खुद को शिवसेना कहने के बजाय उन्हें ‘ठाकरे सेना’ कहना चाहिए: शिवाजी के वंशज की फटकार

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Udayanraje Bhosale Image Credits: ANI

महाराष्ट्र और शिवाजी ये दो शब्द कभी अलग हो ही नहीं सकते फिर चाहे कोई कहानी हो या इतिहास हो या फॉर कोई विवाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना छत्रपति शिवाजी से करने वाली किताब “आज का शिवाजी: नरेंद्र मोदी” पर महाराष्ट्र की राजनीति में कुछ उबाल आ गया है। इस किताब पर चुटकी लेते हुए शिवसेना ने सामना पत्रिका के संपादकिय में लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना छत्रपति शिवाजी से करना ‘पाखंड और चाटुकारिता’ की हद है।

अब सामना के इस लेख पर वैसे तो भाजपा की तरफ से जवाब आना चाहिए था किन्तु इस पर करारा जवाब देते हुए छत्रपति शिवाजी के वंशज व पूर्व सांसद उदयनराजे भोसले ने कहा है कि महाराष्ट्र की जनता मूर्ख नहीं है। खुद को शिवसेना कहने के बजाय उन्हें ‘ठाकरे सेना’ कहना चाहिए।

Uddhav Thakre To Modi

ज्ञात हो की इस किताब पर चुटकी लेते हुए शिवसेना ने सामना में लिखा था कि, मोदी एक कर्तबगार और लोकप्रिय नेता हैं, देश के प्रधानमंत्री के रूप में उनका कोई तोड़ नहीं। फिर भी वे देश के छत्रपति शिवाजी हैं क्या, उन्हें छत्रपति शिवाजी का स्थान देना सही है क्या, इसका उत्तर एक स्वर में यही है, नहीं नहीं, उनकी तुलना जो लोग शिवाजी महाराज से कर रहे हैं, उन्होंने छत्रपति शिवाजी राजे को समझा ही नहीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी ये तुलना पसंद नहीं आई होगी। किन्तु अति उत्साही भक्त नेताओं के लिए अक्सर परेशानी खड़ी कर देते हैं। ये मामला भी कुछ ऐसा ही है।

सामना के इस लेख के बाद छत्रपति शिवाजी के वंशज व पूर्व सांसद उदयनराजे भोसले ने शिवसेना पर ज़बरदस्त प्रहार करते हुए कहा कि, शिवसेना का समय अब खत्म हो गया है। वो स्वयं को शिवसेना कहना बंद करें, इसके बजाय आपको खुद को ‘ठाकरे सेना’ कहना चालू कर दे। महाराष्ट्र के लोग मूर्ख नहीं हैं।


Udayanraje Bhosale, Ex-MP and descendant of Chhatrapati Shivaji Maharaj on the book “Aaj ke Shivaji: Narendra Modi”, I am telling you that your time is over. Stop calling yourself Shiv Sena, instead you should call yourself ‘Thackeray Sena’. People of Maharashta aren’t fools.

आपको बता दें की भाजपा नेता जय भगवान गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक किताब लिखी है, जिसका शीर्षक ‘आज का शिवाजी: नरेंद्र मोदी’ है। रविवार 12 जनवरी को इस किताब का विमोचन दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय पर किया गया था। इस मौके पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष व सांसद मनोज तिवारी समेत कई भाजपा के नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। इसके बाद इस किताब के टाइटल को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल का दौर शुरू हो गया।

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