राजस्थान की यह बेटी चौथे प्रयास में ऐसे UPSC क्रैक कर IAS अधिकारी बनी, महिलाओं के लिए मिसाल

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Pari Bishnoi IAS
IAS Pari Bishnoi Biography In Hindi. Success story of IAS officer Pari Bishnoi who is selected in IAS-2019 and got rank 30 in all India merit.

Jaipur: भारत में ज्यादातर बच्चों का बचपन में ही सपना हो जाता है कि वह बड़े होकर डॉक्टर बनेंगे इंजीनियर बनेंगे या पायलट बनेंगे। यह तीनों सबसे कॉमन कैरियर है, हर पेरेंट्स चाहते है कि उनके बच्चे कुछ ऐसा कर दिखाएं। इसलिए आप आसपास नजर घुमाएंगे तो बच्चे नौवीं और दसवीं क्लास पास करने के बाद ही इन सपनों को पूरा करने के लिए देश की बड़ी-बड़ी कोचिंग संस्थानों में दिन रात तैयारी में जुट जाते हैं।

काफी बच्चे इसमें सफल भी हो जाते हैं, परंतु इनके बीच में ही कुछ ऐसे रेयर स्टूडेंट पाए जाते हैं, जिनका सपना बचपन से आईएएस या आईपीएस (IAS-IPS) बनने का होता है। यह दोनों ही पद काफी रौबदार है लेकिन उन्हें पाना उतना ही कठिन क्योंकि इनकी परीक्षा तीन स्तर पर होती है। पहला स्टेप है प्री एग्जाम, दूसरा स्टेप होता है मेंस एग्जाम, और तीसरे स्टेप में होता है, पर्सनल इंटरव्यू जो काफी कठिन माना जाता है।

ऐसा बताया जाता है कि इन इंटरव्यूज में साधारण सवाल ना पूछ कर के कुछ ऐसे सवाल पूछे जाते हैं जिन के कई जवाब हो सकते हैं और सारे के सारे सही होते हैं इसलिए कई बच्चे इंटरव्यू पर आकर भी अटक जाते हैं। परंतु जो इन तीनों स्टेप को पूरा करके आईएएस-आईपीएस बनता है, उनकी बाकी की जिंदगी एक शानदार सफर बन जाती है।

UPSC HQ
Union Public Service Commission

आज हम ऐसे ही राजस्थान (Rajasthan) की एक छोरी की बात करने वाले हैं, जिसने तीन बार लगातार फेल होने के बावजूद भी हिम्मत नहीं हारी और अंततः आज आईएएस अधिकारी बनकर देश के एक बड़े सेक्टर को संभाल रही हैं।

राजस्थान के शहर से ताल्लुक रखती हैं परी बिश्नोई

दोस्तों किसी ने नहीं सोचा होगा कि 26 फरवरी 1996 को बीकानेर में जन्म लेने वाली परी विश्नोई (IAS Pari Bishnoi) एक दिन अपने समाज की पहली आईएएस अधिकारी बन के परिवार का नाम रोशन करेगी। परी के पिताजी श्री मनीराम विश्नोई जी पेशे से एक वकील है, वहीं इनकी माता जी श्रीमती सुशीला एक पुलिस अधिकारी के तौर पर पदस्थ है।

यह मूलतः अजमेर राजस्थान के रहने वाले हैं। इन्होंने परी को बचपन से ही एक बड़ी सोच के साथ उसकी परवरिश की और उन्हें यह फ्रीडम दिया कि, वह अपने कैरियर के तौर पर एक ऊंची उड़ान भर सकें। जिसका नतीजा हम सबके सामने हैं।

12वीं की पढ़ाई अपने शहर से करने के बाद दिल्ली की ओर रुख किया

परी की बेसिक एजुकेशन की बात की जाए तो इन्होंने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई अजमेर के सेंट मैरी कॉन्वेंट स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद ही उन्हें यह तय कर लिया कि आगे चलकर उन्हें आईएएस बनना है और इस सपने को मजबूत करते हुए इसकी बेहतर तैयारी के लिए दिल्ली शिफ्ट हो गई।

ग्रेजुएशन दिल्ली की यूनिवर्सिटी से पूरा किया। बाद में पॉलिटिकल साइंस से पोस्ट ग्रेजुएशन इन्होंने अजमेर की एमडीएस कॉलेज से पूरा किया। जैसे ही एकेडमिक क्वालीफिकेशन कंप्लीट हुई यह अपने सपने को पूरा करने के लिए सरकारी जॉब की तैयारी में जुट गई।

लगातार तीन अटेम्प्ट में असफल रही पर हिम्मत ना हारी

यूपीएससी की तैयारी के दौरान परी विश्नोई लगातार एक के बाद एक तीन अटेंड ट्राई करने के बाद भी सफल ना हो सकी। इस दौरान नेट जेआरएफ नाम की एग्जाम क्वालीफाई की परंतु उनका सपना आईएएस बनने का इतना मजबूत था कि उन्होंने इसके लिए त्याग कर किया।

Pari Bishnoi IAS Officer
IAS Officer Pari Bishnoi Photo From Twitter

उन्होंने नेट के रिजल्ट को दरकिनार करते हुए खुद को झोंक दिया आईएएस की तैयारी के लिए। जिसका नतीजा ये हुआ कि 2019 में ऑल इंडिया 30वीं रैंक (UPSC 2019 Rank 30) लाते हुए आखिरकार 4th अटेम्प्ट में परी विश्नोई ने अपना आईएएस एग्जाम क्वालीफाई कर लिया।

परी विश्नोई के 86000 से भी अधिक फॉलोअर हैं सोशल मीडिया पर

आईएएस बनने के बाद वर्तमान में परी विश्नोई को सरकार ने असिस्टेंट सेक्रेटरी के तौर पर पदस्थ किया है मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस डिपार्टमेंट के अंतर्गत। परी सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव है जिस वजह से उनके 86000 से भी अधिक फॉलोअर है जो, उनके हर पोस्ट और रील पर कमेंट करते हैं और अक्सर इनसे अपने कैरियर के लिए प्रेरणा लेते हैं।

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