CAA उपद्रव का पर्दाफाश: PFI के 5 मेंबर पड़के गए, चरमपंथी संगठन के प्लान की पोल खुली

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Image Credits: ANI

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ देश के कई स्थानों में उपद्रव किया गया था। इससे पूरे देश में बहुत तनाव की स्थिति बन गई थी. उत्तर प्रदेश के कानपुर समेत कई अन्य स्थानों में हुए उपद्रव में चरमपंथी इ-स्लामी संगठन PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया) के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। PFI पर कानपुर के बाबूपुरवा और यतीमखाना में उपद्रव का आरोप है। कानपुर में हुए उपद्रव में दर्ज केस में कई गुनहगारबनाए गए है, जिनमें इन पाँचों के नाम भी शामिल थे। पुलिस ने इन पाँचों के नाम मोहम्मद उमर, सैयद अब्दुल, फैज़ान, वासिफ और सरवर बताए हैं।

CAA Protest Violence
Presentation Image of UP Anti CAA Protest.

आपको बता दें की मीडिया में ऐसी खबरें आई थी की ED से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और रिहैब इंडिया फाउंडेशन (RIF) ने CAA के खिलाफ उग्र प्रदर्शन को जारी रखने के लिए 134 करोड़ के फंड दिए हैं। मीडिया मे आई खबर के अनुसार एजेंसी ने पिछले दिनों PFI से जुड़े कुछ मामलों की पड़ताल की थी। इसी दौरान पीएफआई और रिहैब इंडिया फाउंडेशन से जुड़े 73 बैंक खतों की जानकारी मिली, जिससे विरोध प्रदर्शन के दौरान संदिग्ध रूप से बड़े पैमाने पर पैसों का लेन-देन हुआ था।

सूत्रों के मुताबिक़ PFI के बैंक खाते से देश के कई बड़े वकीलों को मोती रकम दी गई। इनमें कांग्रेस नेता और वकील कपिल सिब्बल और इंदिरा जयसिंह का नाम भी शामिल है। सूत्रों का कहना है कि 2 से 3 दिन के अंदर 120 करोड़ रुपये जमा किए गए और उन्हें तुरंत निकाल भी लिया गया है। पीएफआई से कई और बड़े वकीलों को भी पैसे भेजे गए। अब मीडिया चैनलों को इस जांच से जुड़े दस्तावजे मिले हैं।

Uttar Pradesh Hindi News CAA
Presentation Image of UP Anti CAA Protest.

CAA खिलाफ 20 दिसंबर को मेरठ में भी उपद्रव हुआ था। इसमें PFI जनम सामने आया था। खबरों केव मुताबिक मेरठ में भी PFI ने 12 खातों में पैसा जमा करवाया गया था। इस केस में रिहैबिलिटेशन इंडिया NGO के माध्यम से फंडिंग की गई थी। पुलिस इस NGO की भी जाँच कर रही है। PFI ने चार खातों में 3 करोड़ की रकम भेजी थी। इसके साथ ही उपद्रव में अहम भूमिका निभाने वाले परवेज, आलम, अमजद, जावेद, अनीस खलीफा और अनस एवं SDPI के सदस्यों के खातों की डिटेल माँगी गई है।

केरल के चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) CAA के विरोध की आड़ में देशभर में उपद्रव कराना चाहता था। 40 दिन पहले Funding के साथ लोगों को असला उपलब्ध कराया गया। सरकार और पुलिस प्रशासन की खिलाफत करने वाले लोगों को पहले पॉइंट किया गया और फिर उन्हीं के जरिये उपद्रव की पटकथा रची गई। जिसमें मेरठ में सबसे ज्यादा छह लोगों ने अपने प्राण गवाए थे। ईडी के खुलासे के बाद मेरठ पुलिस गंभीरता से जांच करने में जुटी है।

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