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Dehradun/Uttarakhand: पूरे भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगो की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 14,000 के आंकड़े को पार गई है। पिछले 24 घंटे में 991 नए मामले सामने आए हैं और 43 लोगों की जान गई है।
इसके बाद देशभर में कोरोना संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 14,378 हो गई है। जिसमें 11,906 सक्रिय हैं, 1992 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 480 लोगों के प्राण महामारी ने ले लिए है। आज गुजरात में 176, राजस्थान में 41, आंध्र प्रदेश में 31, कर्नाटक में 12, महाराष्ट्र के नागपुर में चार और मेघालय में दो नए मामले सामने आए हैं।
एक नवजात शिशु भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया
अब एक हैरान करने वाली खबर आ रही है। उत्तराखंड में कोरोना वायरस के आज के मामलों में 9 महीने का एक नवजात शिशु भी शामिल हो गया है, जो अपने पिता के संपर्क में आने के कारण COVID19 संक्रमित हुआ बताया गया है, इस बच्चे का पिता तबलीगी जमात के जलसे से वापस आया था। प्रदेश के अधिकारियों ने मीडिया में शनिवार को यह जानकारी दी।
आपको बता दें की अधिकारियों ने यह नहीं बताया है कि जमात का कार्यक्रम कहां हुआ था या शिशु के पिता में Corona संक्रमण कैसे और कहा से आया। अभी यह जानकरी मिली है की बच्चे का पिता एक जमाती है। शुक्रवार को उत्तराखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के सामने आये और 3 नए मामलों में यह शिशु भी शामिल है।
A 9 month old Child is Corona Positive in Dehradun.. It's really painful how a little one will bear this and how he will live without his mother for 1-2 weeks 💔💔
— Nidhi 🇮🇳 (@raturinidhi) April 18, 2020
स्वास्थ्य विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि सामने आए ताजा मामलों के बाद राज्य में संक्रमित व्यक्तियों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। बच्चे को देहरादून के जखन क्षेत्र में एक स्कूल में पृथक-वास में रखा गया है। मीडिया में आई खबर के मुताबिक़ बच्चे का पिता तबलीगी जमात के उन 10 सदस्यों में से एक है, जिनका देहरादून में कोविड-19 का उपचार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि हालांकि बच्चे की मां में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। बच्चे के अलावा शुक्रवार को जिनमें कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई उनमें सैन्य अस्पताल में तैनात एक महिला अधिकारी और नैनीताल जिले में तबलीगी जमात का एक सदस्य शामिल है। महिला अधिकारी हाल ही में लखनऊ से प्रशिक्षण प्राप्त कर वापस लौटी थी।
एक अन्न नवजात बच्चे को दुलारती नर्स का वीडियो वायरल
इसके अलावा एक अन्न वीडियो भी सोशल मीडिया पर बहुत तेजो से वायरल हो रहा है। जिसमे 2 नर्स एक नए पैदा हुए नवजात बच्चे को दुलार रही है और उसकी देखभाल कर रही है। बताया जा रहा है की इस नवजात बच्चे की माँ कोरोना पॉजिटिव है, जिसका अभी इलाज़ चल रहा है। आँध्रप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री N Chandrababu Naidu ने एक वीडियो को ट्वीट है है।
This video from AIIMS (Raipur) made my day. Nurses can be seen feeding a baby whose mother has tested positive for #Covid19 with a lot of patience and care. Only angels in disguise can treat someone with as much love as a mother can #FrontlineSoldiers pic.twitter.com/blPRuzW9Ui
— N Chandrababu Naidu (@ncbn) April 15, 2020
N Chandrababu Naidu wrote, This video from AIIMS (Raipur) made my day. Nurses can be seen feeding a baby whose mother has tested positive for Covid-19 with a lot of patience and care. Only angels in disguise can treat someone with as much love as a mother can Frontline Soldiers.
आपको बता दें की दिल्ली में निजामुद्दीन स्थित तब्लीग़ी ज़मात मरकज और मौलाना साद पर कोरोना फैलाने और अपने समर्थकों को भटकाने केआरोप लगे हैं। अभी साद फरार चल रहा है। मौलाना साद के मनमानी भरे रवैये ने उनके ऊपर अंधविश्वास करने वाले सैकड़ों लोगो और समर्थकों का जीवन खतरे में डाला और साथ में पूरे भारत को कोरोना के कहर तले दवा दिया। मरकज में भाग लेने वालों में कई को कोरोना के लक्षण थे और उन्हें दूसरे लोगों के बीच छोड़ दिया गया।
9-month-old tests coronavirus positive in Uttarakhand. Father undergoing COVID-19 treatment had attended Tablighi Jamaat event #CoronavirusOutbreakindia #CoronaOutbreak https://t.co/JDEHehIYxE
— India TV (@indiatvnews) April 18, 2020
देश के सभी कोरोना मामलों का 30 फीसदी तब्लीग़ी जमात से जुड़े हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा लगभग 50 प्रतिशत तक का है। अब तब्लीग़ी जमात मरकज़ वाले मौलाना मतलब साद को देश के अन्न मौलाना और मौलवी भी आड़े हांथो लेने लगे है। आपको बता दें की देश के अन्न कौमी धर्म गुरुओं ने भी तब्लीग़ी जमात को कौमी आरोजन करने से मन किया था और सरकारी Guidelines का हवाला भी दिया गया था। फिर भी मौलाना साद ने अपनी मनमानी करते हुए देश को कोरोना के डूबते ज़हाज़ पे सवार करवा दिया।



