महिला को बीमारी ने जकड़ा, फिर बच्चे को खोया, उसके बाद भी नहीं हारी हौसला, संघर्ष कर सफलता पाई

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Dhara Shah Youtube
Story of Dhara Shah struggle life and youtube channel Dhara Wonder Life. Inspiring journey of a wonder girl YouTuber Dhara Shah.

Delhi: अक्सर देखा गया है कि व्यक्ति के जीवन में थोड़ी सी भी परेशानी आई और वह खुद को समाप्त करने के विचार बनाने लगता है। कई बार लोग सोचते हैं कि ऐसी परेशानी आने के बाद उनका जीवन मैं अब कुछ नहीं बचा सब कुछ समाप्त हो गया।

एक मशहूर शायर ने क्या गजब कहा है कि जब लोग मरने की दुआ करते है, उस हाल हम जीने की दुआ करे तो जीवन कट जाता है। हर व्यक्ति के जीवन में परिस्थितियां विपरीत आती है, कई बार लोग बीमारियों से ग्रसित होकर परेशान रहते हैं, तो कुछ लोग अपने अजीज को खोकर अवसाद के शिकार हो जाते हैं। जब व्यक्ति अपने जीवन से हताश हो जाता है, तो उसके पास केवल एक ही रास्ता दिखता है आत्मह-त्या।

आत्मह-त्या किसी समस्या का समाधान नहीं होता, यदि व्यक्ति परिस्थितियों से लड़कर आगे बढ़ेगा, तो उसका जीवन एक ना एक दिन पटरी पर जरूर लौट आएगा। आज हम इस लेख के माध्यम से एक एक ऐसी महिला के बारे में बात करेंगे, जिसने अपने जीवन में अपने प्राणों से भी प्यारे बच्चे को खोया दोनों हाथ पैर खोने के बाद भी आज भी जीवित है। तो आइए जाने धारा शाह के बारे में।

कोन है धारा शाह

वर्तमान समय में धारा शाह (Dhara Shah) एक सफल यूट्यूबर (Famous Youtuber) है। सोशल मीडिया (Dhara’s Wonder Life) पर अपने घर के ब्लॉग्स डालती है। धारा शाह ने अपने जीवन में ढेरों परेशानियों का सामना किया है। उसके बाद भी आज है लोगों के सामने हंसती हुई नजर आती है। हम कह सकते हैं कि धारा शाह अपने आप में ही एक बहुत अच्छा मोटिवेशन है।

यह महिला उन लोगों के लिए ट्रीटमेंट की तरह काम करते हैं, जो डिप्रेशन का शिकार है। धारा ने अपने जीवन में इतना कुछ सहन किया है लोग इसके के बारे में कभी कोई सोच भी नहीं सकता। दुनिया भर के लिए धारा शाह एक प्रेरणा का स्रोत है।

एक खुशहाल जीवन हर कोई चाहता है, परंतु जैसे ही थोड़ी सी परेशानी आती है, तो लोगों को लगने लगता है कि उनके जीवन का कोई मतलब नहीं और कई बार लोग अपने जीवन लीला को समाप्त करने के लिए कदम उठा लेते हैं। जीवन समाप्त करना ही किसी समस्या का हल नहीं जीवन समाप्त करने जैसा कदम कायरता की निशानी है।

जाने कैसे हो उभरी काले समय से धारा

धारा शाह अपने परिवार के साथ अमेरिका में रहती है उनकी खबर सोशल मीडिया के माध्यम से देश-विदेश में फैली। बताया जा रहा है कि धारा ने अपने जीवन में काफी कठिन दौर देखा। जिस वक्त लोग मरने की चाहत रखते हैं उस वक्त से निकलकर जिंदगी की पटरी पर वापस लौटी धारा शाह की कहानी हर किसी के लिए प्रेरणा है।

धारा शाह की कहानी से लोग जीना सीख रहे। उनके जीवन में संघर्ष का दौर तब शुरू हुआ, जब उन्होंने वर्ष 2013 में शादी रचाई। धारा की शादी अमेरिका के सिद्धांत से हुई। दोनों पति पत्नी और परिवार के साथ उनका जीवन काफी अच्छा चल रहा था।

वह नहीं जानती थी कि उनकी आने वाला समय उन्हें कितना दर्द देने वाला है। उन्होंने वर्ष 2018 में बेबी प्लान किया और वह प्रेग्नेंट हो गई प्रेगनेंसी के 9 महीने भी उनके काफी अच्छे बीते। वे इस समय भी अनजान थी कि उनके अंदर एक खतरनाक बीमारी चल रही है।

27 घंटे तक लेबर पेन से जूझती रही

रिपोर्ट के मुताबिक धारा ने 27 घंटे तक लेबर पेन का सामना किया। कहते हैं एक मां अपने बच्चे के लिए डिलीवरी के वक्त जिंदगी और मौत से लड़ती है। यह वही दौर था जब धारा को एक तरफ अपने बच्चे का इंतजार था और दूसरी तरफ यह जान लेने वाला दर्द।

9 महीने का इंतजार और 27 घंटे के लेबर पेन के बाद धारा ने एक बेटे को जन्म दिया। लेकिन डिलीवरी के कुछ ही समय पश्चात कुछ ऐसा हुआ कि धारा का जीवन पूरी तरह बदल गया। दोस्तों धारा को एक जानलेवा बीमारी ने जकड़ लिया था और उस वजह से वे लगभग 6 दिनों तक कोमा में रहे। धारा के परिवार में बेटे के आने की खुशी भी इंजॉय नहीं कर पाई थी कि पूरा परिवार गम में पहुंच गया।

गैंग्रीन नामक घातक बीमारी

आपको बता दें धारा शाह को गैंग्रीन नाम की घातक बीमारी है। अपने आगोश में ले लिया था। इस बीमारी में शरीर पर अनचाहे खाओ बनते हैं और उससे रक्तस्राव होने के पश्चात रक्त रुक जाता है और उस स्थान के टिशु नष्ट हो जाते हैं।

ऐसी स्थिति में केवल एक मात्र रास्ता होता है, वह उस शरीर के हिस्से को काट कर अलग कर देना। इस बीमारी से प्रभावित धारा को अपने हाथ और पैर कटवाने पड़े। साडे 4 महीने के बाद वे अपने घर लौटे और पहली बार उन्होंने अपने बेटे को गोद में लिया। वे अपने बेटे को गोद में लेते हैं अपने सारे गम भूल गई। परंतु ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।

धारा के बेटे माहिर को जेनेटिक डिसऑर्डर हो गया था। जब धारा के पति ने उन्हें बताया तो वह बुरी तरह टूट गई। उनकी खुशी का एकमात्र सहारा उनका बेटा खेलते खेलते हमेशा के लिए दुनिया से अलविदा कह गया। शरीर के अंग खोकर अपने बेटे को खोकर भी आज धारा शाह अपने वर्तमान समय में लौटी है।

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