इन्होने बहुत कम उम्र में अपने पिता को खोया, चार साल सन्यासी जीवन जिया, अब करोड़ों रुपये कमा रहे

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Vivek Bindra
Success Story of Vivek Bindra Who Is CEO of Bada Business Dot Com. His YouTube Channel is Dr. Vivek Bindra: Motivational Speaker.

Ahmedabad: आज के इस युग में यह कहना गलत नहीं होगा की लोगों के पास धैर्य रख पाना बहुत कठिन हो गया है यदि हम देखें कि कोई भी छात्र व्यवसाययि या वह व्यक्ति जो किसी कार्य में सफलता पाना चाहता है और यदि वह उस कार्य में सफल नहीं हो पा रहा है।

बार-बार उसके हाथ असफलता लग रही है, तो वह व्यक्ति बहुत जल्दी निराश हो जाता है और उस व्यक्ति का अपने कार्य के प्रति रुझान घट जाता है। यह दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि वह अपना हौसला खो देता है और अपने लक्ष्य से भटक जाता है, तभी हम कहते हैं लोगों में धीरज खत्म हो रहा है।

आज के इस समय में ऐसे व्यक्तियों को डॉक्टर विवेक बिंद्रा के मोटिवेशनल वीडियो और पोस्टों को देखना बहुत ही फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि डॉ विवेक बिंद्रा भी एक जमीनी स्तर से अपने कार्य को शुरू करते हुए और ढेर सारी परेशानियों को झेलते हुए ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं और उनके मोटिवेशनल वीडियो इन्हीं लोगों को ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए है, जो लगातार असफल होकर हताश हो चुके है।

डॉ. विवेक बिंद्रा का परिचय

वर्तमान में विवेक बिंद्रा एक मोटिवेशनल स्पीकर हैं और इनका निवास गृह दिल्ली में है। मोटिवेशनल स्पीकर के साथ साथ यह संस्थापक ग्लोबल एक्ट, एक लेखक, यूट्यूबर, कॉर्पोरेट ट्रेनर, बिजनेस कंसल्टेंट और लाइफ कोच के साथ-साथ badabusiness.com के संस्थापक और सीईओ भी हैं।

इनका बचपन बहुत ही संघर्षपूर्ण व्यतीत हुआ। ढाई वर्ष की उम्र में अनाथ होकर उन्होंने कितनी तकलीफों और परेशानियों को झेलकर आज इस मुकाम को पाया है। इस बात को समझ पाना हर किसी के वश की बात नहीं है।

ढाई वर्ष की उम्र में पिता को खोकर हुए अनाथ

डॉक्टर विवेक बिंद्रा का जन्म भारत की राजधानी दिल्ली में 5 अप्रैल 1978 को हुआ और जब वह केवल ढाई वर्ष के थे, तब उनके पिता का देहांत हो गया और वह अनाथ हो गए और कुछ समय बाद ही उनकी मां ने भी दूसरी शादी करके अपना घर बसा लिया इस प्रकार डॉक्टर विवेक बिंद्रा माता-पिता दोनों से ही मेहरूम हो गए।

हम जानते हैं कि माता पिता के बगैर एक बच्चे का जीवन कितना कठिन होता है और डॉक्टर विवेक बिंद्रा की जिंदगी में एक ऐसा समय भी आया जब उनके पास अपना कहने के लिए कोई भी नहीं था और उस समय डॉ विवेक बिंद्रा बहुत ही निराश और हताश हो गए थे।

तब उन्होंने वृंदावन में एक साधु के रूप में अपने जीवन के 4 बरस दिए जिसमें उनके गुरु ने उन्हें अपने सत्य वचनों से प्रेरित किया और उनके मन की निराशा को दूर करने की भरपूर कोशिश की। उनके गुरु ने उन्हें श्रीमद भागवत गीता की शक्ति के बारे में पूर्ण जानकारी दी और उन्हें श्रीमद भागवत गीता पढ़ने के लिए कहा।

बिजनेसमैन बनने का विचार

डॉ विवेक बिंद्रा (Dr. Vivek Bindra) ने एक बिजनेसमैन (Businessman) बनने के लिए एमबीए की पढ़ाई की। वह किसी भी कंपनी में नौकरी करना नहीं चाहते थे, बल्कि एक बिजनेसमैन बनना चाहते थे, परंतु वो यह भी सोचते थे कि हर व्यक्ति बिजनेस करना चाहता है और अपने बिजनेस को बढ़ते हुए देखना चाहता है, लेकिन वो सफल नहीं हो पाता इसकी क्या वजह हो सकती है।

इनके इस विचार ने उनके लिए आगे बढ़ने का रास्ता खोल दिया, विवेक बिंद्रा ने यह विचार किया कि वह ऐसे लोगों को मोटिवेट करेंगे, जो अपने कार्य में असफलता प्राप्त करने के बाद निराश और हतोत्साहित हो चुके हैं, इन्हीं लोगों को मोटिवेट करने के लिए उन्होंने यूट्यूब को चुना।

अपने यूट्यूब चैनल (Youtube Channel) पर मोटिवेशनल वीडियो (Motivational Video) बनाकर लोगों तक पहुंचाएं, ताकि अपने कार्य में असफल लोग जो निराश हो चुके हैं। वह मोटिवेट हो और उनमें जो निराशा की भावना भरी हुई है वह खत्म हो सके।

डॉ विवेक बिंद्रा के गुरुजी के आशीर्वाद से उन्होंने श्रीमद भागवत गीता (Shrimad Bhagwat Gita) के ज्ञान को अपने जीवन में अपनाया और अपने निराशाजनक विचारों को बदलने की भरपूर कोशिश की और जिस में वह पूरी तरह से सफल हो गए। इस विचार ने उन्हें पूरी तरह से जोश से भर दिया और उन्हें अपने अंदर एक नई ऊर्जा और शक्ति का संचार महसूस हुआ जिसे वह लोगों को बताने के लिए उत्सुक हो उठे।

बने यूटूबर

जब लोगो को उनके मोटिवेशनल वीडियो और बिचारपसंद आने लगे तो उनके फॉलोअर की संख्या बढ़ने लगी और उन्होंने मोटिवेशनल स्पीकर नाम से एक यूट्यूब चैनल की शुरूआत की और लोगो को मोटिवेट करना शुरू किया। उनके वीडियोज को देखने के लिए लाखों लोगो ने उनके चैनल को सब्सक्राइव किया और आज की स्थिति में उनके यूट्यूब चैनल के 19.1 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं।

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