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Delhi: दुनिया के अधिकतर देश कोरोना महामारी के कहर से जूझ रहे है। दुनिया भर में इस वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 1.34 करोड़ हो गई है। कोरोना का सबसे ज्यादा कहर झेल रहे अमेरिका में 24 घंटे में 61,719 नए मामले आए हैं। इस वायरस से दुनियाभर में अब तक 5.78 लाख से अधिक लोगों के प्राण जा चुके है। इस महामारी से अब तक 75.88 लाख लोग ठीक हो चुके हैं।
कोरोना वायरस से प्रभावित दुनिया के सभी देशों में अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत का तीसरा नंबर है। देश में कोरोना वायरस का संक्रमण काबू में नहीं आ रहा है। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 29,429 नए मामले सामने आए हैं। देश में कोरोना के नए मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 9,36,181 हो गई है। पिछले 24 घंटे में 582 लोगों की की जान गई हुई है। सोमवार सुबह तक कुल सक्रिय मामलों की संख्या 3,11,565 है। ऐसे लोगों की संख्या 5,71,460 है, जो इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण से अब तक देश में 24,309 लोगों की के प्राण जा चुके है।
देश के उच्चतम न्यालय सुप्रीम कोर्ट ने निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज का खर्च कंट्रोल किए जाने के मामले में मंगलवार को कहा कि इलाज का खर्च हर राज्य में अकाज अलग हो सकता है, इसलिए कोर्ट इलाज का खर्च रेगुलेट नहीं कर सकता। फिर भी कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस पर विचार करे कि प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना इलाज़ का खर्च रेगुलेट करने के लिए क्या किया जा सकता है। इसका उपाए निकाले।
सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से इस मामले में सभी संबंधित पक्षों और याचिकाकर्ता के साथ बैठक कर गाइड लाइन और आदेश जारी करने की संभावनाओं पर विचार करने पर भी ज़ोर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोरोना की हालिया स्थिति में इलाज महंगा नहीं होना चाहिए। किसी संक्रमित के अस्पातल पहुंचने में इलाज का खर्च मुश्किल और अड़चन नहीं बनना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने ज़ोर देते हुए कहा की महंगे इलाज के कारण कोई अस्पताल से नहीं लौटना चाहिए। ये टिप्पणियां और निर्देश चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय पीठ ने प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के इलाज के खर्च को रेगुलेट किए जाने की डिमांड वाली सचिन जैन की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह सभी संबंधित पक्षों के साथ एक सप्ताह में बैठक करके इलाज खर्च नियंत्रित किये जाने की संभावनाएं तलाशे। बैठक में जो भी निर्णय हो उसे कोर्ट के सामने मंजूरी के लिए पेश किया जाए ताकि इस बारे में कोई आदेश जारी किया जा सके। आपको बता दे की पहले के मामले पर बहस के दौरान निजी अस्पतालों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि अस्पतालों में इलाज खर्च के बारे में राज्यों के अपने अलग-अलग मॉडल हैं।
उन्होंने कहा किअस्पतालों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि पूरे देश के लिए इलाज की एक समान सीमा नहीं तय की जा सकती। इस पर कोर्ट ने कहा कि पूरे देश के लिए समान आदेश देना मुश्किल होगा, क्योंकि हर राज्य की स्थिति भिन्न है। उनके समक्ष गुजरात का मॉडल है, जिसे काफी अच्छा माना गया है। हालांकि उसकी भी आलोचना हुई है और उसे महाराष्ट्र के लिए उपयुक्त नहीं माना जा रहा।
इस मामले पर कोर्ट ने कहा कि हम ऐसा नहीं सोचते कि केंद्र सरकार इलाज की कीमतें नियंत्रित करे, परन्तु इसका तात्पर्य यह भी नहीं कि केंद्र सरकार कुछ भी न करे और बस देखती रहे। यदि गुजरात सरकार का मॉडल उपयुक्त है, तो फिर इसका कोई कारण नहीं कि केन्द्र एनडीएमए एक्ट के तहत अपनी ताकतों का उपयोग न करे।
कोर्ट का कहना है की हम ऐसा नहीं कह रहे कि जो आपने मांग रखी है वह गलत है। हम इस चिंता को समझते है। केंद्र सरकार की ओर पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस मुद्दे पर विचार करने के लिए पहले ही उच्चस्तरीय समिति गठित की जा चुकी है। सरकार खुद इस बारे में चिंतित है और उपाय कर रही है।
Supreme Court bids on free treatment of Corona patients, 'Adopt Gujarat model' https://t.co/mbIRLE8k9b
— Mukesh Kumar (@Mukeshias) July 14, 2020
Supreme Court of India speaks about “Gujarat Model”. Supreme Court bids on free treatment of Corona patients, ‘Adopt Gujarat model’. Supreme Court of India on Corona Patient treatment to private Hospitals and Government.
मंगलवार तक देश में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर कोरोना मामलों की संख्या 657 हैं। जबकि इसी आबादी पर कोरोना से जान गवाने वालों की संख्या 17.2 है। जनसंख्या के आधार पर विश्व का दूसरा देश होने के बावजूद भारत में नए मरीजों की संख्या कम है। प्रतिदिन नए मरीजों के सामने आने वाले ट्रेंड में गिरावट देखने को मिल रही है। अगर मार्च माह को देखें तो रोजाना 31 फीसदी की रफ्तार से केस बढ़ रहे थे। मई में यह 9, जून की शुरूआत में लगभग पांच और 12 जुलाई तक 3.24 फीसदी है। लगातार रोजाना ग्रोथ में कमी आई है।



