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Khandwa: लगातार प्राकृतिक पदार्थो के दोहन से अब वे लगभग समाप्ति की तरफ है, जिससे दुनिया में हड़कंप मचा हुआ है कि यदि बिजली उत्पन्न करने के लिए जो साधन है वो खत्म हो गए तो दुनिया का क्या होगा, क्योंकि अब दुनिया में हर चीज़ बिजली से चलने लगी है।
जब बिजली नहीं होगी तो काम कैसे चलेगा, इसी लिए वैज्ञानिकों ने विकल्प खोजा है, जो एक प्राकृतिक स्त्रोत है और दुनिया का पहला एनर्जी सोर्स भी तो आपको बता दे हम बात कर रहे है, सोलर एनर्जी की (Solar Energy), जो सूर्य से प्राप्त प्रकाश से उत्पन्न होती है।
जी हां अब बिजली आपूर्ति का दूसरा विकल्प सोलर प्लांट (Solar Plant) है, जो अब धरती के साथ पानी यानि समुद्रों और नदियों में भी बनाए जाएंगे, जिससे जल को वाष्पीकरण से रोका भी जाएगा और साथ में बिजली भी बनेगी।
इस प्लांट को जल में लगाने का कारण अपर्याप्त भूमि है, क्योंकि ऐसे प्लांटों को लगाने के लिए काफी ज्यादा जमीन की जरुरत होती है, जो की हर कही नहीं होती इसलिए अब इस प्लांट को जल में लगया जा रहा है, तो आइये जानते है विस्तार से।
Mp में बन रहा सबसे बड़ा सोलर प्लांट
मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) को कई नामो से जाना जाता है जैसे सोया स्टेट, मंदिरों का गढ़ आदि। भारत का ह्रदय प्रदेश यानि मध्यप्रदेश अब दुनिया का ऐसा पहला प्रदेश बनने जा रहा है, जहाँ पर सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लांट (Floating Solar Plant) बनाया जा रहा है।
मध्यप्रदेश के खंडवा (Khandwa) जिले में स्थित ओंकारेश्वर बांध में एक तैरता सोलर प्लांट बनवाने का निर्णय लिया गया है, जो बिजली उत्पन्न करने में सहायक होगा। यह सोलर प्लांट इतना बड़ा होगा की पहले ही वर्ष यानि वर्ष 2022-23 में यह 600 मेगावाट बिजली पैदा करने की क्षमता रखता है।
ओंकारेश्वर बांध पर बन रहा तैरता हुआ सोलर प्लांट
प्लांट की स्थापना के बाद लोगो को उमीद है कि बहुत जल्द इस प्लांट की मदद से प्रदेश में बिजली संकट को कम किया जा सकता है और इस प्लांट के बाद मध्य प्रदेश राज्य में बिजली उत्पादन क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी।
ओंकारेश्वर बांध (Omkareshwar Dam) बनने वाला सोलर पावर प्लांट को दुनिया का सबसे बड़ा तैरता सोलर प्लांट (World’s Largest Floating Solar Plant) बताया जा रहा है, यानि अब मध्यप्रदेश में भी कुछ बहुत बड़ा होने जा है। इस परियोजना को बनाने में लगभग 3000 हजार करोड़ रुपए का खर्च बताया जा रहा है।
खंडवा ऐसा जिला होगा जहा 3-3 चीज़ एक साथ होगी
मध्यप्रदेश का एक जिला जिसमे थर्मल पावर, हाइडल, सोलर पावर होने का श्रेय लेगा हम बात कर रहे है मध्यप्रदेश के खंडवा जिले की जो प्रदेश का इकलौता ऐसा जिला होगा जहा थर्मल पावर, हाइडल और सोलर पावर तीनों प्लांट से एक साथ बिजली बनाई जाएगी।
Madhya Pradesh: World's largest floating solar power plant to be built on Narmada's Omkareshwar Dam
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— ANI Digital (@ani_digital) August 4, 2022
ओंकारेश्वर बांध पर अभी भी बिजली निर्माण का कार्य किया जा रहा है। यह बांध जिले के करीब 100 वर्ग किलोमीटर में विस्तृत है और इस बांध की विशेषता है कि इसका जल स्तर हमेशा सामान्य रहता न कभी कम होता है और ना ही बढ़ता है। फिलहाल अभी इस बांध पर 300 मेगावाट का प्लांट पहले से ही स्थापित है और 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
मध्यप्रदेश में ओंकारेष्वर बाँध में बनी परियोजना सबसे बड़ी परियोजना होगी
जैसा की हम जानते है कि देश में बिजली की खपत ज्यादा है और उसका उत्पादन कम इस वजह से लोगों से उसकी कीमत काफी ज्यादा बढ़ा कर ली का रही है। अक्षय ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने लोगों को जानकारी देते हुए बताया है कि अगले चरण में 300 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए टेंडर्स भरे जाएंगे।
World's largest floating solar power plant to be built on Narmada's Omkareshwar Dam, Madhya Pradesh, which will generate 600 Megawatt power by 2022-23, informed the officials on Wednesday. pic.twitter.com/z9APPBBEV9
— Koustuv 🇮🇳 🧭 (@srdmk01) August 4, 2022
ऐसा होते ही यह परियोजना पुरे विश्व की सबसे विशाल परियोजना बन जाएगी। इसके बाद मध्यप्रदेश में ऊर्जा ही ऊर्जा होगी और MP के खंडवा जिले से सोलर, हाइडल और थर्मल तीनों प्लांट से लगभग 4 हजार मेगा वॉट से भी अधिक बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इस प्रकार देश में एक नई पहल होगी।



