आजम खान को एक ओर बड़ा झटका मिल गया है जिसके अंतर्गत जौहर यूनिवर्सिटी की 7 हेक्टेयर जमीन का पट्टा खारिज कर दिया। यह जमीन कोसी नदी क्षेत्र की रेत की जमीन है, जो सार्वजनिक इस्तेमाल की भूमि है। जिसे 24 जून 2013 को 30 साल के लिए मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव नसीर अहमद खान के नाम से गलत तरीके से लीज पर मुहिम कराया गया था।
रामपुर से समाजवादी पार्टी सांसद आजम खान को एक के बाद एक झटके मिल रहे हैं। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए उनके खाते में एक और बुरी खबर है जुड़ गई है कि आजम खान के ड्रीम Project जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन का पट्टा खारिज कर दिया गया है। उप जिलाधिकारी सदर प्रेम शंकर तिवारी की अदालत ने जौहर यूनिवर्सिटी की 7 हेक्टेयर जमीन के पट्टे को ख़ारिज कर दिया है।
कोर्ट ने माना कि गलत आकड़ो के आधार पर लीज पर जमीन ली गई थी। यह जमीन कोसी नदी क्षेत्र की रेत की जमीन है, जो सार्वजनिक इस्तेमाल की जाने वाली भूमि है। जिसे 24 जून 2013 को 30 साल के लिए मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव नसीर अहमद खान के नाम से गलत आंकड़े दिखाकर अपने नाम लीज पर ले ली थी।
6 जून 2019 को निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ने यह मुद्दा पकड़ा था और उप जिलाधिकारी सदर के न्यायालय में याचिका दायर करा दी थी। इसी मुद्दे पर सुनवाई करते हुए उप जिलाधिकारी ने यह पट्टा ख़ारिज कर दिया है। उधर प्रवर्तन निदेशालय किसी भी वक्त आज़म खान के विरुद्ध मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर सकता है।
Rampur: District administration has suspended 30-year lease of about 7 hectares of land of Rampur MP Azam Khan’s Mohammad Ali Jauhar University. pic.twitter.com/IEz853qT0f
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 27, 2019
ईडी ने रामपुर पुलिस प्रशासन से समाजवादी पार्टी सांसद आज़म खान और अन्य के विरुद्ध दर्ज 28 FIR की सभी जानकारी मांगी है। खबरों के मुताविक रामपुर पुलिस और प्रशासन अभी सभी FIR की स्क्रूटनी कर रहा है। उनसे जुड़े कागजात और सभी अपराधियों की सभी जानकारी भी बनाई जा रही है।
आजम खान के विरुद्ध भूमाफिया घोषित किये जाने के बाद अब तक उन पर 27 केस दर्ज हो चुके हैं। गुरुवार को आजम खां को एक और बड़ा झटका लगा। यूपी जिलाधिकारी सदर के न्यायालय ने आजम खान के मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के भीतर जा रहे सार्वजनिक मार्ग से अनधिकृत कब्जा हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। उप जिलाधिकारी सदर रामपुर प्रेम प्रकाश तिवारी ने क्षतिपूर्ति के रूप में आजम खान पर 3 करोड़ 27 लाख 60 हज़ार रुपये का जुर्माना भी ठोक दिया है।
उप जिलाधिकारी सदर न्यायलय ने यह भी निर्देश दिया है कि कब्जा हटाने के बाद 9 लाख 10 हज़ार रुपये प्रतिमाह की दर से 15 दिन के भीतर वादी लोक निर्माण विभाग में जमा कराए। जौहर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति आजम खान हैं और उनके ऊपर किसानों और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले पर आरोप लगा है। इस मुद्दे में SIT जांच भी की जा रही है।




