अयोध्या फैसला आने के बाद भ्रष्टाचार ना बड़े इसके लिए योगी सरकार सख्त कानून बना रहे है। उत्तरप्रदेश में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर दिखाई दे रहा है। उत्तरप्रदेश में भ्रष्टाचार खत्म होने का नाम ही नही ले रहा है। उत्तरप्रदेश में योगी सरकार भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही कर रही है।
भ्रष्टाचार में घिरे 2 PCS अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। अब IAS भी सरकार के निशाने में आ रहे है राजीव कुमार जो सस्पेंड चल रहे है अब उनके ऊपर सरकार की गाज घिरने वाली है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने भ्रष्टाचार फैला रहे लोगो के लिए अपनी कमर कस ली है।
नोएडा में प्लॉट आवंटन के समय घोटाला उजागर
नोएडा में प्लॉट आवंटन घोटाले मामले में हिरासत जा चुके राजीव कुमार को बर्खास्त करने की बात जोर पकड़ ली है। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने नियम-14 के अंतर्गत राजीव को नोटिस पहुचाया गया था, जिसका उत्तर उन्होंने पहुचा दिया है।
अब नियुक्ति विभाग केंद्र सरकार को उनके नोकरी से बर्खास्त करने की प्रकिया में प्रस्ताव भेजने की प्लांनिग बना ली है। 1983 बैच के IAS राजीव नोएडा प्लॉट मामले में दोषी करार दिए गए थे जिसके बाद उन्हें अप्रैल, 2016 में सस्पेंड कर दिया गया था। उनका नोकरी का कार्यकाल अभी समाप्त नही हुआ था, वह जुलाई, 2021 में रिटायर होंगे।
नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने राजीव को 31 अक्टूबर, 2019 को एक नोटिस भेजा था। जिसके लिए उनको उसको उत्तर भिजवाना था। राजीव कुमार बिना देरी किये हुये उस नोटिस का उत्तर भिजवा दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नोटिस का उत्तर देने के लिए 15 दिन का टाइम दिया जाता है लेकिन राजीव कुमार ने बिना देरी किये हुए नोटिस का उत्तर दे दिया।
अब राज्य सरकार बिना देरी किये हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर केन्द्र सरकार इसके लिए प्रस्ताव भेजेगी। संघ लोकसेवा आयोग से बातचीत के बाद अधिकारी के विरुद्ध रिटायरमेंट की कार्रवाई पर विचार रखा जाएगा। अगर ऐसा हो गया तो वक़्त से पहले ही बहुत से अधिकारी रिटायर हो जायेंगे।




