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Patna: लोग कहते हैं खुली आँखों से सपने नहीं देखना चाहिए, लेकिन अगर खुली आँखों से सपने देखने के साथ-साथ उसे पूरा करने में रात दिन जुट जाएँ, तो सपने साकार भी हो जाते हैं। दिल में कुछ करने का जज्बा हो तो मेहनत रंग दिखाई ही देती ही है। UPSC में कई होनहारों ने सफलता हासिल कर रोशन किया है। किसी ने नौकरी में रहते हुए परीक्षा की तैयारी बनाए रखी तो किसी ने सफलता पाने के लिए दिन-रात एक कर दिया। अपने-अपने क्षेत्र में जाकर अब ये युवा समाज के लिए कुछ अलग करना चाहते हैं।
साल 2018 की यूपीएससी (UPSC) सीएसई परीक्षा में टॉपर्स की सूची में नाम शामिल करने वाले आनंद शर्मा, आईएएस (IAS) बनने से पहले एमबीबीएस डॉक्टर (MBBS Doctor) थे। उन्होंने साल 2015 में मुरादाबाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली से एमबीबीएस (MBBS) किया और उसी के बाद से वे यूपीएससी सीएसई परीक्षा (UPSC CSE Exam) दे रहे थे।
साल 2018 के टॉपर आनंद शर्मा (Topper Anand Sharma) ने यूपीएससी के क्षेत्र में सफलता (Success) हासिल करने के पहले डॉक्टरी की डिग्री ली है। एमबीबीएस (MBBS) पूरा करने के बाद से ही वे इस परीक्षा के अटेम्प्ट देने लगे थे। हालांकि अपनी तरफ से पूरी कोशिश करने के बाद भी वे सफल नहीं हो रहे थे। उन्होंने पहली बार जब परीक्षा दी तो वे असफल हो गए। फिर भी उन्होंने निराश न होकर दूसरा प्रयास किया। लेकिन दूसरी बार भी उन्हें असफलता मिली।
आनंद (Doctor Anand Sharma) ने एक बार फिर खुद को मोटिवेट किया और तीसरा प्रयास किया। हालांकि इस प्रयास में भी उन्हें सफलता नहीं मिली। ऐसे में आनंद ने अपनी रणनीति बदली और उसके हिसाब से तैयारी की। लेकिन आनंद भी हार मानने वालों में से नहीं हैं और लगातार तीन बार असफल होने के बाद अंतत अपने चौथे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की।
उनके इस प्रयास की खास बात यह थी कि वे न केवल एग्जाम क्लियर कर पाए, बल्कि उन्होंने 62वीं रैंक के साथ टॉप भी किया और अपने मन मुताबिक आईएएस पद (IAS Post) पाया। मीडिया को दिए इंटरव्यू में आनंद ने मुख्यत निबंध के पेपर में अच्छे अंक लाने के लिए कुछ छोटी लेकिन जरूरी बातों पर ध्यान रखने की सलाह दी। वो अपनी मंजिल को पाने के लिए लगे रहे। हर बार हार को अपनी सफलता की सीढ़ी बनाकर आगे बढ़ते चले गये।
अगर मुख्यतः निबंध की बात करें तो साल 2016 में आनंद के निबंध में 123 नम्बर मिले थे, 2017 में 135 और तीसरी बार जब वे टॉपर बने उस साल उन्होंने निबंध में 141 नम्बर मिले थे। इस प्रकार आप देख सकते हैं कि निबंध में हर साल उनके अंकों का बढ़ोतरी देखने को मिली। इस बार उनकी किस्मत भी अच्छी रही और उनका सिलेक्शन हो गया। पहले से कुछ नया करने के जुनून ने उनको अपनी मंजिल तक पहुँचा दिया।
टॉपिक सेलेक्शन सोच समझकर करे
डॉ आनंद (Dr Anand Sharma) कहते हैं कि सबसे पहले जब परीक्षा हॉल में आपके हाथ में पेपर आए तो निबंध लिखने में जल्दबाजी न करें। पहले सब कुछ ध्यान लगाकर पढ़े। उसके बाद नतीजे पर पहुंचे। एकदम से पेपर करना शुरू ना करे। पहले आराम से पेपर पढ़ें और जो विषय दिए गए हैं, उन पर विचार कर लें। यह देख लें कि किस विषय में आपके पास अच्छा और अधिक मैटीरियल है।
यह तय करने के बाद दूसरे स्टेप में एक पेपर में उस विषय के मुख्य बिंदु जिन्हें आप बाद में एक्सेप्लेन करेंगे, वे भी लिख लें। मोटे तौर पर उस पेज पर वह सब मेंशन करें जिनके बारे में आप आगे बात करने वाले हैं। ऐसा करने से निबंध लेखने शुरू करने के बाद आगे परेशानी नहीं आती और न ही आप कोई जरूरी बिंदु भूलते हैं। जैसा कि निबंध को एक फ्लो में लिखने की बात कही जाती है, वह भी इस तरीके से मेंटेन रहता है।
कुछ अच्छी आदतें आपको सफलता दिलाने में कामयाब होती है। सभी विषयों को ध्यान से पढ़ लें और देखें कि आप किसमें सबसे अच्छा लिख सकते हैं। आनंद अपना अनुभव शेयर करते हुऐ बताते हैं कि वे पहले उन दो टॉपिक्स को अलग कर देते थे जिनके बारे में अच्छे से नही पता हो। उसको लिखने के लिए पॉइंट ना याद आये।
फिर बचे दो विषयों में से किसमें वे ज्यादा बेहतर कर सकते हैं, यह तय करते थे और उसी को फाइनल कर देते थे। फिर उस पर लिखना शुरू कर देते थे। विषय का चयन करना भी सबसे महत्वपूर्ण होता है। कि बार हम जल्दबाजी में ऐसा टॉपिक चुन लेते है जिसके बारे में हम गहराई से नही जानते।
रूपरेखा होनी होना चाहिए
आनंद कहते हैं कि एक अच्छे निबंध की पहचान यह होती है कि वह स्ट्रक्चर्ड होता है। अपने पॉइंट इस तरह से तैयार करे कि सबका एक दूसरे से मेल हो। ऐसा ना हो कि आप जो लिखने वाले है उसका कोई अर्थ ही ना बैठे। ये छोटी छोटी से बात आपको बहुत ध्यान में रखना चाहिये।
एक पॉइंट के बाद दूसरा पॉइंट आता है और सभी बिंदु आपस में कनेक्टेड होते हैं। ऐसा नहीं होता कि एक बात का दूसरे से कोई मेल ही ना हो। एक अच्छे स्ट्रक्चर्ड निबंध की यही पहचान होती है। इसे लिखने के लिए प्रेक्टिस बहुत जरूरी है। जब आप परीक्षा की तैयारी करते हैं तो सभी पेपरों की तरह इसके भी मॉक टेस्ट दें और खूब प्रैक्टिस करें।
वैसे तो यह विषय पर निर्भर करता है, पर कोशिश करें कि पक्ष और विपक्ष दोनों की बात करें और एक बैलेंस्ड अपरोच लेकर चलें। दोनों पॉइंट को कवर करे। अपनी बात के सपोर्ट में तर्क रखें और उसे साबित करने के लिए रिपोर्ट्स, डेटा, फैक्ट्स, एग्जाम्पल्स आदि जो भी संभव हो वे सब उसमें डालें। निबंध पढ़कर यह नहीं लगना चाहिए का आप ऐसे ही हवा में बात कर रहे हैं। आपके पास अपनी बात के ठोस आधार होने चाहिए। उस विषय की गहराई का पता होना चाहिये। जिस विषय पर आप लिख रहे है उसकी बारीकियों भी उसमे लिखे।
परेशानी का नहीं समाधान का हिस्सा बनें
आनंद कहते हैं कि जब किसी विषय पर बात करें, तो केवल उसकी कमियां, समस्याएं या निगेटिव बातें ही न डिस्कस करते रहें बल्कि एक जिम्मेदार ऑफिसर की तरह समस्या के संभावित समाधान भी बताएं। आपको किसी भी टॉपिक पर गलतियां या उसकी कमियां नही देखनी है। उस टॉपिक की अच्छाई आपको सामने रखनी है।
किसी भी विषय पर बात करें तो उसकी कमियां नही गिनवना चाहिये। अगर किसी बात में कमी दिखाई देती है तो उस कमी को कैसे दूर किया जाये इस विषय पर बात को आगे बढ़ाए। आप जिस पद पर बैठने की चाह रखते हैं, उसके लिए जरूरी है कि आपके पास हल हों न की सवाल।
"I started preparing but the problem was I didn’t know anything about UPSC and the struggle started. I failed prelims due to my overconfidence as I thought I would be easily able to do it."
Anand Sharma, IAS 2019
Full Story: https://t.co/hU6zxukFn7 pic.twitter.com/5d8tSxHxY3
— Humans of LBSNAA (@humansoflbsnaa) May 2, 2019
अगली जरूरी बात यह कि इस पेपर को गंभीरता से लें। यह समझ लें कि इस पेपर के अंक आपकी रैंक बना सकते हैं। इसलिए मुख्य परीक्षा के पहले खूब अभ्यास करें और ऐस्से लिखकर उन्हें टॉपर्स के निबंध से कंपेयर करें और देखें कि एक टॉपर (Topper) कैसे किसी विषय पर लिखता है और आपने कैसे लिखा है।
जो कमियां समझ आएं उन्हें दूर करें। कम से कम दस से पन्द्रह निबंध मुख्य परीक्षा के पहले जरूर लिखें। कुछ बढ़िया कोट्स तैयार कर लें जिनका जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल हो सके। इनसे पढ़ने वाले पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। इन कुछ छोटी लेकिन जरूरी बातों का ध्यान रखकर आप इस पेपर में बढ़िया स्कोर कर सकते हैं।
दूसरे स्टूडेंट्स को सलाह
आनंद का मानना है कि यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) में सफलता प्राप्त करने के लिए आपको निबंध का पेपर अच्छी तरह सॉल्व करना चाहिए। सबसे पहले इसके लिए एक रफ स्ट्रक्चर बना लें और उसके हिसाब से लिखना शुरू करें। वे कहते हैं कि अगर आप यूपीएससी की तैयारी सही दिशा में करेंगे तो आपको सफलता जल्द मिलेगी। वहीं असफल होने पर निराश नहीं होना चाहिए और मोटिवेट रखकर लगातार तैयारी करते रहना चाहिए। अपनी हार से सीख लेकर आगे बढे। अपने आपको पहले से अधिक मजबूत बनाये। हौसला काम नही होने देना चाहिये।



