हरियाणा के लाल रवि दहिया का ओलिंपिक मैडल पक्का, अब गोल्ड की उम्मीद जागी: Tokyo Olympic

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Ravi Dahiya Tokyo Olympics
Ravi Dahiya comes back from behind to defeat Nurislam Sanayev of Kazakhstan in a dramatic semifinal. Ravi Kumar Dahiya to qualify for the final in Tokyo Olympics.

Photo Credits: Twitter

Delhi: अभी भारत को टोक्यो ओलिंपिक (Tokyo Olympics) में गोल्ड मैडल (Gold Medal) की आस है और उम्मीद भी जाग चुकी है। टोक्यो ओलिंपिक में बुधवार को हरियाणा (Haryana) राज्य सोनीपत के गांव नाहरी के बेटे रवि दहिया (Ravi Kumar Dahiya) ने कमाल कर दिया। कुश्ती के पुरुषों की 57 किग्रा फ्रीस्टाइल सेमीफाइनल (Wrestling, Men’s 57kg Freestyle Semi-finals) में रवि कुमार दहिया ने नूरिस्लाम सनायेव (Nurislam Sanayev) के खिलाफ जीत दर्ज कर ली।

अब इस जीत के बाद पहलवान रवि दहिया (Ravi Dahiya) ने ओलिंपिक में सिल्वर मैडल पक्का कर लिया है। पहली बार ओलिंपिक में खेल रहे सोनीपत के गांव नाहरी के पहलवान रवि दहिया ने सेमीफाइनल (Simifinal) में कजाकिस्तान के पहलवान को 9-7 से हराकर फाइनल (Final) में प्रवेश कर लिया है। अगर वे फाइनल में जीत जाते हैं, तो गोल्ड मैडल हासिल कर लेंगे और अगर हारते हैं, तो भी सिल्वर मैडल (Silver Medal) पक्का समझो। वहीं बेटे के फाइनल में पहुंचते ही पूरा नाहरी जश्न में डूब गया। ग्रामीणों ने ढोल बजाकर जीत की खुशी मनाई।

बता दे की बुधवार सुबह टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में गांव नाहरी के अंतरराष्ट्रीय पहलवान (Wrestler) रवि दहिया (57 किलोग्राम) ने क्वालीफाइंग मैच से ही जीत के अभियान की शुरुआत की। भारतीय पहलवान रवि ने कोलंबिया के पहलवान को 13-2 से हराया। इसके कुछ देर बाद ही क्वार्टरफाइनल में बुल्गारिया के पहलवान को 14-2 से हराकर सेमीफाइनल में स्थान बनाया। बता दे की रवि का छोटा भाई पंकज और चचेरा भाई संजू भी पहलवान है।

रवि दहिया ने इससे मैच के पहले मंगलवार को भाई पंकज और संजू से वीडियो काल के जरिये बात की और कहा कल ऐसा खेल दिखाउंगा की दुनिया याद रखेगी। इसे सही साबित करते हुए रवि ने ऐसा ही खेल दिखाया। दोनों विरोधी पहलवानों को एक तरफा मुकाबलों में हराते हुए जीत हासिल कर ली। वो सुशील कुमार के बाद रेसलिंग के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय पहलवान हैं।

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रवि के दोनों कुश्ती मैच जीतते ही दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में कुश्ती देख रहे पंकज और संजू ने साथी पहलवानों के साथ जश्न मनाया। संजू ने बताया कि उन्हें विश्वास है कि रवि फाइनल भी जीतेगा। वहीं गांव नाहरी में टीवी पर कुश्ती देख रहे रवि के पिता और अन्य ग्रामीणों में भी बहुत ख़ुशी है। रवि के पिता राकेश दहिया ने बेटे के गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद बाँधी है। बेटे की जीत पर भावुक हुए राकेश दहिया ने कहा कि आज उनका सपना साकार हो गया। अब बस रवि गोल्ड जीतकर लौटे, यही उनकी ख्वाहिश है।

कजाखस्तान के अलमाटी में पिछले दिनों हुई एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में रवि दहिया ने एकतरफा मुकाबलों में गोल्ड मेडल (Gold Medal) जीता था। 57 किलो में रवि दहिया ने उज्बेकिस्तान के सेफरोव को 9-2 से, सेमीफाइनल में पेले के अबु रहमान को 11-0 और फाइनल में इरान के सरलक को 9-4 से हराते हुए गाेल्ड मेडल जीता।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है की रवि के पिता राकेश दहिया पेशे से किसान हैं। राकेश दहिया ने आर्थिक तंगी से जूझते हुए अपने बेटे रवि को अंतरराष्ट्रीय लेवल तक पहुंचाया। राकेश दहिया दूसरे बेटे पंकज को भी पहलवान बना रहे हैं। पंकज अभी जूनियर पहलवान है और वह दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम के अखाड़े में प्रैक्टिस कर रहा है। फिलहाल रवि देश का नाम रोशन कर रहा है।

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