किसान की बेटी ने 23वीं रैंक के साथ UPSC परीक्षा पास की, IAS अफसर बनकर मिसाल बनी

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IAS Tapasya Parihar
Inspiring Story Of IAS Tapasya Parihar Who Is Daughter Of A Farmer From Narsinghpur Madhya Pradesh. She secured AIR 23 in UPSC Exam.

Narsinghpur: कौन कहता है आसमां में छेद नहीं हो सकता तबीयत से एक पत्थर तो उछालो यारों यह लाइन बहुत ही सार्थक बैठती है, जब कोई अंडरप्रिविलेज्ड या किसी साधारण गरीब परिवार में रहने वाला व्यक्ति आसमान के ख्वाब संजोए और सही खुशी तब मिलती है।

जब उन सपनों को हासिल भी कर ले आपने महसूस किया होगा कि यदि कोई बड़ा आदमी कुछ भी खरीद ले कुछ भी हासिल कर ले तो हम इतनी खुशी नहीं होती, लेकिन यदि किसी गरीब व्यक्ति कुछ बड़ा कर ले जाता है, तो हमें जाने अनजाने ही एक प्राउड फील होने लगता है और वह इंस्पिरेशन हमें भी एनर्जी देती है।

बहुत से स्टूडेंट का सपना होता है कि, बड़े होकर आईएएस बनना है, जिसके लिए लाखों लोग हर साल प्रयास करते हैं और अक्सर एक नंबर से ही चूक जाते हैं अर्थात बॉर्डर पर पहुंचकर वापस आना, लेकिन आज की जो खबर हम आपसे शेयर करने वाले हैं उसमें किसान परिवार की बेटी तपस्या परिहार (IAS Tapasya Parihar) ने ना केवल आईएएस किया, बल्कि 23 वी रैंक हासिल करके सभी को प्राउड फील करवा दिया।

मध्य प्रदेश की रहने वाली है तपस्या, बिलॉन्ग करती है इस जिले से

मध्य प्रदेश भारत देश का ह्रदय कहा जाता है। जो बहुत से प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है, यह राज्य काफी शांत और और रहने के मामले में बहुत ही सुविधाजनक माना जाता है। साल के सभी प्रकार के मौसम अनाज फल एवं नर्मदा नदी जैसी पवित्र नदी के जल से परिपूर्ण इस राज्य से आए दिन नए-नए सफलता के कीर्तिमान बनते रहते हैं।

IAS Tapasya Parihar

इसी कड़ी में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के अंतर्गत आने वाले नरसिंहपुर (Narsinghpur) जिला जोकि अपनी खेती किसानी के लिए बहुत प्रसिद्ध है, यहां का गेहूं चना और दाल जैसे प्रमुख अनाज पूरे भारत में प्रसिद्ध है और इसी जिले की जाेवा गांव में किसानी करने वाले विश्वास परिहार की पुत्री हैं तपस्या परिहार, जिन्होंने अपनी मेहनत से आईएएस क्वालीफाई किया। 1992 की 22 नवंबर में जन्म लिया इस होनहार ने।

तपस्या की बेसिक एजुकेशन और उनका क्षेत्र

जानकारी के अनुसार तपस्या की शुरुआती एजुकेशन सेंट्रल स्कूल अर्थात केंद्रीय विद्यालय के जरिए हुई। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपना लक्ष्य बना लिया था कि भविष्य में आईएएस करना है, परंतु उन्हें कानून में भी इंटरेस्ट था।

UPSC HQ
Union Public Service Commission

पुणे में इंडियन लॉ सोसाइटी के अंतर्गत आने वाले लॉ कॉलेज से कानूनी शिक्षा में इन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके पश्चात उन्होंने लक्ष्य बना लिया कि अब आगे की पढ़ाई सिर्फ यूपीएससी क्वालीफाई करने के लिए करेंगे। हुआ कि 2017 में ही उन्होंने यूपीएससी एग्जाम (UPSC Exam) क्वालीफाई कर लिया, परंतु यह इतना आसान नहीं था।

Self-study को बनाया हथियार जिसने दिलाई 23वीं रैंक

पुणे लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री लेने के बाद से ही तपस्या ने 1 सूत्रीय कार्यक्रम अपना सेट कर लिया कि अब यूपीएससी क्वालीफाई करना है इसके लिए तरह-तरह की कोचिंग संस्थानों में भी संपर्क किया उनके सिलेबस और पैटर्न को समझने के बाद उन्हें यह लगा कि सेल्फ स्टडी करके ही वह इस एग्जाम को क्वालीफाई कर सकती है, तो उन्होंने बिना देर किए दिन रात एक कर दिया पढ़ाई में।

पहली बार प्री देने के बाद तपस्या को निराशा का सामना करना पड़ा क्योंकि IAS का प्री एग्जाम में वह फेल हो गई थी। परंतु उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। दुनिया में जितने भी सफल इंसान हैं, उनकी सफलता का एक ही राज रहा है कि उन्होंने असफल होने के बाद पुनः प्रयास किया इसी तरह तपस्या ने भी अपनी मेहनत को और अधिक करते हुए 2017 में न केवल आईएएस का एग्जाम क्वालीफाई किया, बल्कि पूरे भारत में 23 वी रैंक हासिल करके अपने पूरे परिवार गांव और शहर का नाम रोशन किया।

अभी हाल ही में रचाई शादी अब हैं श्रीमती गंगवाल

2021 में अपने ही एक साथी जो कि आई एफ एस (IFS Officer) का जॉब करते हैं, गर्वित गंगवाल (IFS Garvit Gangwar) से विवाह कर अब श्रीमती तपस्या अर्पित गंगवाल (Tapasya Gangwar) बन गई हैं। हमारी तरफ से विवाहिता तपस्या को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हैं।

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