सुनवाई के अंतिम सप्ताह से पहले अयोध्या में लागू हुई धारा 144, निर्णय आने तक रहेगी पाबंदी।

0
503

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में धारा 144 लागू हो गई है। जिलाधिकारी अनुज झा से मिली जानकारी के मुताबिक अयोध्या में धारा 144 लगाई है। हालांकि अयोध्या में आने वाले दर्शनार्थियों और दीपावली महोत्सव पर धारा 144 का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के पहले धारा 144 लगाई गई है।

अयोध्या, 13 October 2019 सुनवाई के अंतिम सप्ताह से पहले अयोध्या में लगी धारा 144, निर्णय आने तक रहेगी रोक। अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दीपावली महोत्सव पर धारा 144 का कोई प्रभाव नहीं होगा।

जंजारी के अनुसार जिलाधिकारी अनुज झा ने अयोध्या में धारा 144 लगाई है। हालांकि अयोध्या में आने वाले दर्शनार्थियों और दीपावली महोत्सव पर धारा 144 का किसी भी प्रकार का कोई प्रभाव नहीं होगा। अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के पहले धारा 144 लगाई गई है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने बताया था कि आयोध्या मामले की सुनवाई 17 अक्टूबर को खत्म हो जाएगी।
https://twitter.com/allindiamemers/status/1183425956452687872

विश्व हिंदू परिषद के नए कदम से विवाद

अयोध्या में धारा 144 ऐसे टाइम लागू की गई जब विश्व हिंदू परिषद ने इस बार गर्भगृह में विराजमान रामलला के साथ दीपावली मनाने का फैसला किया है। वहीं बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने इसका गंभीर विरोध करते हुए कहा है कि अगर कमिश्नर ने विवादित परिसर में विश्व हिंदू परिषद को दीपावली मनाने की परमिशन दी तो वह भी वहां नमाज अदा करने की अपील करेंगे।

विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि भगवान श्रीराम जब लंका पर विजय हासिल कर अयोध्या वापस आये थे, तब से लेकर आज तक यानी त्रेता युग से लेकर कलयुग तक जगह-जगह पर संतों का प्रोग्राम होता है। दीपों का समारोह होता है। मैं जानता हूं कि अगर अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है तो उनकी जन्मभूमि पर भी दीपोत्सव का प्रोग्राम होना चाहिए।


हम अपील करेंगे कि रामलला जहां विराजमान है वह भी दीपोत्सव का प्रोग्राम होना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने इसके खिलाफ कड़ा विरोध किया। बाबरी मस्जिद के पक्षकार हाजी महबूब ने कहा कि जहां तक विश्व हिंदू परिषद की बात है, तो वहां इजाजत किसी को नहीं मिलेगी।

अगर कमिश्नर परमिशन देंगे तो गलती करेंगे। कोर्ट के आदेश के अनुसार वहां दीप जलाने की इजाजत नहीं है। अगर हिंदू पक्ष को इजाजत मिलती है तो हम लोग भी कुछ और विचार करेंगे। हम कमिश्नर कहेंगे कि उनको दीप जलाने को दिया, हमको नमाज पढ़ने के लिए इजाजत दीजिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here