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Delhi: पुरातन काल की एक कील की खोज भी वर्तमान समय में हाहाकार मचा देती है। फिर तो पुरातत्वविदो ने करीब दो दर्जन से ज्यादा देवियों की मूर्ति और उनके साथ सोने के सिक्के खोज निकाले हैं। इससे टेलीविजन हो या फिर अखबार सब कहीं यह खबर आग की तरह फैल रही है।
खोजकर्ता के द्वारा बताया जा रहा है कि यह मूर्तियां पानी के अंदर करीब 2000 वर्षों से संरक्षित है। पुरातन युग के लोगों ने इन मूर्तियों को विसर्जन करने के उद्देश्य से पानी में संरक्षित कर दिया, जो आज करीब 2000 वर्षों बाद लोगों को दोबारा देखने मिली। यह मूर्तियां कांस्य धातु (Ancient Bronze Statue) से बनी है और ग्रीक रोमन देवियों की मूर्तियां (Greek Roman Gods Statue) है। खुदाई के दौरान इन मूर्तियों को खोज निकाला है।
इटली के सिएना प्रांत में खोजी गई है
बताया जा रहा है कि यह 2000 वर्ष पुरानी कास्य की मूर्तियां इटली के सिएना (Sienna) प्रांत के टस्कनी क्षेत्र से खोजी गई है। यह क्षेत्र रोम से करीब 160 किलोमीटर दूर उत्तर दिशा में स्थित है। ऐसा बताया जा रहा है कि वर्ष 2019 में पुरातत्व के अधिकारियों के द्वारा उस क्षेत्र की खोजबीन शुरू कर दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने उस जगह पर खुदाई करने की भी बात रखी।
सिएना के यूनिवर्सिटी फॉर फॉरेनर्स के असिस्टेंट प्रोफेसर स्वयं इस खुदाई में शामिल हुए और उस क्षेत्र की अच्छी तरह जांच पड़ताल की। वे स्वयं बताते हैं कि यह खोज काफी अद्भुत और असाधारण है। इसके साथ ही कल्चरल मिनिस्ट्री के बड़े अधिकारीयों ने इस खोज को भूमध्यसागरीय खोज की सबसे बड़ी ऐतिहासिक खोज बताया है।
विसर्जित मूर्तियां जल में रही संरक्षित
अधिकारियों के द्वारा बताया जा रहा है कि यह खोज रियान ब्रांच खोज के बाद सबसे बड़ी और बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण खोज है। रियान ब्रांच खोज के समय प्राचीन काल के यूनानी योद्धाओं की एक विशाल जोड़ी की खोज की गई थी। आगे वे बताते हैं कि 1972 में इडली के समुद्री तटों पर इन विशाल मूर्तियों की खोज की गई थी।
उनका मानना है कि यह मूर्तियां हाइजिया, अपोलो और दूसरे ग्रीक रोमन देवताओं की मूर्तियों को मंदिर के पूजा स्थलों में रखा जाता था और यह मूर्तियों की पूजा की जाती थी। परंतु पहली शताब्दी के समय लोगों द्वारा किए गए धार्मिक अनुष्ठान के दौरान इन मूर्तियों को जल में विसर्जित कर दिया गया था, जिसके बाद से यह मूर्तियां जल में संरक्षित है।
बड़े बदलाव के लिए इन मूर्तियों का किया गया था विसर्जन
विशेषज्ञों ने उन मूर्तियों को विसर्जित करने का कारण बताते हुए कहां की पौराणिक समय में भी आज के समय के तरह मान्यताएं और ईश्वर के प्रति विश्वास हुआ करता था जिसके चलते उस समय के लोगों का विश्वास था कि उनके ऐसा करने पर उन्हें बहुत जल्द कुछ बड़ा बदलाव देखने मिलेगा।
ANCIENT BRONZE STATUES DISCOVERED IN ITALY
LOOK: Archaeologists in Italy have uncovered more than two dozen beautifully preserved bronze statues dating back to ancient Roman times in thermal baths in Tuscany.
| 📷: Ministero della Cultura/REUTERShttps://t.co/2fFbRpNEWh pic.twitter.com/m8J48UuBI3
— Inquirer (@inquirerdotnet) November 9, 2022
मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर के द्वारा बताया जा रहा है कि जिस समय यह मूर्तियां विसर्जित की गई थी। उस समय इटली के टस्कनी मैं बड़े बड़े बदलावों का समय चल रहा था। यह वही समय था जब एट्रस्केन के शासन का पतन हुआ और रोमन शासन प्रारंभ हुआ।
दो दर्जन मूर्ति और ढेर सारे सोने के सिक्के
इस खोज में कांस्य मूर्तियों के साथ करीब 6000 से ज्यादा सोना चांदी और कांस्य के सिक्के (Antique Coins) प्राप्त हुए हैं। खोज कर्ताओं ने बताया है कि यह मूर्तियां उन्हें सैन कैसियानो के गंदे पानी में मिली है। जो करीब 2000 वर्षों से उसी पानी में संरक्षित हैं, इन मूर्तियों की संख्या करीब 24 है।
Archeologists in Italy have discovered 2,300-year-old bronze statues dating back to ancient Roman times in thermal baths in Italy's Tuscany region https://t.co/BydqtpfxAs pic.twitter.com/K5XTzTA261
— Reuters (@Reuters) November 9, 2022
पुरातत्वविद की टीम द्वारा खोजे गए इन सभी प्राचीन सिक्कों और भगवान् की मूर्तियों का अध्यन किया जा रहा है। इसे एक बहुत बड़ी खोज बताया गया है। विदेशी मीडिया में एक खबर को बहुत ज्यादा महत्त्व दिया गया और पूरी दुनिया की नज़रें इटली पर टिक गई है।



