उत्तराखंड की बेटी प्रियंका ने किया कमाल, इस कारण ISRO चीफ द्वारा गोल्ड मेडल से सम्मानित हुई

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Priyanka Dangwal IIT
ISRO Chief Somnath felicitated Priyanka Dangwal At IIT Kerala. Uttarakhand Tehri daughter Priyanka Dangwal is topper of IIT Kerala.

Tehri: आज के दौर में यदि महिलाओं की तरक्की की बात की जाए तो महिलाएं पुरुषो से कई कदम आगे निकलेगी है। देश के कोने कोने से महिला अपना नाम इतिहास के पन्नो में दर्ज करवाने में लगी है। इस समय की बेटियां बेटों से कम नहीं है। आज की बेटी घर की चार दिवारी से निकल कर शिखर को छूने की हिम्मत रखती है।

हम बात करेंगे उत्तराखंड (Uttarakhand) की एक ऐसी बेटी की, जिसने उत्तराखंड के साथ साथ पूरे भारत देश का नाम रोशन कर दिया। जी हां दोस्तों प्रियंका डंगवाल (Priyanka Dangwal), टिहरी की प्रियंका डंगवाल ने पलक्कड़ आईआईटी में किया टॉप, मिसाइल मैन एस सोमनाथ के हाथों गोल्ड मेडल मिला।

उत्तराखंड की बेटियां हर फील्ड में देश प्रदेश का नाम ऊंचा कर रही हैं। टिहरी (Tehri) की प्रियंका डंगवाल ने केरल के पलक्कड़ आईआईटी (Kerala IIT) में टॉप करके सफलता के मुकुट पर एक और हीरा जड़ दिया है।

अब मद्रास आईआईटी से एमटेक कर रहीं प्रियंका देश और समाज के लिए कुछ करना चाहती हैं, तो उनके माता पिता का कहना है कि बेटियों को खुलकर जीने दें, जो अब एक गोल्ड मेडलिस्ट है। उन्होंने आईआईटी में टॉप करके ये कामयाबी हासिल की है। चलिए अब हम विस्तार से जानते है इनके बारे में।

कोन है प्रियंका डंगवाल

उत्तराखंड के टिहरी के सिराई गांव की रहने वाली प्रियंका डंगवाल बेहद होनहार और काबिल है। उन्होंने केरल से इलेक्ट्रिकल्स में आईआईटी कर टॉप करके गोल्ड मेडल हासिल किया है। प्रियंका की कामयाबी पर ISRO के चीफ और चंद्रयान 3 की सफलता की जिम्मेदारी निभाने वाले वैज्ञानिक एस सोमनाथ (ISRO Chief S Somnath) ने उन्हें अपने हाथों से गोल्ड मेडल से सम्मानित किया।

आपको बता दें प्रियंका एक शिक्षित परिवार से ब्लॉन्ग करती है उनके पिता रमेश डंगवाल चंबा ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल तसनी के शिक्षक है, वही उनकी मां उषा डंगवाल देहरादून के डालनवाल में प्राइमरी शिक्षिका है।

प्रियंका की गिनती ब्रिलियंट स्टूडेंट में होती है वे पढ़ाई के प्रति शुरू से ही गंभीर रहती थी। इसी का नतीजा है की कक्षा 10 वी में उन्होंने 98.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे और कक्षा 12 वी में 98 प्रतिशत अंकों के साथ दून ब्लॉसम स्कूल में टॉप आई थी।

बेटियां बेटों से नही है कम

प्रियंका का कहना है कि बेटियां किसी पर बोझ नहीं होती। उन्हें स्वयं अपना स्वर्णिम इतिहास लिखना आता है। उनका कहना है उनके माता पिता ने उनका बेहद सपोर्ट किया लेकिन समाज में कुछ अपवाद अभी भी है जो बेटियों को पराया धन समझते है और उनकी सीमा घर की चार दिवारी तक ही निर्धारित करके रखते है। लेकिन आज बेटियां आसमान छूने की तैयारी में है।

यदि बेटा कुल का दीपक होता है तो बेटियां भी घर की शान से कम नहीं। प्रियंका के माता पिता ने उन्हे आगे बढ़ने में जी जान से मेहनत की। उनके घर का वातावरण भी शिक्षित था, तो उसका पूरा-पूरा असर था। प्रियंका अब आगे भी मेहनत करके देश हित में कुछ बेहतर करना चाहती है।

एमटेक की कर रही पढ़ाई

इलेक्ट्रिकल्स से बीटेक करने के बाद अब प्रियंका एमटेक करना चाहती है उन्होंने मद्रास यूनिवर्सिटी में एमटेक के लिए एडमिशन ले लिए है। प्रियंका का विजन एक दम साफ और दृढ़ है। वे विदेश की किसी कंपनी में काम सीख कर देश के लिए कुछ बेहतर करना चाहती है।

उनका कहना है की उन्हें अपनी भारत भूमि से बहुत प्यार है, वे विदेश में बसना नही चाहती बल्कि वहां से काम को और बेहतर तरीके से सीख कर भारत में ही काम करना चाहती है। जिससे देश का विकास हो सके।

बड़ी बड़ी कंपनिया दे रही ऑफर

आईआईटी टॉपर प्रियंका को देश विदेश से जॉब के कई सारे ऑफर आ रहे है। जो अच्छे खासे पेकेज पर है लेकिन प्रियंका का कहना है वे किसी ऐसी कंपनी में काम करना चाहती है, जिससे वे देश के विकास को लेकर कुछ बेहतर सीख सके।

वे किसी भी कंपनी में काम करके अपना समय खराब नही करना चाहती। फिलहाल उनका पूरा फोकस एमटेक की पढ़ाई पर है इसके बाद वे आगे जॉब करने के विषय में सोचेंगी। एक नंबर न्यूज की तरफ से प्रियंका को उनके भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामना।

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