अमेरिका के बैंक में नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू की, पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली

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IFS Sadaf Choudhary
This girl Sadaf Chaudhry Left American bank job and cracked UPSC exam. Sadaf Choudhary secured 23rd rank in the UPSC Exam 2020.

Roorkee: सिविल सर्विसेज भारत का सबसे प्रतिष्ठित पद माना जाता है। यूपीएससी परीक्षा (UPSC Exam) में सफलता प्राप्त करने के बाद एक अधिकारी को भारत सरकार का हिस्सा बन कर काम करने का मौका मिलता है। देश का हर युवा सपना देखता है कि वह अपने देश के लिए कुछ काम कर सके साथ ही नाम और शोहरत दोनों ही कमा सके।

भारत का 80 प्रतिशत युवा चाहता है कि उसकी सरकारी नौकरी लगे और सरकारी नौकरी में आईएएस या आईपीएस का पद प्राप्त हो। यह एक बहुत ही सम्मानजनक पद है, परंतु उसको प्राप्त करना भी कठिन है। इस परीक्षा को सबसे कठिन परीक्षा में से एक माना जाता है।

UPSC HQ
Union Public Service Commission

इस परीक्षा में 3 चरण होते हैं पहला प्रारंभिक परीक्षा दूसरा मुख्य परीक्षा और तीसरा साक्षात्कार यदि उम्मीदवार इन में से किसी एक चरण में भी फेल हो जाता है, तो उसे दोबारा पहले चरण से प्रारंभ करना पड़ता है। इस परीक्षा में प्रतियोगिता भी काफी ज्यादा है, क्योंकि गिनी चुनी पोस्ट के लिए हर वर्ष लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में अपनी सफलता की उम्मीद लेकर बैठते हैं।

सदफ चौधरी की सफलता की कहानी

उत्तराखंड (Uttarakhand) राज्य के रुड़की (Roorkee) जिले के अंतर्गत आने एक गांव मोहितपुर (Mohanpur village) की रहने वाली सदफ चौधरी काफी मेहनती और होनहार अभ्यार्थी रही। उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक में 23 वी रैंक हासिल की है। यह एक बेहद सम्मानजनक बात है और अपने आप में ही एक उपलब्धि है कि वे यूपीएससी की परीक्षा में टॉपर रह चुकी हैं। सफलता मेहनत करने वालों के ही कदम चूमती है।

इस बात का जीता जागता उदाहरण है सदफ चौधरी (IFS Sadaf Choudhary)। हर युवाओं के लिए प्रेरणा है, क्योंकि हर यूपीएससी उम्मीदवार अपने अपने सपनों के साथ आगे बढ़ता है। देशभर के लाखों युवा यूपीएससी एग्जाम देते हैं परंतु सैकड़ों लोग ही हैं, जो इस परीक्षा के लिए चुने जाते हैं आईएफएस, आईएएस और आईपीएस के लिए टॉप 10 लोगों की लिस्ट जारी होती है, जिनमें सदफ चौधरी भी इस टॉप 10 की लिस्ट में शामिल है।

आईएसएस पद के लिए चुनी गई है

एक रिपोर्ट के मुताबिक सदफ ने ऑल इंडिया रैंक में 23 वीं रैंक हासिल की है। जिसके चलते उन्हें आईएफएस पद के लिए चुना गया है। आईएफएस अधिकारी (IFS Officer) विदेशों में अपने देश के लिए काम करते हैं। आपको बता दे सदफ चौधरी बचपन से ही काफी होनहार छात्रा रहे हैं।

उन्होंने कक्षा दसवीं और बारहवीं जिसे मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई कहा जाता है। उस समय उन्होंने इस परीक्षा में 90 फ़ीसदी नंबर हासिल किए हैं। आप उनके इस उपलब्धि से समझ सकते हैं कि उनके अंदर क्या काबिलियत है।

जाने सदफ की शिक्षा के बारे में

अब हम बात करते हैं सदफ चौधरी (Sadaf Choudhary) की शिक्षा के बारे में आपको बता दे सदफ चौधरी ने अपने इंटर की पढ़ाई साइंस विषय से की और उसके बाद जेईई की तैयारी कर पहले ही प्रयास में चयनित हो गई।

इसके बाद उन्होंने नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से केमिकल इंजीनियरिंग मैं ग्रेजुएशन कंप्लीट किया। गैजुएशन के बाद उन्हें अमेरिका के एक बैंक में पैकेज पर जॉब ऑफर हुई। इसके बाद उन्होंने 2 वर्ष तक अमेरिका के बैंक में अपनी सेवा दी।

विदेश में नहीं लगा मन

2 वर्षों तक उन्होंने अमेरिका के बैंक में जॉब करने के बाद भारत लौटने का फैसला किया। सदफ कहती हैं कि उनका मन अमेरिका में नही लग रहा था। इसीलिए उन्होंने भारत लौटकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने का फैसला लिया और वह इस परीक्षा में जी और जान से जुट गई।

फल स्वरूप 1 वर्ष के बाद उन्होंने अपना पहला प्रयास किया और वह पहले ही प्रयास में आईएसएस पद के लिए चुनी गई। सदफ की सफलता से पूरा परिवार खुशी में झूमते हुए नजर आ रहा है। हालांकि एक बार फिर उन्हें विदेश में सेवा करने का मौका मिला है।

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