यहाँ पर महिला ने ‘आराधना धूप’ का खुदका स्वरोजगार शुरू किया, इससे अनेक महिलाओं को रोजगार मिला

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Aradhana Dhoop
Aradhana Dhoop VY Sushma Bahuguna Incense Making business. Uttarakhand woman making money from Aradhana Dhoop Incense sticks.

Tehri: एक समय ऐसा था कि जब महिलाएं केवल घर के कामकाज में ही अपना समय व्यतीत करती थी। पहले का दौर था जब आदमी बाहर जाकर कमा कर लाता था और महिलाएं घर में रहकर अपना ग्रहथ जीवन संभालती थी। परंतु आज का दौर है महिला पढ़ी लिखी हो या अनपढ़ सभी महिलाएं आत्मनिर्भर हैं और कमाती भी हैं साथ में अपना घर परिवार में भी सपोर्ट करती हैं।

वर्तमान समय की महिलाएं परिस्थितियों को देखते हुए स्वयं का स्टार्टअप करती हैं और उसे स्टार्ट आपको एक अलग ही मुकाम पर ले। हम बात कर रहे हैं, उत्तराखंड (Uttarakhand) की जो पहाड़ों का शहर है। पहाड़ों में बसी होने के कारण इस राज्य में रोजगार की बहुत समस्या है।

अक्सर लोग रोजगार की तलाश में अपना जन्म स्थान छोड़कर अन्य बड़े शहरों में जाकर बस जाते हैं। परंतु एक महिला ने अपने ही निवास स्थान पर रहते हुए ऐसा कामकाज शुरू किया कि खुद के साथ-साथ आसपास की कई महिलाओं को भी रोजगार का अवसर प्रदान किया आइए जाने उस महिला के बारे में।

आराधना धूप के नाम से शुरू किया व्यापार

उत्तराखंड के टिहरी (Tehri Garhwal) जिले के चंबा प्रखंड की रानीचौरी की रहने वाली सुषमा बहुगुणा (Sushma Bahuguna) एक सफल बिजनेसवुमन है। उन्होंने भगवान पर चढ़े हुए फूलों से आराधना धूप बनाने का कारोबार शुरू किया। आराधना धूप के नाम से शुरू हुआ उनका व्यापार आज भारत में उनकी पहचान बन गया है।

सुषमा बहुगुणा एक बहुत ही खास पर्सनालिटी हैं, उनके स्वरोजगार (self-employment) ने आज आसपास की कई महिलाओं को रोजगार दिया है। आज भी महिलाएं कुछ पैसे कमा कर अपने घर में मदद करती है और इसी के साथ सुषमा को खूब आशीष भी देती है।

आज के समय में सरकार हर किसी को नौकरी नहीं मुहैया करा पा रहे हैं, इसीलिए सरकार भी चाहती है कि उनके देश का युवा स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बने जिसकी पहल सभी देश की महिलाएं एवं पुरुष कर रहे हैं। सुषमा भी इस पहल की हिस्सेदार हैं, जिन्होंने न केवल खुद के लिए बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार देकर देश के हित में काम किया।

सुषमा बहुगुणा का संक्षिप्त परिचय

उत्तराखंड के एक छोटे से इलाके रानीचोरी के निवासी 33 वर्षीय सुषमा बहुगुणा काफी पढ़ी-लिखी और माइंडेड महिला है। उन्होंने M.A. और B.ed की शिक्षा प्राप्त की है। परंतु वे अपने शहर से बाहर नहीं निकलना चाहती थी बल्कि अपने ही शहर में रहकर कुछ ऐसा काम काज करना चाहती थी कि उन्हें अपने काम से एक पहचान मिल सके।

उन्होंने कुछ ऐसा ही किया जब उनके पति बेरोजगार हो गए उस समय उन्होंने नौकरी नहीं बल्कि व्यापार को चुना। चाहती थी कि उनकी ही तरह नौकरी तलाश करने वाली महिलाओं को भी रोजगार मिल सके जिससे उनका परिवार अच्छी तरह चल सके फिर उन्होंने इस्तेमाल किए हुए फूलों से अगरबत्ती धूप बत्ती बनाने का निर्णय लिया और वे इस कार्य में सफल भी हुई।

अपने काम के लिए ली ट्रेनिंग

सुषमा बताती है कि पे भगवान के ऊपर चढ़े पुष्प और शादी में उपयोग किए गए फूलों को एकत्रित कर उनकी अगरबत्ती और धूपबत्ती (Aradhana Dhoop Incense Sticks) का निर्माण करती हैं। उन्होंने इस काम के लिए सबसे पहले स्वरोजगार के माध्यम से ट्रेनिंग ली उसके बाद यह काम प्रारंभ किया। प्रारंभ में उन्होंने यह काम अकेले हैं किया जब उनका काम बढ़ गया।

तब उन्होंने अपने आसपास की दर्जनों महिलाओं को एकत्रित कर इस कार्य को शुरू किया और इस कार्य का नाम रखा आराधना धूप। आज आसपास की महिलाएं सुषमा के साथ एक पार्टनर की तरह काम करती है और पैसे कमाती हैं। आज उनका परिवार आर्थिक रूप से काफी मजबूत हो गया है क्योंकि वे स्वयं घर का काम करती हैं और खुद पैसे कमा कर घर में सपोर्ट।

नौकरी वालों के लिए एक सही उदाहरण पेश किया सुषमा ने

अक्सर युवा पढ़ लिखकर नौकरी की तलाश में एक शहर से दूसरी शहर की तरफ पलायन करते हैं नौकरी भी उन्हें ऐसी मिलती है कि वह खुद का ही गुजारा कर ले तो बहुत बड़ी बात होती है। ऐसे में सुषमा बहुगुणा उन लोगों के लिए एक सही उदाहरण पेश करती हैं।

सुषमा कहती है कि नौकरी अपनी जन्मभूमि बिछुड़ा देती है और नाही कोई अच्छी आय का स्रोत बनती है इसीलिए व्यापार नौकरी से कई गुना अच्छा होता है लोग स्थिर होकर अपने कामकाज को भली-भांति कर सकते हैं, साथ ही अपनी इनकम को भी काम के अनुरूप बढ़ा सकते हैं।

वे आगे कहती है कि नौकरी करने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनो और व्यापार में यदि आपके प्रोडक्ट की मांग है, तो मार्केटिंग की चिंता करना व्यर्थ है। इनका कहना है कि वे 1 महीने में करीब 5000 धूपबत्ती के पैकेट बनाकर आसानी से बाजार में बेच देती है और लगभग 50000 RS महीने का मुनाफा भी कमा लेती है। अभी अपना कारोबार बढ़ाने के विषय में विचार कर रही हैं। अब धूपबत्ती अगरबत्ती के साथ में हवन सामग्री भी बनाकर बेचने का विचार बना रही है।

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