गरीबी के चलते पैसे की कमी के कारण कभी कोचिंग नही की, आज बनी पंजाब की Top स्टूडेंट्स।

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Neha Varma School topper
Neha Verma, a student of the school, has emerged as the Punjab state board topper scoring 99.54%. Neha Verma, PSEB Class 10 topper story: Ek Number

गरीबी के कारण बच्चे पढ़ नही पाते ये तो अधिकतर सुना है, लेकिन कही ऐसा भी होता है कि गरीबी को मात देकर बच्चे आगे बड़ जाते है, अपने टेलेंट से। गरीबी के कारण पिता ट्रक ड्राइवर की नोकरी करता है। उससे उसको 10 हजार रुपये महीना मिलता है जिससे वो कुछ रुपये मकान की किराए में निकाल देता है।

अब जितने पैसे बचते उससे अपने परिवार का पालन पोषण करता है। वो इतना नही बचा पता था कि बच्चों की पढ़ाई में ज्यादा पैसे लगा सके। फिर भी उसकी बच्ची सबके लिए मिसाल बन गई। स्कूल में टॉप कर अपने माता पिता का सीना गर्व से ऊंचा कर दिया। जिस चीज को पाने की चाहत में में उठ जाती है उसको पूरा करने में सारी कायनात एक जुड़ हो जाती है।

पिता चाहता था कि उसकी बच्ची अच्छे नम्बर से पास हो। बेटी ने स्कूल में Top आकर अपने पिता का सपना पूरा किया। बेटी नर्सरी से स्कूल टॉपर रही। इस वर्ष लुधियाना के ट्रक ड्राइवर की बेटी नेहा वर्मा ने पंजाब में Top किया था। उन्होंने 650 में से 647 (99.53%) नंबर प्राप्त किए थे। नेहा के परिवार में दो भाई और दो बहन है।

सबसे बड़ी नेहा नर्सरी से ही स्कूल में Top कर रही है और दसवीं में पंजाब की Top बन अपनी मिसाल कायम रखी है। उसकी कामयाबी से उसके माता-पिता बहुत खुश है। नेहा के अनुसार उसने 95 प्रतिशत से अधिक की आशा की थी। लेकिन यह नहीं जानती थी कि वह पंजाब की टॉपर बन कर सबके लिए मिसाल बन जाएगी। वह बड़े होकर IPS बनना चाहती हैं।

नेहा ने बताया की अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए नान मेडिकल में पढ़ाई करेगी। इंग्लिश उनका पसंदीदी Subject है। इसके अतिरिक्त नेहा को म्यूजिक पसन्द है। उन्होंने बताया कि पढ़ाई करने का कोई टाइम टेबल नही था, लेकिन सितंबर के बाद पढ़ाई पर अधिक जोर देना Start कर दिया था।

नेहा की माता जिया वर्मा गृहणी और पिता पवन कुमार ट्रक ड्राइवर है। शिमलापुरी स्थित क्वालिटी चौक में रहती है नेहा। उनका खुद का घर नही है, वह यहां किराए के घर में रहती हैं और उसी घर से अपनी पढाई करती हैं।

टेलेंटड नेहा ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि वह Exam नजदीक आने के बाद से रात में केवल एक ही घन्टे सोया करती थी। गरीबी के चलते पिता की आर्थिक स्थिति सही नही होने के कारण स्कूल से भी सहायता राशि मिलती थी नेहा को। प्रदेश में Top करने से नेहा बहुत उत्साहित हैं।

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