
Samastipur: दोस्तों हमारे देश में बचपन से ही बच्चों को पेरेंट्स एक ही बात सिखाते हैं कि, मन लगाकर पढ़ाई करो अगर अच्छा कैरियर बनाना चाहते हो। अच्छे कैरियर के नाम पर सबसे अधिक बच्चे डॉक्टर या इंजीनियर बनना चाहते हैं। परंतु देश के कुछ और ऐसे प्रशासनिक पद हैं, जिन पर पहुंचने का सपना भी बहुत से स्टूडेंट देखते हैं। जैसे आईएएस अर्थात कलेक्टर, आईपीएस अर्थात इंडियन पुलिस सर्विस।
यह वह पद है जिनका प्रभाव समाज में अत्यधिक होता है। इसलिए यह परीक्षा क्वालीफाई करना भी उतना ही कठिन है। लाखों स्टूडेंट्स में से कुछ सैकड़ा बच्चे ही इस एग्जाम को क्वालीफाई कर पाते हैं, वह भी कई कई साल की तैयारी के बाद। ऐसे ही न्यायिक परिषद द्वारा भी सिविल जज की भर्ती के लिए परीक्षाएं आयोजित की जाती है। जो बहुत कठिन होती है।
अभी हाल ही में बिहार राज्य ने 31वीं बार सिविल जज की परीक्षा (Civil Judge Exam) आयोजित की थी, जिसे एक बेहद छोटे गांव के रहने वाले सौरव पासवान (Saurav Paswan) ने अपने प्रथम अटेंट में ही पास कर लिया आइए जानते हैं, कौन है सौरव पासवान और इनकी कहानी।
सौरभ बिहार के इस गांव एवं तालुका से रखते हैं संबंध
दोस्तों बढ़िया से मिली जानकारी के अनुसार सौरभ पासवान जोकि समस्तीपुर (Samastipur) जिले के अंतर्गत आने वाले लोकनाथपुर गंज के रहने वाले हैं। इनके पिता समस्तीपुर के दलसिहराय नगर परिषद के नवनिर्वाचित पार्षद हैं। जिनका नाम राजेश पासवान है।
वहीं इनकी माताजी आंगनवाड़ी सेविका छाया कुमारी है। सौरभ की न्यायिक परीक्षा पास होने के बाद सबसे ज्यादा खुशी उनके मां-बाप को है, क्योंकि यह क्षण एक पेरेंट्स के लिए बहुत कीमती होता है जब उनके बच्चे समाज में किसी ऊंचे मुकाम पर पहुंचते हैं।
इस मुकाम तक पहुंचने के लिए सौरव और उनके परिवार ने काफी मेहनत की है। यह कहना गलत नहीं होगा कि सौरव पासवान ने ना केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया बल्कि पूरे दलसिहराय नगर परिषद को बिहार में पहचाना जाने लगा।
सौरभ पासवान की पढ़ाई इन स्कूल एवं कॉलेज से हुई
बातचीत के दौरान सौरव के पिता राजेश पासवान ने बताया किशोर की शुरुआती पढ़ाई जलती रहे नगर के ही एक छोटे से स्कूल धनप्रिया विद्यालय से शुरू हुई थी। वही छत्रधारी इंटर स्कूल से इन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा कंप्लीट की।
दोस्तों ग्रेजुएशन के लिए इन्होंने दक्षिण बिहार विश्वविद्यालय गया जिले की ओर अपना रुख किया। जहां से बीएससी की डिग्री हासिल करने के बाद कानूनी विषय में एलएलबी की उपाधि पाई। तत्पश्चात कानूनी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन भोपाल के राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय द्वारा पूर्ण की। आपको बता दें वह वर्तमान में कानूनी विषय पर पीएचडी रांची के यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च से कर रहे हैं। साथ ही बिहार न्यायिक परीक्षा में चयन भी पा चुके हैं।
न्यायिक सेवा परीक्षा में सफलता के बाद बधाइयों का लगा तांता
दोस्तों जैसे ही सौरव पासवान के बिहार न्यायिक सेवा परीक्षा में चयन का समाचार लोगों तक पहुंचा उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। जिनमें कई समाज के बुद्धिजीवी भी शामिल हैं। जैसे पूर्व एडीजी अनिल चौधरी, श्रवण पोद्दार, विजय शंकर पोद्दार, रवि पोद्दार, राजीव चौधरी, भाजपा के नेता अनिल कुमार सिंह, शंभू शाह, उप मुख्य पार्षद चंदन प्रसाद, जदयू की नेत्री स्वीटी प्रिया, समाजसेवी अनिल सिंह पीपी, सत्यवंत चौधरी, राजीव चौधरी, अधिवक्ता संतोष कुमार सिंह इत्यादि शामिल है।
कौन आयोजित करता है बिहार की न्यायिक परीक्षा
दोस्तों बिहार में सिविल जज की वैकेंसी को भरने के लिए बिहार हाई कोर्ट हर वर्ष बिहार न्यायिक परीक्षा अर्थात बीपीएससी का एग्जाम बिहार लोक सेवा आयोग संस्था के माध्यम से आयोजित करता है। इस परीक्षा में मुख्यतः तीन चरण होते हैं पहला प्रीलियम्स, दूसरा मेंस एवं तीसरा पर्सनल इंटरव्यू इन तीनों को क्वालीफाई करने के पश्चात ही एक कैंडिडेट सिविल जज के पद तक पहुंच पाता है।




