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Delhi: आज भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डंका पूरी दुनिया में बजा है। PM मोदी ने अमेरिकी प्रेसीडेंट Donald Trump सहित दुनिया के सबसे प्रभावशाली राष्ट्र प्रमुखों को पीछे छोड़ते हुए विश्व के सबसे प्रभावशाली राष्ट्र प्रमुख का खिताब पाने नाम कर लिया है। मिल रही खबर के अनुसार एक अमेरिकी डाटा रिसर्चर कंपनी Morning Consult Political Intelligence ने COVID-19 के अमेरिका पर पड़े प्रभाव के बारे में रिसर्च की है।
इस रिसर्च में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के साथ दुनिया के 10 बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्षों की तुलना की गई है और ये पता लगाने की कोशिश की गई है कि किस देश के राष्ट्राध्यक्ष ने किस प्रकार से अपने देश में कोरोना वायरस से निपटने की सही दुख में कार्य किया है। इस पर एजेंसी ने 1 जनवरी 2020 से लेकर 14 अप्रैल 2020 के मध्य में अमेरिका और अमेरिका से बाहर का डाटा एकत्रित किया है। इस रिसर्च में जो डाटा सामने आया है, उस आधार पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहला स्थान हासिल किया हैं।
आपको बता दें की यह रेटिंग कोरोना वायरस के संकट के बीच दुनियाभर के नेताओं के काम करने की क्षमता और उनपर लोगों के भरोसे को ध्यान में रखकर जारी की गई है। इस रेटिंग में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अप्रूवल रेटिंग को विश्व के बाकी नेताओं से ऊपर रखा गया है। इस रेटिंग में नरेंद्र मोदी 68 अप्रूवल प्वॉइंट्स के साथ पहले स्थान पर हैं। जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) को माइनस 3 अप्रूवल रेटिंग प्वॉइंट्स मिले हैं। 10 नेताओं की इस लिस्ट में ट्रंप आठवें नंबर पर हैं।
जानकारी के मुताबिक हर रोज औसतन 447 लोगों के इंटरव्यू लिए गए। 1 जनवरी 2020 को नरेंद्र मोदी का अप्रूवल रेटिंग प्वाइंट 62 था। जबकि 14 अप्रैल आते आते ये 68 हो गया। परन्तु 1 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप की रेटिंग माइनस 10 थी और 14 अप्रैल तक वो माइनस तीन पर पहुंची। इस सूचि में पीएम मोदी पहले नंबर पर हैं। दूसरे नंबर पर मैक्सिको के राष्ट्रपति हैं और तीसरे नंबर पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन हैं। इस लिस्ट में ट्रंप आठवें स्थान पर हैं।
PM Modi has been leading approval ratings of global leaders during COVID-19 pandemic.
He has consistently stayed above of all leaders and got the highest approval rating at 68 by 14 April.#IndiaFightsCorona pic.twitter.com/SpJPEKcaIG
— BJP (@BJP4India) April 22, 2020
पीएम मोदी की इस रेटिंग में उछाल की वजह कोरोना वायरस से निपटने को लेकर उनकी तैयारी और तत्काल फैसले लेने की क्षमता पर है। COVID19 के कहर को देखते हुए भारत ने अन्य देशों से पहले देश के एयरपोर्टों पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था शुरू की गई और वक़्त पर लॉक डाउन भी लगा दिया था। चीन के वुहान में और फिर ईरान में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए वहां फंसे भारतीयों खासकर छात्रों को तत्काल एयलिफ्ट किया गया।
मोदी ने 25 मार्च को देश में लॉकडाउन की घोषणा की थी जिसे 14 अप्रैल को 19 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया। वहीं, उन्होंने वैश्विक नेताओं को कोरोना महामारी से निपटने में बहुत ही महत्वपूर्ण प्रयास किये। यह रेटिंग देने वाली कंपनी अभूतपूर्व पैमाने, जरुरी निर्णय और सटीकता पर ग्लोबल सर्वे रिसर्च का संचालन करती है। यह इस बात की संभावनाओं को विस्तार देती है कि कैसे रिसर्च डाटा व्यापार रणनीति को चला सकती है।
आज भी एक महत्वपीर्ण खबर आई, जो मोदी के एक निर्णय पर है। केन्द्र सरकार ने स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ होने वाले उत्पीड़न को रोकने के लिए अध्यादेश लेकर आई है। इस अध्यादेश के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति मेडिकल कर्मचारियों के साथ घटना करने का दोषी पाया जाता है तो उसे 6 महीने से 7 साल तक की सजा हो सकती है। इतना ही 2 लाख रुपए तक आर्थिक दंड देने का भी प्रावधान किया गया है।
“I think Modi is a Hero” says Stephen Bannon the former White House Chief Strategist. pic.twitter.com/tvfX0NhEah
— Sambit Patra (@sambitswaraj) April 22, 2020
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि मेडिकल कर्मचारियों के साथ इस प्रकार की किसी भी घटना को बिलकुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी सुरक्षा के लिए सरकार पूरा संरक्षण देने वाला अध्यादेश जारी करेगी। प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर के बाद ये तुरंत प्रभाव से जारी होगा। उन्होंने कहा कि महामारी कानून में कैबिनेट ने बदलाव किया। इस प्रकार की घटना को अब सहा नहीं जायेगा।





