
आजकल की खराब दिनचर्या के चलते बवासीर की परेशानी बहुत ज्यादा देखने को मिल रही है। इसके लिए ऐसे घरेलू उपाय जो बहुत हद तक आपकी परेशानी समाप्त कर देंगे। इन चमत्कार ओषधियों का इस्तेमाल करने से आपकी परेशानी दूर भाग सकती है। बवासीर बहुत पीड़ादायक बीमारी है, जो आजकल हर आम इंसान इस परेशानी से झूझ रहा है।
बहुत लोग इस बीमारी से ग्रसित हो चुके है।बहुत समय तक एक ही स्थान बैठने पर या पेट सही साफ न होनेकी बजह से ये बीमारी तेजी से फैल रही है। इस रोग के चलते लोग सही से मल नही त्याग पाते, सही से बैठ नाहज पाते और लेटने में भी बहुत पीड़ा का अहसास होता है। बवासीर में बहुत असहनीय पीड़ा होती है, क्योंकि मल त्याग करने के आसपास की नसों फूल जाती है।
बवासीर दो तरह की होती है –
खूनी बवासीर और वादी बवासीर। खूनी बवासीर में मस्से सुख जाते है। जिसके बजह से मल त्यागने में खून निकलता है, जबकि वादी बवासीर में मस्से काले रंग जैसे होते है। आयुर्वेद में बवासीर की परेशानी के कई उपाय बताए गए हैं। घरेलू औषधियों का उपयोग करके बवासीर से होने वाली पीड़ा और बीमारी से निजात पाया जा सकता है। जैसे –
1 सेंधा नमक और ग्लिसरीन का उपयोग करके:- 2 चम्मच सेंधा नमक में 2 चम्मच ग्लिसरीन मिलाकर। इस मिश्रण को साफ पट्टी में लगाएं और पीड़ा वाले स्थान पर रख लें। 15 से 20 मिनट तक इस मिश्रण को उस स्थान पर लगाकर छोड़ दे। और फिर पट्टी निकाल दें। अगर पीड़ा अधिक है, तो हर 4-5 घंटे में इस बनाये गए मिश्रण को फिर से इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे धीरे-धीरे आप बवासीर से निजात पा सकते है। कई डॉक्टर भी इस उपाय पर अपनी हामी भी दे चुके हैं।
2 एलोवेरा जेल:- एलोवेरा में पीड़ा और सूजन को कम करने के तत्व होते हैं। इसलिए बवासीर के मस्सों पर आप एलोवेरा जेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। ध्यान देने वाली बात है कि गुदाद्वार एक संवेदनशील हिस्सा है इसलिए एलोवीरा जेल का उपयोग करते समय देख ले वो शुद्ध होना चहियड उसमे किसी भी तरह की कोई मिला वट नही होना चाहिए।शुद्ध एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करें। एलोवेरा जेल में किसी भी तरह की कोई क्रीम का उपयोग नही होना चाहिए। एलोवेरा जेल पीड़ा से निजात दिलाएगा और ठंडक पहुंचाएगा। साथ ही बवासीर के मस्सों को आराम देगा ।
3 ईसबगोल की भूसी:- ईसबगोल की भूसी में फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है इसलिए, ये पेट मे मल को मुलायम बनाने का काम करता है। जिससे बवासीर की बजह से होने वाला पीड़ा कम हो जाती है। इससे कब्ज की समस्या से भी आराम मिलता है, पेट भी साफ रहता है और मस्सा से होने वाली पीड़ा भी कम होती है।प्रतिदिन दिन में एक या दो चम्मच ईसबगोल की भूसी को दूध या पानी के साथ खाया जा सकता है। कि इसे ज्यादा मात्रा में न लें, क्योंकि इससे गैस और पेट दर्द की परेशनी होने लगती है। ईसबगोल की भूसी खाने के बाद आपको पानी भीअधिक मात्रा में पीना चाहिए।
4 मठ्ठा:- बवासीर के मस्सों की समस्या को समाप्त करने के लिए मट्ठा बहुत लाभदायक होता है। इसके उपयोग के लिए करीब दो लीटर छाछ लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और स्वादानुसार नमक मिला ले।इस मिश्रण को जब भी प्यास लगे पानी के स्थान पर इसका इस्तेमाल करना। चार दिन तक ऐसा करने से मस्से की समस्या पूरी तरह खत्म हो जायेगी। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन दही खाने से बवासीर होने की संभावना बहुत कम होती है। और बवासीर में लाभदायक होता है।



