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जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 समाप्त कर केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय किया है। केंद्र सरकार के इस फैसले के बाद घाटी में विकास के नए रास्ते खुल गए है। कश्मीर पंडितों को लेकर श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में आयोजित स्वतंत्रता दिवस अवसर के दौरान जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक कही हैं।
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा है कि कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है। सरकार घाटी में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित फिर से उनको लाने के लिए और उनके फिर से आवास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी माइग्रेंट के लिए जारी किए गए 6000 में से 3000 सीटों में भर्ती की प्रॉसेस जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।
इसके अतिरिक्त कश्मीरी माइग्रेंट इम्प्लाइज के लिए रिहाइश बनाने का काम बहुत शीघ्र कम्पलीट कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रवासी कश्मीरियों पंडितों को फिर से बसाने की प्रकिया सभी के समर्थन से ही मुमकिन हो पाएगी है।
उन्होंने बताया कि घाटी के व्यक्तियों को बिना किसी बात के जानबूझ कर उन मसलों पर ले जाया गया, जिनका अपना कोई उद्देश्य नही है, कोई अस्तित्व नहीं हैं। उन्होंने बताया कि बीते 70 सालों में घाटी के नेताओ ने यहां के स्थानीय निवासियों की रोटी, कपड़ा और मकान पर कभी भी अपना समर्थन नहीं दिया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान बदलाव के चलते घाटी में आर्थिक विकास की गति बढ़ेगी, स्थानीय निवासियों लिए रोजगार के नए अवसर प्रदान होंगे। वर्तमान में हो रहे परिवर्तनों से देश के अन्य भागो के साथ समानता की किरणे भी नजर आएंगी।
All India Radio (AIR): Jammu and Kashmir Governor, Satya Pal Malik directs Civil Secretariat Srinagar & government offices to resume normal functioning from today. (file pic) pic.twitter.com/YqnaHEEWE0
— ANI (@ANI) August 16, 2019
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि मैं जम्मू और कश्मीर के लोगों को आव्हान करना चाहता हूं कि उनकी पहचान खोई नही है और न ही इसमें किसी प्रकार की कोई हस्तक्षेप किया गया है। कोई भी स्थानीय लोगो को किसी भी बात से परेशान नहीं होना चाहिए कि इन मोजूदा हालात से उनकी पहचान खत्म हो जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी नागरिकों को उनके द्वारा चुना प्रतिनिधि आवश्यक मिलेगा।



