Prashant Bhushan Image Credits: IANS
Delhi: कोरोना महामारी के बीच चीन भारत की सीमा पर अपनी हलचल तेज कर तहा है और भारत को पर दवाब बनाने की कोशिश कर रहा है। इस पर भारत में भी चहलकर्मी बानी हुई है। उन संकट की स्थिति में भी कुछ लोग ऐसे संवेदनशील मामलों पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे हुए हैं। इस मामले पर भारत ने भी क्लियर कर दिया है कि अगर कूटनीतिक तौर पर कोई हल समाधान नहीं होता है, तो चीन की हरकतों का जवाब दिया जाएगा। इसके उलट भारत में कुछ ऐसे लोग हैं, जो इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने इस मुद्दे पर कहा कि क्या संघ के लोग चीन सीमा पर साहस दिखाएंगे। पाक से आये अजमल कसाब के लिए आधी रात को कोर्ट खुलवाने वाले प्रशांत भूषण ने अब संघ को पॉइंट किया है। RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि आम तौर पर सेना इस तरह की तैयारी करने में 6 से 7 महीने का समय लेती है, लेकिन संघ के कार्यकर्ता सिर्फ 2 से 3 दिन इस काम में लेंगे।
When and if the time comes, #RSS will be the second line of defence after the Indian Army… However it would be interesting to see where this rat #Prashantbhushan will be hiding at that time😊#rss_देश_की_शान pic.twitter.com/FwXVRHAX5F
— Trishna Das Kumar 🇮🇳 (@TDasKumar) May 27, 2020
प्रशांत भूषण के इस बयान पर कई लोगों ने उसे ट्रोल भी किया है। रिटायर्ट मेजर जनरल जी डी बख्शी ने कहा कि असल में कुछ लोगों की यह आदत बन चुकी है कि वो किसी भी मुद्दे पर विरोध कर सकते हैं। उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों में भी राजनीति देखे देती है। बख्शी साहब ने कहा कि चीन क्या कहता है, करता है, उसे देश ने 1962 में देखा है। चीन पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।
इस मामले पर राजनीतिक भूषण के बयान पर राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने जवाब देते हुए कहा की पिछले 2 महीने से देश के आम लोगों के लिए कर रहा है, वह आपको वैचारिक मोतियाबिंद के कारण नहीं दिख रहा है पर संघ विरोधी बिरादरी के अनेक धुरंधर अब संघ धुन गा रहे है! 62की तरह ही मातृभूमि, जिसे आप भारत माता नहीं मानते हैं, की रक्षा में सीमा पर हम पहुंचेंगे।
;@RSSorg पिछले2महीने से देश के आमलोगों के लिए कर रहा है वह आपको वैचारिक मोतियाबिंद के कारण नहीं दिख रहा है पर 'संघ विरोधी बिरादरी' के अनेक धुरंधर अब संघ- धुन गा रहे है!'62की तरह ही मातृभूमि, जिसे आप भारत माता नहीं मानते हैं,की रक्षा में सीमा पर हम पहुंचेंगे।आप क्या कर रहे हैं? https://t.co/QXgjFq2Pfm
— Prof Rakesh Sinha MP (@RakeshSinha01) May 27, 2020
असल में अमेरिका और भारत समेत कई देशों से दवाब के चलते चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपनी सेना को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तीनों सेना प्रमुखों के साथ सीमा पर बढ़ते तनाव पर बैठक की। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल बिपिन रावत और तीनों सेना के प्रमुख मौजूद रहे।
बता दें कि 5 मई को पहली बार भारत-तिब्बत सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों में भिड़ंत देखने को मिली थी, जिसमें दोनों ओर के कुछ जवानों को चोटें आई थी। उसके बाद से ही बॉर्डर पर चीन लगातार सैनिकों की संख्या को बढ़ा रहा है। हालांकि, भारत भी बॉर्डर पर सकती दिखा रहा है, जिसके तहत चीन के मुताबिक ही भारत भी बॉर्डर पर सैनिकों की संख्या को बढ़ा रहा है। जब चीन ने बॉर्डर पर अपने हेलिकॉप्टर को भेजा था, तो भारत ने अपने लड़ाकू विमानों को भेजकर चीन को कडा संदेश दिया था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही कह चुके हैं कि चीन से कूटनीतिक माध्यमों के जरिये विवाद सुलझाने की कोशिश की जाएगी, लेकिन इस दौरान भारतीय सैनिक एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे। इसके अलावा हाल ही में भारत के सेनाध्यक्ष MM नरवाने ने भी लद्दाख का दौरा कर जवानों का हौसला बढ़ाया था। शायद यही कारण है कि अब चीन के लद्दाख मामले पर अब थोड़ा शांत हो गया है।



