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Jabalpur: देश में बहुत ही तेज़ी से बिकास कार्य चालू हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में भी केंद्र सरकार की सहायता से शिवराज सिंह चौहान की राज्य सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है। ऐसे में नर्मदा नदी, जो की मध्यप्रदेश की जीवन दायनी और मैया कही जाती है, इसके मुहाने पर भी डेवलपमेंट कार्य करवाने की योजना बनाई गई है।
जबलपुर की जनता नर्मदा नदी (Narmada River) का पूजन बड़े ही सम्मान से करती आ रही है। ऐसे में नर्मदा नदी के घाटों को बड़ा टूरिस्ट स्पॉट बनाने के लिए प्रोजेक्ट बनाये गए हैं। ऐसे में संस्कारधानी जबलपुर के तिलवारा घाट (Tilwara Ghat Jabalpur) को नई सौगात मिली है।
साबरमती रिवर फ्रंट (Sabarmati Riverfront) की तर्ज पर जबलपुर के तिलवाराघाट से भटौली के बीच नर्मदा समृद्धि कॉरिडोर (Narmada Samriddhi Corridor) विकसित करने की योजना है। इस योजना के तहत 30 मीटर चौड़े इस कॉरिडोर का निर्माण साढ़े आठ सौ करोड़ (850 Crore) की लागत से होगा। इस नर्मदा नहीं की मुहाने के प्रोजेक्ट को मध्यप्रदेश सरकार की मंजूरी भी मिल गई है।
बता दें की इस प्रोजेक्ट में कॉरिडोर की चौड़ाई पहले ही घटाकर आधी की गई है। पहले 60 मीटर चौड़े 6 लेन कॉरिडोर का निर्माण किया जाना था। मीडिया रिपोर्ट बताती हैं की इस कॉरिडोर के निर्माण का प्रोजेक्ट नगर निगम जबलपुर (Nagar Nigam Jabalpur) ने बनाया था, परन्तु अब इसे जेडीए (JDA) के माध्यम से दोबारा बनाया गया है। इसमें कुछ फेर बदल किये गए हैं।
जानकारी मिली है की पहले इस कॉरिडोर की 60 मीटर राखी गई थी। खबर है की यह कॉरिडोर 6 गांवों से होकर गुजरेगा। इस कॉरिडोर को 409.492 हेक्टेयर बनाया जाता था। अब यही काम 341.544 हेक्टेयर जमीन में होगा। इसके अंतर्गत मौजूदा विकसित क्षेत्र 300 मीटर में नर्मदा से हरित क्षेत्र रहेगा। यह विकास कार्य 850 करोड़ (850 Cr) की राशि किये जाने का बजट बनाया गया है।
तिलवारा घाट नर्मदा नदी जबलपुर pic.twitter.com/I5lbM45f7z
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जबलपुर के नर्मदा नदी के तिलवारा घाट (Tilwara Narmada River) और आप पास होने वाले निर्माण कार्य से यहाँ धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा और यह धार्मिक केंद्र बड़ा टूरिस्ट स्पॉट (Tourist Spot) बन जायेगा। नर्मदा तट भटौली से होकर ग्वारीघाट-तिलवाराघाट (Gwarighat To Tilwaraghat) के बीच कई प्राचीन मंदिर हैं।
कॉरिडोर का निर्माण होने पर भक्तों के लिए नर्मदा दर्शन, स्नान और पूजन और धार्मिक मंदिरों में दर्शन का लाभ लेना आसाम और सुगम हो जायेगा। आगे चलकर यह स्थान टूरिस्ट हब बन जायेगा। इससे क्षेत्र में और अधिक खुशहाली आएगी। नर्मदा समृद्धि कॉरिडोर के प्रोजेक्ट को परमिशन मिल गई है। अब इस कॉरिडोर का निर्माण गुजरात की साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर होना है।
साबरमती रिवरफ्रंट अहमदाबाद गुजरात pic.twitter.com/2SSKGszT4L
— sanatanpath (@sanatanpath) November 17, 2021
इस धार्मिक कॉरिडोर में नर्मदा के हरित क्षेत्र को सुरक्षित रखा जाएगा, इससे नर्मदा नदी की प्रकृति और हरियाली भी बानी रहेगी। इस योजना के तहत 300 मीटर के दायरे में हरित क्षेत्र राखंबे का प्लान है। इसके बाद ही कॉरिडोर का निर्माण कार्य किया जाएगा। यह सौगात जबलपुर के लिए बहुत ही कारगर रहने वाली है।
Good news to start the day with. Narmada Samriddhi Corridor in Jabalpur has now been approved & shall be built by @ceojda. Let's hope there is no further delay in the project & construction starts soon 👍 Unless mama govt finds another way to stall this project 🙄#RiverFront pic.twitter.com/n1VC6F8azi
— MP-20 Jabalpur (@MarbleRockss) October 13, 2021
जबलपुर की स्थानीय मीडिया (Jabalpur Local Media) में बताया जा रहा है की इस कॉरिडोर प्रोजेक्ट अच्छी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निर्माण किया जाएगा। इससे नर्मदा नहीं में में प्रदूषण भी नहीं होगा और ऐसा होने से रोका जायेगा। यहाँ पर सबसे बढ़िया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। नर्मदा दर्शन पथ पर बिजली और लाइट की व्यवस्था के लिए सोलर एनर्जी का इस्तेमाल किया जाएगा।



