दिल्ली के कॉलेज पढ़ी हुई बेटी अमेरिका गई और आज इस तरह 230 करोड़ रुपये की मालकिन बन गई

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Gita Gopinath
Success Story Of Gita Gopinath Who Is Deputy Managing Director of the International Monetary Fund (IMF). Gita Gopinath Biography In Hindi.

Photo Credits: Twitter(@GitaGopinath)

Delhi: आज के समय में भी कई लोगो की सोच यही है कि महिलाएं घर की चार दीवारों के अंदर ही रहे। परन्तु आज के जमाने की महिलाएं ऐसी बातों पर ध्यान न देकर आगे बढ़ रही है। आगे बढ़कर वह अपने सपने को पूरा कर रही हैं।

आप सभी देखते ही होंगे कि महिलाएं आज के समय में कोई भी काम में पीछे नहीं हटती। वह हर कोई कार्य में पुरूषों की बराबरी करती नजर आ रही हैं। ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जहा आज कि महिलाएं अपने कार्य में सफलता हासिल ना करे।

आज एक ऐसी ही महिला के बारे में हम आपको जानकारी देंगे। जिस महिला की हम बात करने वाले है उनका नाम गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath) है। इन्होने न ही सिर्फ़ आईएमएफ मुख्य अर्थशास्त्री की पहली महिला होने का गौरव हासिल किया बल्कि हमारे देश की अन्य महिलाओ के लिए यह प्रेरणा का स्त्रोत भी बनी।

गीता गोपीनाथ लोगो की चर्चा में तब आई थी, जब उन्होंने भारत की जीडीपी से संबंधित एक इंटरवयू दिया था। गीता गोपीनाथ ने अपनी इस इंटरव्यू में वैश्विक आर्थिक विकास मतलब अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक विकास में गिरावट से संबंधित बात रखी थी।

गीता जी ने दिल्ली के विश्वविद्यालय से स्नातक उपाधि प्राप्त की

गीता गोपीनाथ का जन्म 8 दिसंबर 1971 को कोलकाता में हुआ था। इन्होने अपनी पढ़ाई मैसूर के निर्मला कान्वेंट स्कूल से की है। जो कि कर्नाटक में स्तिथ है। गीता ने अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के पश्चात दिल्ली विश्वविधालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से अपनी आगे की पढ़ाई पूरी कर इकोनॉमिक्स में स्नातक की उपाधि हासिल की है।

2001 में पीएचडी कर प्रोफेसर के रूप में कार्य किया

गीता अपनी स्नातक उपाधि प्राप्त करने के बाद वांशिगटन चली गई। उन्होने वहां रहकर वांशिगटन के विश्वविद्यालय से अपनी स्नाकोत्तर की पढ़ाई संपन्न की। गीता पोस्ट ग्रेजुऐशन की पढ़ाई पूरी करने के पश्चात हार्वर्ड विश्वविद्यालय और शिकागो विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत रही।

साथ ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्धों में भी काम किया है। आपको बता दे कि गीता ने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में वर्ष 2001 में पीएचडी कर डिग्री हासिल की है। गीता ने इस डिग्री के तुरंत बाद वहा पर एक प्रोफेसर की पोस्ट पर कार्य किया।

गीता गोपीनाथ ने अपने लक्ष्य में सफल होने के लिए इतनी मेहनत की है कि इनकी काबिलियत और मेहनत को देखकर इन्हे आईएमएफ के अनुसंधान विभाग के निर्देशक की मुख्य भूमिका दे दी गई।

इसके साथ साथ अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की मुख्य अर्थशास्त्री की जिम्मेदारी भी सौपी गई। आपको बता दे की इंटरनेशनल मॅनेटरी फंड (The International Monetary Fund) में मुख्य अर्थशास्त्री पद को संभालने वाली गीता गोपीनाथ प्रथम महिला है।

2014 में अर्थशास्त्रियों कि सूची में दर्ज किया गया गीता नाम

आपको बता दे कि गीता गोपीनाथ की उम्र 49वर्ष की है। जो कि भारतीय मूल की अमेरिकी महिला है। इन्होंने आईएमएफ (IMF) में आर्थिक सलाहकार तथा अनुसंधान विभाग में भी काम किया है।

गीता को एक युवा वैश्विक नेता के रूप में विश्व आर्थिक मंच द्वारा सत्र 2011 में मान्यता दी जा चुकी है। अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष द्वारा वर्ष 2014 में 45 अंतर्गत अर्थशास्त्रियों में उनका नाम 25 वें नंबर पर सूची में दर्ज किया गया था।

वर्ष 2019 में राषट्रपति द्वारा गीता को सम्मानित किया गया

आपको बता दे भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा वर्ष 2019 में गीता को भारतीय मूल, यानी भारतीय प्रवासी के लिए सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया था। गीता ने केरल के मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार के रूप में वर्ष 2016 से 2018 के बीच में काम भी किया है।

आज गीता गोपी नाथ अपनी मेहनत के बलबूते पर पूरे 230 करोड़ की मालकिन है। गीता गोपीनाथ एक ऐसा नाम है जिस पर आज हर भारतीय गर्व करता है। उनकी उपलब्धि हर क्षेत्र मे श्रेष्ठ है। हर महिला के लिए वह प्रेरणादायक है।

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