रोजाना 15 KM रेलवे ट्रैक पर पैदल चलकर घर घर पहुचाते है चिट्ठियां, अब भारत रत्न दिलवाने उठी मांग

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Postman D Sivan
The Tamil Nadu Postman D Sivan Who Walked 15 km Every Day For 30 Years To Deliver Letters. This 66-year-old postman trekked 15 km daily to deliver letters.

Photo Credits: Twitter

Chennai: देश और दुनिया में कुछ समय पहले तक लोग एक दूसरे से संपर्क साधने के लिए चिट्ठियों का सहारा लेते थे और आज भी कई स्थानों में चिट्ठियां भेजी और पढ़ी जाती है। पहले चिट्ठी आने और डाकिया को देखने पर लोग बहुत खुश हो जाया करते थे। आज भी कुछ गांव में यह चल रहा है।

डाकिया (Post Man) एक बहुत ही उपयोगी और परिश्रमशील व्यक्ति होता है। उसका काम मनी ऑर्डरों, पत्रों, पार्सलों को लोगों तक पहुँचाना होता है। वह खार्की रंग की वर्दी पहनता है और टोपी पहनता है। वह सदैव अपने साथ थैला रखता है जिसे वह अपने कंधे पर लटकाये डाक वितरित किया करता है।

इसी थैले में नगद और पत्र होते हैं, जिसको उसे बाटना होता है। सबसे पहले डाकघर (Post Office) में वह पत्रों का क्षेत्र के अनुसार चयनित करता है तथा उसके हिसाब से पत्रों को अपने थैले में रखकर और अपनी साइकिल (Cycle) उठाकर अपना कर्त्तव्य निभाने निकल जाता है।

डाकिये (Postman) का काम बड़ा कठिन तथा थका देने वाला होता है। एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र एक गली से दूसरी गली में घर घर जाकर पत्रों को उसे पहुँचाना होता है। वक़्त के साथ धीरे धीरे हर मोहल्ला हर घर का रास्ता उसे स्मरण हो जाता है।

रोजाना जंगलों के रास्ते से 15 KM पैदल सफर

आज हम जानेंगे एक ऐसे ही डाकिया के बारे में जो अपने डाकिया कि नौकरी के पूरे कार्यकाल में रोजाना जंगलों के रास्ते से 15 KM पैदल चलकर लोगों तक उनके डाक पहुंचाएं हैं और वो भी पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ। डी सीवन तमिलनाडु राज्य के एक समान्य परिवार से हैं, तमिलनाडु राज्य में वह एक डाकिया के पद पर कार्यरत थे। अपने कार्यकाल वो परिश्रमी होने के साथ-साथ वह काफी भरोसेमंद और जिम्मेदार भी थे।

डी सीवन (Postman D Sivan) रोजाना 15 किलोमीटर का रास्ता तय कर के लोगों तक उनका डाक पहुंचाते थे। जहां पर उनकी डाकिया के पद पर तेनती हुई थी वह केवल जगह जंगलों और पहाड़ों से भरा हुआ मार्ग था।उस जंगल के मार्ग पर कई बार जंगली जानवरों से भी सामना परंतु वह अपने निडरता और साहस पर आगे बढ़े और अपने कार्य को पूर्ण किया।वह नौकरी के आपने पूरे कार्यकाल में इसी तरह रोजाना जंगलों के मार्ग से संदेश पहुंचाते थे।

भारत रत्न या पदम श्री जैसे पुरस्कार की मांग

नौकरी के लिए उनकी यह जिम्मेदारी काफी प्रसंशनीय है कि उनकी तारीफ हर जगह पर हो रही है की कैसे उन्होंने उस जंगली और पहाड़ी मार्ग से होकर लोगों तक उनके डाक वितरित किये। सोशल मीडिया के जरिए लोग सरकार तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं, जिसमें डी सीवन (Tamil Nadu Postman D Sivan) के लिए भारत रत्न या पदम श्री जैसे पुरस्कार की मांग कर रहे।

इसी प्रकार एक आईएएस ऑफिसर सुप्रिया साहू अपनी पोस्ट में लिखती है “डी सीवन रोजाना 15 किलोमीटर का रास्ता तय करते हुए उस घने जंगलों में विषैले साँप और भालू जैसे जानवरों का सामना करते हुए लोगों तक उनका डाक पहुंचाया करते थे, जिसमें उन्हें फिसलन भरे मार्ग सुरंगों और झरने को भी पार करना पड़ता था। 30 वर्षों से वह लगातार इसी प्रकार अपना कार्य करते थे, अब वह रिटायर हो चुके है। इसी प्रकार एक और व्यक्ती कुमार ने लिखा है, सीवन को भारत रत्न या पदम श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए”। एक बार लोगो ने ट्विटर पर ऐसा ट्रेंड भी चलाया था, की उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए।

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