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Delhi: सरकारी नौकरी पाने का सपना भले ही हर युवा का हो, लेकिन सबका इस सपने को पूरा कर पाना मुश्किल होता है। सरकारी नौकरी के लिये लोग क्या कुछ नही करते। तैयारी के लिये चाहे नौकरी करना हो या फिर नौकरी छोड़ना। अपनी स्थिति के अनुसार किसी भी प्रकार की कसर स्टूडेंट नही छोड़ता।
जब बात यूपीएससी (UPSC) की आती है, तो स्टूडेंट पूरी तरह इसमें खुद को झोंक देने से पीछे नहीं हटते। भले ही लाखो लोग हर साल इसकी परीक्षा दे। लेकिन हम जानते है कि कठिनाई के स्तर के अनुसार सिर्फ कुछ ही स्टूडेंट इसमें सफलता प्राप्त करते है।
सपने के लिये छोड़ी जॉब आज है आईएएस अधिकारी
हमने बहुत सी कहानी सुनी है जिसमें स्टूडेंट इस परीक्षा की तैयारी में अपना सब कुछ दाव पर लगा देते है। ऐसी ही एक कहानी दिल्ली से निकलकर आ रही है। जहॉं एक महिला ने आईएएस (IAS Officer) बनने का सपना देखा। इसे वह साकार कर सके इसके लिये उस महिला ने अपनी अच्छी खासी इंजीनियरिंग की जॉब (Engineer Job) छोड दी।

जॉब छोड़ उस महिला ने यूपीएससी की तैयारी की अंत मे उसकी मेहनत ने उसे परिणाम दिया और वह सपने को साकार करने में सफल हो पाई। आज वह महिला एक आईएएस अधिकारी बन चुकी है। कौन है वह महिला आइये इस पोस्ट से जानते है।
सरजना यादव की कहानी
आज की हमारी कहानी सरजना यादप (IAS Sarjana Yadav) की है। वह महिला जो आज एक ऐसे पद पर है जिसकी हसरत हर स्टूडेंट करता है। लेकिन इसे प्राप्त करने का गौरव कुछ को ही मिल पाता है। आईएएस अधिकारी बनकर लोगो की मदद करने का सपना सरजना यादव ने भी देखा।
आपको बता दे कि सरजना ने इंजीनियारिंग की पढ़ाई दिल्ली के टेक्निकल विश्वविद्यालय से पूरी की है। इसके बाद उनकी जॉब लग गई। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी में उन्होंने एक अफसर के तौर पर जॉइन किया। परन्तु इस जॉब से वह संतुष्ट नहीं हुई। उनकी हसरत तो कुछ और ही थी। यूपीएससी का सपना जो उन्होंने देखा था वह चाहती थी कि उसे पूरा कर वह आईएएस ऑफीसर बने। इसे पूरा करने के लिये वह जॉब छोड़ने से भी पीछे नहीं हटी।
नौकरी के बाधा बनने पर छोड़ी नौकरी
नौकरी करने में हम जानते है कि हमारा पूरा समय उसमें ही लग जाता है, खुद के जिये समय हम नही निकाल पाते। यह सरजना जी के साथ भी हो रहा था। शुरूआत की परीक्षा में वह सफल ना हो सकी। लेकिन हार ना मानकर वह निरंतर इसकी तैयारी करती रही।
Happy Birthday to you Di #Sarjanayadavias
May you always be healthy and long And always be happy this is my prayer @yadavVish21_IAS @IASassociation pic.twitter.com/z9OLxwOMLH— Manoj Yadav (Ias Aspirant) (@Sir_ManojYadav) October 17, 2021
जब वह दूसरी बार इसके लिये प्रयास की तब भी इसमें सफलता उनको नहीं मिली। उन्हें लगा शायद उनकी नौकरी ही उनकी सफलता पर बाधा बन रही है। क्योंकि वह पूरी तरह मन लगाकर तैयारी नहीं कर पा रही है।
2 असफलता के बाद 2019 मे मिली 126 वी रैंक
असफलता को देखते हुये सरजना यादव जी ने नौकरी छोड़ने का मन बना लिया। नौकरी छोड़ सरजना ने मन लगाकर इस परीक्षा की तैयारी की। इस बार उनकी मेहनत सफल हुई। 2019 में सरजना ने जब तीसरी बार इसका पेपर दिया। तो वह इसे निकालकर 126वा अच्छा खासा रेंक प्राप्त करने में सफल हो गई। इस प्रकार उन्होंने अपने सपने को साकार भी कर लिया।
लगन ओर मेहनत ने दिलाई सफलता
सरजना की मेहनत उनका प्रयास इस बात का प्रूफ है कि इस दुनिया में मेहनत ओर लगन ही है जो सफलता दिलाती है। किस्मत का हालातो का रोना वह लोग रोते है जिनमें कुछ कर दिखाने की काबिलियत नही होती। सच्चे मन से की हुई मेहनत एक दिन आपको आपके सपने तक पहुँचा ही देती है।
SARJANA Yadav ji ( IAS)#IAS #Yadav pic.twitter.com/YVf9UFGwhA
— Yadav sarkar official (@Yadavsarkar1111) September 19, 2022
आज सरोजना यादव हर किसी के लिये प्रेरणा से कम नहीं है। आज वह आईएएस अधिकारी है। अपना सपना साकार कर पाने की खुशी क्या होती है वह उनसे बेहतर कोई नहीं जान सकता। उनकी सफलता पर हम तहे दिल से बधाई देते है।




