
Rudraprayag: एक बार फिर एक बिटिया ने साबित कर दिया कि बेटियां किचन से निकल के देश के हर कोने में अपनी जीत का झंडा फतेह कर सकती। देश की बेटियां आज उस मुकाम पर हैं, जहां एक समय में सोच भी नहीं सकती थी।
यदि पुराणों में देखा जाए तो बेटियां प्रारंभ से ही शक्तिशाली और सम्माननीय है, परंतु कुछ दरिंदों ने उनसे उनका सम्मान और शक्तियों को छीन लिया था। जिसके कारण बेटियों को लोग अभिशाप मानने लगे थे, परंतु एक बार फिर बेटियां समाज में और दुनिया में अपना स्थान बना रहे हैं, वे एक बार फिर पूजनीय होने जा रही हैं।
नारी शक्ति से बढ़कर आज की दुनिया में कोई शक्ति नहीं है इस बात का जीता जागता उदाहरण रुद्रप्रयाग (Rudraprayag) की बेटी प्रीति नेगी (Preeti Negi) है। जिन्होंने अपनी शक्ति और सामर्थ्य से 1 वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम किया आइए जानते हैं कौन है यह बेटी और किस तरह इस रिकॉर्ड को बनाया।
प्रीति नेगी का संक्षिप्त परिचय
उत्तराखंड (Uttarakhand) की बेटी प्रीति नेगी उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग के गांव चंद्र नगर की रहने वाली है। प्रीति के पिता शहीद हवलदार राजपाल सिंह वर्ष 2002 में जम्मू कश्मीर के बॉर्डर पर उग्रवादियों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।
प्रीति के माता भागीरथी देवी एक ग्रहणी थी, परंतु उन्होंने अपनी बेटी का उत्साह बढ़ाया और उसे आगे बढ़ने में मदद की उन्होंने कभी अपनी बेटी को पीछे की तरफ नहीं खींचा, बल्कि वे उन्हें उनके पिता की तरह मजबूत और शक्तिशाली देखना चाहती थी जो कि आज प्रीति है।
प्रीति नेगी की अचीवमेंट
प्रीति बचपन से ही काफी होनहार और स्पोर्ट एक्टिविटी में काफी तेज थी। उन्होंने बचपन से ही साइकिलिंग, बाइकिंग, पर्वतारोहण, जेसी कई एक्टिविटी में इंट्रस्ट आ गया था। वे इसी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहती थी और अपने माता-पिता का नाम रोशन करना चाहती थी। उनके पिता के जाने के बाद उनका परिवार काफी ज्यादा सदमे में आ गया था।
उनके घर का एकमात्र सहारा उनके पिता ही थे, परंतु उसके बाद मां भागीरथी ने घर को और अपने परिवार को काफी अच्छे से संभाला और अपनी बेटी को आगे की तरफ बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रीति की पढ़ाई अगस्त्यमुनि से हुई। पढ़ाई के चलते प्रीति ने वर्ष 2015 में स्टेट बॉक्सिंग करती थी।
इसके बाद वर्ष 2016 में उन्होंने पर्वतारोहण का प्रारंभिक कोर्स किया। इसके बाद उन्होंने प्रैक्टिस के तौर पर कई ऊंची ऊंची पहाड़ियों पर चढ़ाई भी की फिर वर्ष 2017 में यूथ फाउंडेशन में कई लड़कियों बतौर इस्ट्रक्टर आर्मी के लिए ट्रेनिंग दी। फिर वर्ष 2019 में ए ग्रेड का पर्वतारोहण का कोर्स और 5670 मीटर की चढ़ाई की।
4 दिन में 272 किलोमीटर की दूरी तय कर कायम किया वर्ल्ड रिकॉर्ड
प्रीति एथलीट के क्षेत्र में सबसे आगे हैं। उन्हें एथलीट के हर गेम बेहद पसंद है, साइकिलिंग उनकी सबसे पसंदीदा एक्टिविटी है, इसीलिए उन्होंने रिस्पेक्ट टू गॉड इवेंट का प्लेटफार्म पाकर 18 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक लगातार साइकिलिंग करके 272 किलोमीटर की दूरी तय कर हरिद्वार से केदारनाथ की यात्रा तय की।
बहुत पहले ही उनके पिता का हाथ उनके सर से उठ गया था। इसके बाद भी उन्होंने और ना उनकी मां ने कभी अपने जीवन में हार नहीं मानी लगातार प्रयास करती रही और यह मुकाम हासिल किया प्रीति ने कई सारी कठिनाइयों का सामना किया फिर भी वे मजबूत बनी रही।
बेटियों ने समाज में खुद अपना स्थान बनाया
आज समाज में प्रीति जैसी कई बेटियां हैं, जिन्होंने अपने हौसला और हिम्मत से ऐसे काम किए हैं कि समाज में और दुनिया में बेटियों की पहचान बनी है। देखा जाए तो वर्तमान समय में बेटियां बेटों से बहुत आगे हैं।
Great Achivement 🙏🙏
Preeti Negi, daughter of Kedar Valley, has cycled from Haridwar to Kedarnath Dham. By challenging the cold, rain, difficult paths, Preeti has made a unique record by reaching Kedarnath on a bicycle.
#Uttarakhand #TejRan #sportstak #CheetahXGiveaway pic.twitter.com/jtkIztPgxz— Shakshi rawat (@Shakshirawat6) October 27, 2022
फिर चाहे पढ़ाई का क्षेत्र हो या फिर स्पोर्ट्स का हर तरफ बेटियां ही अपने परचम लहरा रही हैं। आज जो स्थान समाज में बेटियों का है वह उन्होंने खुद की काबिलियत पर बनाया है यहीं से एक नए समाज का निर्माण होता है।



