चपरासी पिता ने गरीबी में बेटे को पढ़ाया, बेटा कड़ी मेहनत से IPS अधिकारी बन गया, प्रेरणादायक कहानी

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IPS Officer Noorul Hasan
IPS Officer Noorul Hasan Story Will Motivate You. 22-year-old Noorul Hasan hails from Peelibheet District of UP Is IPS officer of 2014 batch.

Pilibhit: जैसे कि हम जानते हैं कि यूपीएससी की परीक्षा देश की सबसे जटिल परीक्षा है। इस परीक्षा में 3 चरण होते हैं यदि दो चरण पास करने के बाद आखिरी चरण में फेल हो जाते हैं, तो इसकी शुरुआत दोबारा पहले चरण से करनी होती है, इसीलिए यह परीक्षा और भी ज्यादा जटिल हो जाती है, इसके बावजूद भी देश के 80 फ़ीसदी युवा यूपीएससी को अपना करियर चुनते हैं।

हर वर्ष लाखों युवा अपने अपने सपनों के साथ इस परीक्षा में बैठते हैं, जिनमें से कुछ ही लोग चुने जाते हैं। यूपीएससी की परीक्षा हमेशा अपने उम्मीदवारों से त्याग और परिश्रम मांगती है। कुछ लोग अभाव के कारण अपने सपने को छोड़कर कहीं और खुद को सफल बनाने की कोशिश करते हैं, तो कुछ ऐसे भी होते हैं जो परेशानियों को अपनी परीक्षा मानकर आगे बढ़ते हैं।

ऐसा माना जाता है कि सफलता किसी अमीर बाप की चाकरी नहीं करती। देश के सभी आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की सफलता किसी ना किसी प्रकार के त्याग और परिश्रम के बाद ही मुकम्मल हो पाई है।

आज हम एक ऐसे आईपीएस अधिकारी (IPS Officer) बात करेंगे, जिसने अपना पूरा जीवन गरीबी में बताया उस व्यक्ति के पिता ने चपरासी (Peon) का कार्य करके न केवल अपने बच्चे को पढ़ाया बल्कि पूरा परिवार संभाला। इसके बाद आज यूपीएससी की परीक्षा में सफलता मिलने पर इस व्यक्ति के माता-पिता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया। यह जाने आईपीएस अधिकारी नूरल हसन (IPS Noorul Hasan) के बारे में।

आईपीएस नुरुल हसन

दोस्तों आज हम आईपीएस नुरुल हसन के बारे में जानेंगे। उनकी सफलता के बारे में और इस परीक्षा को पास करने की रणनीति के विषय में आज हम जानेंगे। जानकारी के अनुसार आपको बता दें नूर अल हसन महाराष्ट्र कैडर में आने वाले आईपीएस अधिकारी हैं। वे उत्तर प्रदेश राज्य (Uttar Pradesh) के पीलीभीत (Pilibhit) जिले के रहने वाले हैं। नूर अल हसन देश के उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो आईएएस या आईपीएस अधिकारी बनने का सपना देखते हैं।

IPS Noorul Hasan
IPS Noorul Hasan Photo Source Twitter

उन्होंने अपना जीवन काफी अभावग्रस्त बिताया है, परंतु वह हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति अग्रसर रहें। वर्तमान में वे धर्माबाद में एएसपी के पद पर कार्यरत हैं। दोस्तों नूरल हसन कम उम्र के यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) में अच्छे अंक के साथ पास होने वाले आईएएस अधिकारी हैं और उनके काम को खूब पसंद करते हैं।

नूर हसन के अंदर काम करने का और समाज के लोगों के साथ जोड़ने का एक अलग ही गुण है। वह बहुत जल्दी लोगों के साथ घुलमिल जाते हैं और लोगों की बहुत जल्द पहचान कर लेते हैं। आज हम इस लेख के माध्यम से उनके संघर्षमय जीवन के बारे में जानेंगे।

नूरल हसन की शुरुआत

दोस्त आपको बता दे नूर अल हसन उत्तर प्रदेश राज्य के अंतर्गत आने वाला पीलीभीत जिले के एक छोटे से गांव जिसका नाम हररायपुर है। वे यहां के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अपने गांव के हिंदी मीडियम स्कूल से की थी। उनके लिए यूपीएससी का सफर काफी कठिन था।

एक छोटे से गांव और प्रारंभिक शिक्षा हिंदी मीडियम से होने के कारण उन्होंने यूपीएससी का सफर काफी मुश्किलों से सफलता पूर्वक पूर्ण किया है। उनके समय में कक्षा 6 तक केवल अंग्रेजी वर्णमाला की शिक्षा दी जाती थी, जिसके कारण उनका अंग्रेजी का बेसिक ज्ञान बहुत कम था।

उन्होंने अपनी कक्षा 10वीं और 12वीं की पढ़ाई अच्छी जगह से की है गुरुनानक हायर सेकेंडरी स्कूल, भैसा से उन्होंने कक्षा दसवीं पास की और कक्षा बारहवीं मनोहर भूषण इंटर कॉलेज बरेली से पास की। इसका कारण उनके पिता की नौकरी थी जो गांव से निकलकर एक शहर में लग गई थी।

नूर अल हसन हिंदी मीडियम से होने के बावजूद भी काफी इंटेलिजेंट थे, इसीलिए सभी कक्षाओं में टॉप आते रहे। उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से की। उन्होंने वर्ष 2009 में बी.टेक की डिग्री हासिल की।

यूपीएससी परीक्षा के लिए रखा पहला कदम

हसन बताते हैं कि जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ही वह जगह है, जहां उन्होंने पहली बार प्रतियोगिता का मतलब समझा। यह वही जगह थी, जहां उन्होंने यूपीएससी परीक्षा के विषय में समझा और इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का निर्णय लिया।

आगे भी बताते हैं कि उन्होंने अपना बी टेक का कोर्स कंप्लीट करने के बाद एक कंपनी में पहली बार नौकरी की। नौकरी करने का उद्देश्य अपने घर की आर्थिक स्थिति को सुधारना था। उन्हें पहली नौकरी भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में ग्रेड 1 अधिकारी के पद मिली। उन्होंने यहां एक वर्ष नौकरी की उसके बाद वर्ष 2012 से यूपीएससी की परीक्षा में जुट गए।

नूरुल हसन का आज के यूपी उम्मीदवारों के लिए संदेश

वर्ष 2012 से उन्होंने यूपीएससी की तैयारी प्रारंभ की और वर्ष 2015 में उन्हें यूपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त हुई 3 वर्ष तक उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता करने के लिए खुद को शिक्षित किया और इस परीक्षा की रणनीति को समझा। वर्ष 2015 में 625 वी रैंक हासिल कर आईपीएस के पद के लिए चुने गए।

नूरुल हसन का कहना है कि उनका सपना पूरा हो गया है। वे यूपीएससी के उम्मीदवारों के लिए यह कहना चाहते हैं कि बार-बार असफलता मिलने के बाद भी कभी पीछे नहीं हटना लगातार मेहनत करते रहना सफलता एक दिन जरूर हासिल होगी।

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