ये बेटी बिना कोचिंग किये Self-Study के दम पर IAS बनी, पूरे गांव में परिवार का नाम रौशन किया

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Mamta Yadav IAS
Succes Story of Mamta Yadav, who became first IAS officer from her village by securing AIR 5 in UPSC 2020. She Cleared UPSC without coaching.

Photo Credits: Twitter(@mamtayadav26apr)

दोस्तों सफलता केवल मेहनत मांगती है, जरूरी नहीं है कि बड़े-बड़े रईसों को ही यह सफलता हाथ लगे। भारत में ढेरों ऐसे लोग हैं जो यूपीएससी की तैयारी ऐसे माहौल में करते हैं जब उनके पास उनके जीवन में कोई विशेष संसाधन नहीं होते। कई बार तो लोगों ने आर्थिक तंगी में भी यूपीएससी की तैयारी करके सफलता प्राप्त की है।

कहते हैं सफलता उन्हीं को प्राप्त होती है जो धैर्य के साथ मेहनत करता है उसे एक दिन में नहीं परंतु एक दिन सफलता जरूर मिलती है। यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षा में से एक मानी गई है इस परीक्षा में 3 चरण होते हैं। यदि दो चरण में पास होने के बाद यदि एक चरण में फेल हो जाते हैं, तो हमें दोबारा से अनुभव के साथ पहले चरण से शुरुआत करनी पड़ती है। इसीलिए यह परीक्षा कठिन मानी गई है।

इस परीक्षा सफलता प्राप्त करने के लिए लोगों को 3 से 4 वर्ष लग जाते हैं। कुछ लोग ऐसे हैं, जो पहले ही प्रयास नहीं अच्छी रैंक के साथ इस में सफलता प्राप्त कर लेते हैं परंतु कुछ ऐसे भी हैं जो 4 से 5 प्रयास के बाद इस सफलता को प्राप्त कर पाते हैं।

अपने गांव की पहली आईएएस बनी ममता यादव

हरियाणा (Haryana) राज्य के अंतर्गत आने वाला महेंद्रगढ़ (Mahendragarh) जिले के एक छोटे से गांव जिसका नाम बसई है, के रहने वाली ममता यादव अपने गांव की पहेली आईएएस अधिकारी (IAS Officer) हैं। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त करना अपने आप में ही एक उपलब्धि है। इस बात को साबित किया ममता यादव ने 24 वर्ष की उम्र में अपने गांव का नाम रोशन किया है ममता यादव ने।

वे बताती है कि जब उनका यूपीएससी का रिजल्ट आया तब पूरे गांव में खुशी की लहर थी, उनकी उपलब्धता से पूरा गांव खुशी मना रहा था, क्योंकि ममता यादव उस गांव की पहली शिक्षित और एक आईपीएस ऑफिसर बनने वाली महिला थी।

UPSC HQ
Union Public Service Commission

वर्ष 2020 में आयोजित यूपीएससी की परीक्षा में ममता यादव (IAS Mamta Yadav) ने ऑल इंडिया रैंक में पांचवा स्थान (5th Rank In UPSC Exam) प्राप्त किया और आईएस पद के लिए चुनी गई। यूपीएससी में सफलता प्राप्त करने के बाद उनका परिवार काफी खुश था साथ ही गांव की लड़कियों को भी सिविल सेवा में आगे जाने की प्रेरणा मिली।

बात करें ममता की शिक्षा की

दोस्तों ममता यादव ने अपनी 12वी की पढ़ाई के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष में उन्होंने यूपीएससी की तैयारी प्रारंभ कर दी। पहले उन्होंने दिल्ली के नामचीन संस्था से कोचिंग की और साथ ही Self Study भी करती रही। उसके बाद उन्होंने केवल सेल्फ स्टडी करके लगातार दो बार यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त की।

जी हां दोस्तों ममता यादव ने दूसरे प्रयास में आईएएस अधिकारी का पद प्राप्त किया है। पहले प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक में 556 भी रैंक हासिल की थी, जिससे उन्हें भारतीय रेलवे कार्मिक सेवा पद के लिए चुना गया था। परंतु उनका लक्ष्य आईएएस अधिकारी बनना था इसीलिए वे लगातार अपना अध्ययन करती रही और वर्ष 2020 में ऑल इंडिया रैंक में पांचवा स्थान पाकर आईएएस पद के लिए चुनी गई।

यूपीएससी परीक्षा में पास होने की बनाई रणनीति

ममता यादव ने अपने इंटरव्यू के दौरान बताया कि उन्होंने इस परीक्षा को पास करने के लिए एक सटीक रणनीति बनाई जिसके कारण आज भी सफल हो सकी है। वे बताती हैं कि उन्होंने अपना फेस मजबूत करने के लिए प्रारंभ में ट्यूशन का सहारा लिया।

ट्यूशन के साथ-साथ में 8 से 10 घंटे सेल्फ स्टडी करती थी, परंतु उनका कहना है कि कहीं ना कहीं कुछ छूट रहा था जिस वजह से उन्होंने दूसरे प्रयास के समय 10 से 12 घंटे पढ़ाई करना प्रारंभ किया उन्होंने ज्यादा समय self-study को दिया। और ज्यादा से ज्यादा टेस्ट लगाए जिससे उन्हें अपनी मनचाही सफलता प्राप्त हुई।

ममता यादव बताती हैं जब उनका रिजल्ट घोषित हुआ, तो उनके परिवार में और पूरे गांव में खुशी की लहर थी। इतना ही नहीं यूपीएससी परीक्षा में 2 बार सफलता प्राप्त करने के बाद उन्होंने एसएससी की परीक्षा में भी सफलता प्राप्त की थी। परंतु उनका लक्ष्य और सपना केवल यूपीएससी ही थी, इसीलिए आज भी अपने लक्ष्य को पास कर सकी।

माता-पिता का बढ़ गया मान

ममता बताती है कि उनके पिता एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं और माता एक ग्रहणी है, इसके बावजूद भी उनके माता पिता ने अपनी बेटी को एक अच्छा एजुकेशन दिया। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर यूपीएससी की परीक्षा तक की पढ़ाई दिल्ली से की।

ममता के पिता का कहना है कि उनकी बेटी ने उनका सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है। माता-पिता कहते हैं कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि उनकी बेटी की सफलता इतनी बड़ी है। ममता के पिता का कहना है कि आज जो कुछ भी मांगता है वह उसकी मां की वजह से है।

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