
Kerala: अगर आप शांत मन से होकर मेहनत करते हैं, तो आपकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो आप आसानी से सफलता (Success) पा सकते हैं। कभी भी सफलता अमीरी गरीबी को नही देखती। आपके मजबूत इरादे आने वाली मुश्किलों से लड़ने की ताकत देती हैं। बेहतर भविष्य (Future) के लिए जरूरी है कि आप कड़ी मेहनत करते रहें।
अगर मन में कोई बात घर कर गई हो तो उसको पाने के लिए क्या नही किया जा सकता, जब दशरथ माँझी सीना ताने खड़े पहाड़ी को काटकर रस्ता बना सकते हैं, तो हम क्यों नही कर सकते हैं, ऐसा ही कुछ कर दिखाया है केरल के इडुक्की की रहने वाली सेल्वाकुमारी एस ने, सेल्वाकुमारी दिन में खेतों में काम करती थी और बचे समय पर पढाई करके एक बार में ही PCS क्लियर किया है।
प्रकृति ने मनुष्य को हर विपरीत परिस्थिति का सामना करने के योग्य बनाया है। मुसीबतें कितनी भी बड़ी क्यों न हों, इंसान का आत्मविश्वास, मेहनत और लगन उसकी मेहनत के सामने घुटने टेक देता है। हमारे देश में प्रतियोगी परीक्षाओं का अलग ही महत्व है। नाम और हैसियत का प्रतीक बन चुकी सरकारी नौकरी पाना आसान नहीं है। सीटें कम हैं और लाखों-करोड़ों की उम्मीद उस सफलता को पाकर अपने मुकाम को हासिल करना।
Selva Kumari J IAS transferred as Special Secretary- Rural Development Dept, UP – https://t.co/NoNP5gm5ws pic.twitter.com/ChOSpyEI5X
— Indian Bureaucracy (@INDBureaucracy) June 10, 2019
IAS/PCS भारत के सबसे बड़े एग्जाम होते है और इनको पास करने के लिए युवाओ को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है, वो भी लगातार कई साल तक फिर भी सफलता हाथ नही लगती है। कई अभ्यर्थी निराश होकर उम्मीद छोड़ देते है। केरल के इडुक्की की रहने वाली सेल्वाकुमारी एस (Selva Kumari) अपनी मां के साथ पौधे लगाने का काम करती हैं। उन्होंने पहली बार में PCS का टेस्ट क्लीयर किया है। उनके संघर्ष भरे जीवन को सुन आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी
पहले खेतो में मजदूरी के लिए फावड़ा उठाया, अब अफसर बनकर कलम उठाएगी
सेल्वकुमारी (Selva Kumari) की परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नही थी। लेकिन उनके अंदर पढ़ाई करने का जुनून था। पैसों ने उन्हें मजबूर कर दिया था। लेकिन हिम्मत नही हारी थी। 28 वर्षीय सेल्वाकुमारी ने पहले ही प्रयास में केरल पीएससी परीक्षा पास कर ली है। घर खर्च के लिए मां ने काम करना शुरू कर दिया, सेल्वाकुमारी की मां इलायची के खेतों में काम करती थीं और सेल्वाकुमारी ने अपनी मां का हाथ बटाया वो भी इलायची के खेतों में काम करने लगी।
माँ ने अकेली की परवरिश
सेल्वा का बचपन बहुत ही संघर्ष भरा रहा। केरल के वंडीपेरियार के छोट्टुपारा गांव की सेल्वाकुमारी की मां ने अकेले ही उनका पालन-पोषण किया। अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नही हटी माँ। बेटियों का पेट भरने के लिए माँ ने खेतो में काम किया। सेल्वाकुमारी के पिता मां-बेटी को अकेला छोड़ गए थे। सेल्वाकुमारी की दो छोटी बहनें थीं और माँ के लिए तीनों को अकेले पालना मुश्किल था। सेल्वाकुमारी ने भी अपनी माँ की मदद के लिए इलायची के खेतों में काम करना शुरू कर दिया।
Hats off to DM Smt. Selva Kumari J. IAS. This photo has three very strong messages:
1. Real Woman empowerment
2. All Kanwariyas are not goon and illiterate
3. In Hindu Religion, a woman has equal rights and Hindu culture has such values that our Nari Shakti can do anything. pic.twitter.com/lwFGnUUD1v
— Aditya Trivedi (@AdityaTrivedi_) August 11, 2018
सेल्वाकुमारी एक कमरे के घर में अपनी मां और दादी के साथ रहती हैं। इतनी मुश्किलों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। पढ़ाई को जारी रखा। कई लोग अपनी गरीबी का रोना रोकर पढ़ाई छोड़ देते है लेकिन सेल्वा ने ऐसा कुछ नही किया। उन्होंने गरीबी को अपने ऊपर हावी नही होने दिया। सेल्वाकुमारी ने सरकारी महिला कॉलेज, तिरुवनंतपुरम से गणित में स्नातक किया। उन्होंने एमफिल में टॉप किया है।
कॉलेज में मजाक उड़ाया जाता था
सेल्वाकुमारी (Selva Kumari Kerala) मलयालम में बात नहीं कर सकती थीं। इस वजह से वह कॉलेज और क्लास में उनका मजाक उड़ाता था। उन्होंने किसी की बात नही सुनी अपने लक्ष्य की ओर डटी रही। अर्जुन की तरह केवल अपने लक्ष्य पर ही ध्यान दिया। सरकारी नौकरी (Government) पाने का सपना देखने वाली इस मेहनती लड़की को किसी की बात का को कोई फर्क नहीं पड़ा। आज अपने सपनों को साकार कर सेल्वाकुमारी ने सबका मुंह बंद कर दिया है।



