विदेश की नौकरी छोड़ी और फिर अपनी शादी के नौवें ही दिन IAS अधिकारी के लिए चुन लिए गये

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IAS Gaurav Agarwal
IAS Officer Gaurav Aggarwal UPSC Success Story. IAS Gaurav Agarwal has bagged the AIR 1 in the UPSC 2013, his second attempt.

Jaipur: किस्मत कब और कहां किस तरह बदल जाए कोई नहीं सोच सकता। वैसे देखा जाए तो हर युवा चाहता है कि वह बड़े होकर पढ़ाई लिखाई करके एक बढ़िया नौकरी कर सके, परंतु हर किसी को अपनी ख्वाहिश पूरी करने का मौका बहुत कम मिलता है।

दोस्तों दुनिया भर में सबसे ज्यादा महत्व सिविल सेवा परीक्षा (Civil Service Exam) को दिया जाता है। सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन और सम्मान प्राप्त नौकरी का दर्जा दिया गया है। देशभर में लाखों युवा है, जो सिविल सेवा परीक्षा को अपना लक्ष्य मानते हैं।

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Union Public Service Commission

यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) में 3 चरण होते हैं, पहला प्रारंभिक परीक्षा दूसरा मुख्य परीक्षा तीसरा साक्षात्कार यदि उम्मीदवार किसी एक चरण में फेल हो जाता है, तो उसे दोबारा पहले चरण से शुरुआत करनी पड़ती है, इसीलिए इस परीक्षा को सबसे कठिन परीक्षा कहा जाता है। अभ्यार्थी एक नहीं दो नहीं तीन से चार बार में इस परीक्षा को क्वालीफाई कर पाते हैं। आज हम एक ऐसे आईएएस अधिकारी की बात करेंगे जो शादी के नौवें दिन आईएएस अधिकारी बना।

आईएएस अधिकारी गौरव अग्रवाल की कहानी

ऐसा कहा जाता है कि एक पुरुष की सफलता के पीछे किसी महिला का हाथ होता है और किसी महिला की सफलता के पीछे किसी एक पुरुष का हाथ होता है। यह कही गई बात तब साबित हुई, जब गौरव अग्रवाल (IAS Gaurav Aggarwal) की शादी के 9 दिन के भीतर वे आईएएस अधिकारी बन गए।

यूपीएससी में सफलता की कहानी हम कई प्रकार से सुनते हैं, इनमें से एक प्रकार भारत की पिंक सिटी याने राजस्थान (Rajasthan) के जयपुर (Jaipur) के गौरव अग्रवाल की कहानी है। जी हां दोस्तों जयपुर के गौरव अग्रवाल आईआईटी और आईआईएम के सिलेक्टेड छात्रों में से एक हैं। उन्होंने शिक्षा प्राप्त करके विदेश में इन्वेस्टमेंट बैंकर के पद पर कार्य किया। परंतु कुछ समय बाद वे यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुट गए और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की।

जाने शिक्षा की जर्नी

आपको बता दें गौरव अग्रवाल राजस्थान राज्य के जयपुर निवासी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा दोनों राजस्थान से ही पूरी की। कक्षा बारहवीं तक उन्होंने साइंस विषय से पढ़ाई की इसके बाद आईआईटी में एडमिशन लेने के लिए परीक्षा दी और पास कर ली, और आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई की। आईआईटी के बाद उन्होंने आई आई एम का एग्जाम दिया और एक बार फिर भी कैट क्वालीफाई करके मैनेजमेंट में पीजी करने के लिए एलिजिबल हो गए। इसके बाद उन्होंने मैनेजमेंट से अपना पीजी कंप्लीट किया।

विदेश में मिला अच्छा पैकेज

आईआईटी और आईआईएम में पढ़ाई करने के बाद गौरव अग्रवाल को विदेश में इन्वेस्टमेंट बैंकर के पद पर जॉब मिल गई यह जॉब काफी अच्छी सैलरी पर मिली थी। परंतु गौरव को विदेश में रहना नहीं भा रहा था वे रह रह के अपने देश को याद करते थे, इसीलिए उन्होंने भारत लौटकर यूपीएससी की तैयारी करना सही समझा और वह भारत लौट आए।

आपको बता दें गौरव अग्रवाल ने पहले ही अटेंड में यह परीक्षा पास कर ली। पहले प्रयास में वह आईपीएस अधिकारी बने परंतु उन्हें आईपीएस नहीं बल्कि आईएएस अधिकारी बनना था, इसीलिए उन्होंने एक बार फिर प्रयास करने का निर्णय लिया। उन्होंने आईपीएस की ट्रेनिंग लेते हुए दोबारा यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की।

शादी के नौवें दिन बदली किस्मत

पहले प्रयास में गौरव अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं थे, इसीलिए उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा को एक बार फिर देने का फैसला किया था। दूसरे प्रयास के वक्त गौरव अग्रवाल की शादी हो गई थी। उसी समय गौरव का यूपीएससी का रिजल्ट आया।

उस समय गौरव की शादी को मात्र 9 दिन हुए थे और अपनी शादी के 9 दिन के बाद वे एक आईएएस अधिकारी बन गए थे। वे न केवल आईएएस अधिकारी बने बल्कि उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में टॉप किया। दोस्तों आईएएस बनने के साथ ही गौरव अग्रवाल का सपना भी पूरा हुआ और वे आज अपनी सेवा दे रहे हैं।

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