मिस ट्रांस ग्लोबल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय ट्रांसजेंडर श्रुति सितारा के सफलता की कहानी

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Sruthy Sithara Trans
Keralite trans woman Sruthy Sithara has won the Miss Trans Global pageant. Sruthy Sithara has made India proud by wins the title of Miss Trans Global Universe 2021. The 25-year-old Kerala Trans is the first Indian to hold this title, held during an online event.

Photo Credits: Instagram(sruthy_sithara__)

Kottayam: वैसे तो सामान्य तौर पर स्त्री और पुरुष होते हैं, परन्तु इसके अलावा एक तीसरा शब्द भी होता है, जिसे ट्रांसजेंडर कहा जाता है। आम स्त्री और पुरुष वाली इस सोसायटी में ट्रांसजेंडर (Transgender) को अलग ही नज़रों से देखा जाता है। भारतीय सरकार सभी ट्रांसजेंडर और इनके समाज को बराबर अधिकार का दर्ज़ा देती है। भारतीय सरकार अब इनके उत्थान के बारे में भी सोच रही है।

ऐसे में एक खबर अन्न ट्रांसजेंडर लोगो को बाहर प्रेरित करने वाली है और यह भारत के लिए ही बड़े गर्व के बात है की हाल ही में केरल की एक ट्रांसजेंडर महिला (Transgender Woman) ने इतिहास रचते हुए भारत और भारतियों का नाम रोशन किया है।

दक्षिण भारत के राज्य केरल की श्रुति सितारा (Sruthy Sithara) ने मिस ट्रांस ग्लोबल यूनिवर्स 2021 (Miss Trans Global Universe 2021) का खिताब जीत लिया है। अब हर भारतीय को श्रुति पर उतना ही गर्व होना चाहिए, जितना की ऐश्वर्या राय पर हुआ था, जब वे Miss World 1994 का ख़िताब जीतकर लाई थी।

बता दें की न्यूज़ अख़बार The Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 6 महीनों से श्रुति सितारा ने मिस ट्रांस ग्लोबल प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। आपदा की वजह से ऑनलाइन इवेंट में प्रतियोगिता के विजेता घोषित किए गए।

ये वर्ल्ड इवेंट लंदन से ऑर्गनाइज़ किया गया था। भारत की श्रुति को इस प्रतियोगिता में मोस्ट इलोक्वेंट क्वीन (Most Eloquent Queen) का भी खिताब हासिल हुआ। भारत की शान बनते ही ‘Sruthy Sithara’ की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा।

विजेता श्रुति ने The New Indian Express से बात-चीत में कहा की “मैं बहुत ख़ुश और एक्साइटेड हूं। मुझे यह नहीं लग रहा था कि मैं ये सफलता हासिल करूंगी। मैं इस प्रतियोगिता में महीनों से हिस्सा ले रही थी और अब ये एक शानदार मुकाम पर समाप्त हुआ है। मैं अपने होमटाउन वाइकोम में थी। अब सभी बहुत ख़ुश हैं।” श्रुति ने मीडिया में और भी बातें बताई।

श्रुति केरल के सोशल जस्टिस डिपार्टमेंट में ट्रांसजेंडर सेल में काम कर चुकी हैं। कोट्टायम, केरल (Kottayam, Kerala) की 25 साल की श्रुति अपनी ट्रांसजेंडर समुदाय के हक़ के लिए भी हमेशा कड़ी रही हैं। वे एक समान अधिकारों के आवाज़ उठती हैं। उन्होंने कई प्रोग्राम में अनेक स्कूल और कॉलेज में भाषण भी दिए हैं। वे एक अच्छी वक्ता भी हैं।

श्रुति ने मीडिया में बताया की मैं एक ऐसी फॅमिली में पली और बड़ी हुई हूँ, जहां मुझे हमेशा प्यार और सपोर्ट मिला। मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। फिर भी मेरे पिता, भाई और भाभी ने मेरा हमेशा समर्थन किया। उनकी वजह से मुझे मेरे आस-पास और फॅमिली में कोई परेशानी नहीं हुई, कई ट्रांस समुदाय के लोगों को पारिवारिक परेशानी से भी जूझना बढ़ता है। आपका परिवार आपका पहला समाज होता है।

आगे वे बताती है की यदि आपका परिवार आपको एक्सेप्ट कर लेता है, तो दुनिया भी आपको एक्सेप्ट कर ही लेती है। बता दें की अपनी फॅमिली के सपोर्ट मिलने के बावजूद श्रुति का रास्ता आसान नहीं था। उन्हें स्कूल में इग्नोर किय जाने और कभी कभी बुलिंग का भी सामना करना पड़ाता था। गलत टिप्पणियां सुन्ना मानो आम बात थी। हालाँकि सभी गलत टिप्पणियां सुनकर भी श्रुति उन्हें इग्नोर कर दिया करती थी।

श्रुति ने अपने स्कूल में बहुत चीज़े सहन की और फिर कॉलेज में उनके लक ने साथ दिया। कुछ अच्छे लोग मिले। कोच्चि में एक इवेंट के दौरान वे ट्रांस समुदाय के अन्य मेंबर्स से मिलीं और उन्हें लगा की सब सामान्य है और ट्रांस होना भी अब सामान्य बात है और उन्होंने अपना कॉन्फिडेंस बढ़ा लिया। अब श्रुति ने विष लेवल पर सफलता हासिल करके देश का मान बढ़ाया है। वे अन्न ट्रांस लोगो के लिए प्रेरणास्त्रोत बनकर उभरी हैं।

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