खूबसूरत वादियों से घिरा भारत का यह आखिरी गांव स्वर्ग की तरह दिखता है, आने वाला गुड लक पाता है

0
673
Mana Village
This last Indian village Mana will lucky for You. All about Mana Village in Uttarakhand like How to reach and its mysterious Bheem Bridge.

Chamoli: क्या आपके दिमाग में भी कभी यह बात आई है कि भारत का वह खूबसूरत और आखिरी गांव कौन सा होगा जहां भारत भूमि या पृथ्वी खत्म होती है। भारत में अनेकों गांव अनेकों शहर आते हैं जहां की सभ्यता और संस्कार अलग-अलग होते हैं। अलग-अलग शहरों में अलग-अलग बोलियां अलग-अलग पकवान देखने को मिलते हैं।

यही कारण है कि भारत का हर कोना अपने आप में अनोखा है। यहां के सभी लोग भिन्न भिन्न दिखाई पड़ते हैं। भारत के अंदर ऐसी खूबसूरत जगह है, जहां पर पर्यटकों का तांता लगा रहता है। प्रकृति ने इस धरती को अपने आप में ही एक स्वर्ग की तरह बनाया है।

भारत के अंदर कुछ ऐसे शहर कुछ ऐसी जगह है, जहां पर प्रकृति खुद को रिप्रेजेंट कर रही है। इन्हीं में से एक है, उत्तराखंड की खूबसूरत वादियां जहां प्रकृति स्वयं को लोगों के सामने दिखाती है। उत्तराखंड (Uttarakhand) ही वह जगह है, जहां से स्वर्ग का रास्ता बनता है, इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे धरती के स्वर्ग के बारे में।

उत्तराखंड का माणा

वैसे तो उत्तराखंड स्वयं ही भगवान शिव की नगरी है। यहां पर भगवान शिव के वराह अवतार की प्रतिमाएं स्थापित है। यह शहर अपने आप में ही एक स्वर्ग है, क्योंकि यहां भगवान शिव का वास है। ऐसी जगह खूबसूरती को चार चांद लगाने के लिए एक और गांव बना है जो धरती का स्वर्ग माना जाता है।

माणा नाम से विश्वविख्यात यह गांव भारत का आखरी गांव (Last Village Of India Mana) है। यह गांव अपने आप में ही पूरे शहर की सुंदरता बटोरे हुए हैं, यहां लाखों लोग एक्सप्लोरर करने के लिए आते हैं। देसी ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी इस जगह पर देखे गए हैं, जो इस जगह की खूबसूरती और प्रकृति के चमत्कार को देखने आते हैं। मान्यता के अनुसार यहाँ आने वाले को अपने जीवन में सभी पैसों की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है मतलब आर्थिक स्थिति हमेशा सही ही रहेगी।

बद्रीनाथ से 3 किलोमीटर की दूरी पर है यह गांव

उत्तराखंड का माणा गांव (Mana Village) भारत और तिब्बत की सीमा से लगा हुआ है। यह गांव 2 देशों से जुड़ी हुई सीमा है जो भारत और तिब्बत को आपस में जोड़ता है। यह गांव उत्तराखंड के बद्रीनाथ से 3 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है। 19000 फीट की ऊंचाई पर बसा यह गांव लाखों पर्यटक का पसंदीदा स्थल है।

वैसे तो माणा गांव अपनी संस्कृति और विरासत की वजह से जगह-जगह प्रसिद्ध है। परंतु जब से इस गांव में पक्की सड़कों का निर्माण हुआ है, तब से इस जगह की चर्चाएं और भी ज्यादा बढ़ गई है। ऊंचे ऊंचे पहाड़ों से ढका यह गांव कुछ अन्य कारणों से भी पूरे देश में प्रसिद्ध हुआ है।

पहुंचने के विकल्प

इस जगह के आसपास कई और जगह है, जहां आप घूम फिर सकते हैं और प्राकृतिक नजारों का लुफ्त उठा सकते हैं। इस जगह सरस्वती और अलकनंदा नदी का संगम हुआ है, जो पूरे देश में एक पवित्र स्थल के नाम से जाना जाता।

उत्तराखंड के अंदर कई प्राचीन मंदिर और रहस्यमई गुफाएं हैं, जहां पर लोग उत्सुकता बस घूमने फिरने आते हैं और उस जगह की जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करते हैं। यदि आप भी उत्तराखंड घूमने की सोच रहे हैं तो एक बार भारत और तिब्बत की सीमा पर बसे इस गांव में जरूर घूमे।

यहां आने के लिए आपको रेल मार्ग बस और स्वयं के वाहन से भी आप आ सकते हैं, यहां आप हवाई मार्ग का भी उपयोग कर सकते हैं। अपनी यात्रा को सुगम बनाने के लिए और उस का लुफ्त उठाने के लिए आप ट्रेन और बस का सफर करें।

रहस्यमई पुल (Bheem Bridge Mana Village)

मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि महाभारत काल में पांडवों के द्वारा अलकापुरी जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग किया था। लोगों का मानना है कि यह पुल काफी खतरनाक और पार करने के लायक नहीं था, परंतु पांच पांडवों में से एक पांडव जिनका नाम भीम था।

उन्होंने अपने साहस और बल से बड़ी सी चट्टान को उठा कर अलकनंदा नदी पर फेंका था, जिससे यह एक प्राकृतिक पुल के रूप में निर्मित हो गया। लोग कहते हैं कि अलकपुरी जाने के लिए यह एक प्राकृतिक मार्ग है जिसे भीम के द्वारा बनाया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here