारो का अनोखा है दलाही बुलबुला कुंड. सदियों से लोगों के लिए आस्था केंद्र बना हुआ है. ताली बजाते ही कुंड से पानी उठने लगता है. pic.twitter.com/Oi89z9ukYp
— News18 Jharkhand (@News18Jharkhand) December 6, 2022
इसके पीछे वैज्ञानिक कारणों की ओर देखें तो दलाही कुंड के पानी में सल्फर हीलियम के साथ उपलब्ध होता है। जो चर्म रोगों के लिए अमृत माना जाता है। जिस वजह से इसमें ने स्नान करने वाले लोगों की चरण से संबंधित समस्या खत्म हो जाती है।



