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Delhi: जिंदगी में इंसान को मंजिल रंग-रुप, कद या पैसा देखकर नहीं मिलती, उसके लिए मेहनत और हौंसला रखना पड़ता है। किसी भी इंसान की काबिलियत उसके रंग-रूप, आकार या कद से नहीं मिलती। सफलता कभी परिस्थिति देखकर नही मिलती। इसके लिए कड़ी मेहनत करना पड़ती है। दिन रात मेहनत करनी पड़ती है। सपना दो तरह के होते है एक जो बंद आंखों से देखते है और दूसरे खुली आँखों से।
खुली आँखों के सपने सच करने के लिए मेहनत करनी पड़ती है। हर व्यक्ति अपने जीवन में एक पहचान बनाना चाहता है और उसकी पहचान होती है सके कद से। कद से ज़्यादा व्यक्ति का पद मायने रखता है। चाहे हम कैसे भी दिखते हों, हमारा फैमिली बैकग्राउंड कैसा भी हो, या फिर शारीरिक बनावट कैसी भी हो, इन सब बातों से ज़्यादा मायने रखता है कि हम अपने लक्ष्य को पाने के लिए कितनी मेहनत और लगन से अपने कार्य रहे हैं।
अगर आज भी ऐसे लोग हैं, जो इंसान को उसकी काबिलियत के जरिए नहीं बल्कि उसके रंग-रूप, कद और जात-पात ना जाने किसी किस तरह से आंकते हैं, तो इसमें गलती उनकी नहीं है। गलती इस बात की है कि उन तक उन लोगों की सच्ची और प्रेरित करने वाली कहानियां नहीं पहुंची। आज हम आपको ऐसे ही एक लड़की की कहानी बताने जा रहे हैं। जिसको कद छोटे होने के कारण काफी ताने सुनने को मिले पर उसने हार नहीं मानी।
कौन है कद 3 फुट 11 इंच की वकील
आज हम आपको ऐसी ही एक महिला वकील की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्होंने बचपन से ही लोगों के काफी ताने सुने, लोग उन्हें बोझ समझते थे।
जिन्होंने अपने छोटे कद को अपनी कमजोरी नहीं प्रेरणा बनाया और कामयाबी हासिल की है। एक ऐसा मुकाम जिसके लोग सपने देखते हैं रामामंडी के अरमान नगर की हरविंदर कौर उर्फ रूबी ने उसे सच कर दिखाया।
जंहा से निकलती लोग उनके छोटे कद का मजाक (Fun) उड़ाते। लेकिन उन्होंने कभी अपनी सफलता में अपने कद को बाधा नही बनने दिया। साबित किया कि मेहनत और लगन से हर कोई अपनी मंजिल को हासिल कर सकता है। जालंधर कोर्ट की वकील और रामामंडी की रहने वाली 24 साल की हरविंदर कौर उर्फ रुबी का कद 3 फुट 11 इंच (3 Feet 11 inch) है, जिसके लिए उन्हें काफी ताने सुनने पड़ते थे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
यही सोच रख कर हरियाणा (Haryana) की एक छोटे कद की लड़की ने वकील (Lawyer) बनकर अपनी पहचान बनाई, उन्होंने अपने कद को कामयाबी के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया। हालांकि लोगों ने उन पर ख़ूब ताने मारे और बहुत मज़ाक बनाया पर इन सब बातों को दरकिनार कर उन्होंने पूरे हौसले के साथ अपने लक्ष्य पर ही पूरा फोकस किया। हरविंदर (Advocate Harvinder Kaur) ने अपने दर्द को अंदर कैद कर लिया और समाज की परवाह ना करते हुए अपनी मंज़िल की ओर बढ़ती गईं। इस तरह से वे देश की सबसे छोटे कद की वकील बन गई हैं और अब जज बनने की तैयारी कर रहीं हैं।
सोशल मीडिया से मिला मोटिवेशन
हरविंदर ने जब 12वीं कक्षा का एग्जाम दिया उसके बाद लोगों के ताने सुनकर थक चुकी थी। लेकिन हारी नही थी। वो दिनभर मोटिवेशनल वीडियो देखती थी। इससे उन्हें हिम्मत मिली। फिर उन्होंने ठान लिया था कि भगवान ने उन्हें जैसा बनाकर भेजा है, वो ही उन्हें स्वीकार है। वह पूरा दिन घर में रहकर सोशल मीडिया पर प्रेरणा दायक वीडियो देखा करती थी जिससे उनका हौसला बढ़ता था।
Meet India’s shortest lawyer, Harvinder Kaur, touching new heights as a successful lawyer
Being 3 feet 11 inches, she hd to listen to taunts of ppl in her childhood
But today, she proved that its not the size of a dwarf person, but their will power is what matters@Rajeev_GoI pic.twitter.com/51Uir1nK6j
— Rabyanoor (@rabyanoor1) July 12, 2021
फिर उन्होंने तय कर लिया कि उन्हें लोगों को जवाब देना है जो उनका मजाक बनाते है। किसी की बातों पर ध्यान नही देना है अब। केवल अपनी मंजिल पर फोकस करना है। वे जैसी हैं ख़ुद को वैसे ही स्वीकार करना है। हरविंदर कौर ने अपने आप को साबित करने के लिए वकील बनने का फैसला किया और फिर लॉ फील्ड की तैयारी में लग गईं।
सोशल मीडिया पर उन्हें लोगों से बहुत प्यार और प्रोत्साहन मिला, जिससे उन्हें हिम्मत मिलती थी। सोशल मीडिया पर लोगो ने उनकी हिम्मत बढ़ाई। वे अपने बारे में सोशल मीडिया पर अच्छे और बुरे कमेंट पढ़ती थीं, लेकिन बुरे कमेंट का प्रभाव नहीं पड़ने देती थीं, क्योंकि ऐसा सुनने की तो उन्हें आदत हो गई थी, पर अच्छे कमेंट पढ़कर वे आगे बढ़ने को प्रोत्साहित होती थीं। लोगो के ताने को दरकिनारे कर अपने लक्ष्य को ही उद्देश्य बना लिया। अपने आप पर भरोसा करके आगे कदम बढ़ा दिये।
लोग बच्ची समझ लेते है
हरविंदर कौर (Advocate Harvinder Kaur) बताती हैं कि अब भी उन्हें बहुत बार लोग बच्ची समझ लेते हैं। ऐसा ही एक बात बताते हुए वह कहती हैं कि एक बार तो जब वे कोर्ट रुम गईं तो रीडर सर ने उनसे कहा कि कोर्ट में वकील की यूनिफॉर्म पहनकर बच्चे को क्यों लेकर आए हो। इस पर उनके एक दोस्त वकील ने कहा कि वह भी वकील है। बहुत से लोग उन्हें अब भी बच्चा समझ कर टॉफी और चॉकलेट दे दिया करते हैं। लेकिन उससे वो कभी निराश नही होती।
उनका कद बना पहचान
हरविंदर का कद 3 फुट 11 इंच है। वो भारत की सबसे छोटे कद की वकील हैं। बचपन में इसी के कारण उन्हें लोगों के ताने सुनने पड़ते थे। लोग उन्हें बोझ समझते थे। पर आज ये ही छोटा कद लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाया हुआ है।
डॉक्टर्स से लिया परामर्श
छोटे कद के कारण लोगो के ताने सुनकर थक चुकी थी। इस दौरान उनके परिवार के लोगों ने उन्हें डॉक्टर्स के पास भी दिखाया। उनकी स्लो ग्रोथ थी। जिसके लिए कई बार दवा भी ली। लेकिन कोई फर्क महसूस नही हुआ। फिर हरविंदर ने अपना एयर होस्टेस बनने का सपना छोड़ दिया और वो अपना ध्यान पूरी तरह पढ़ाई पर लगा दिया।
लोगो के प्यार ने बनाया मजबूत
इसके बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने उन्हें काफी प्यार दिया। वो अपनी कहानी लोगों के साथ शेयर करने लगी। सोशल मीडिया से उन्होंने सीखा कि जिन्हें इग्नोर करना होता है, उन्हें इग्नोर करना चाहिए, जो फैंस हैं उनकी इज्जत करनी चाहिए। उनको भी सम्मान दिया जाना चाहिए।
कई बार आया सुसाइड करने का विचार
हरविंदर ने बताया कि मोहल्ले से लेकर स्कूल तक उनका काफी मजाक बनाया जाता था। जंहा से निकलती लोग उनको ताने देते। एक समय तो ऐसा भी आया था जब वो लोगों से दूर हो गई थी। खुद को उन्होंने कमरे में बंद कर लिया था। उनके दिमाग में कई बार सुसाइड के विचार भी आने लगे। लेकिन उन्होंने फिर हिम्मत जगाई और अपने आपको पहचान दिलाने के लिए आगे बढ़ी।
@KoriParmanand @KoriMishri @reetabhuiyar @Sunaina_Rai7 @MDWaishAnsari1 @AttreeNiranjan @hpcljaipur1 @MaheshG46275396 @PuranLa88759284 Night 3 fit 11 inch Successfull Advocate Jalander ki Harvinder Kaur pic.twitter.com/UsuuhktHVA
— Kori Parmanand (@KoriParmanand) April 5, 2021
कॉलेज में जाने के बाद उनकी जिदगी में काफी परिवर्तन आए। वो धीरे-धीरे सकारात्मक सोचने लगी। फिर 12वीं के बाद उन्होंने कानून के फील्ड में अपनी एक अलग पहचान बनाने का फैसला किया। लॉ की पढ़ाई (Law Study) पूरी की। एडवोकेट बन गईं। अब उनका सपना जज बनने का है।
लाख लोग करते हैं फॉलो
आज वो मोटिवेशनल स्पीकर हैं। इंस्टा पर लोग उन्हें फॉलो करते हैं। इंसान जो करने की सोचता है, तमाम समस्या होने के बाद भी वो उसे कर ही जाता है। बस उसमें होना चाहिए हरविंदर जैसा जुनून। लोगों न केवल हंसी उड़ी। बल्कि उसको तानें भी मारे। लेकिन उस लड़की ने इस हंसी और तानों को अपनी प्रेरणा बनाया और एडवोकेट बनकर लोगों को उनका उत्तर दिया।
माता-पिता की आंखों में खुशी
हरविंदर कहती हैं कि डेढ़ माह पहले एलएलबी की डिग्री हासिल करने के बाद जब एनरोलमेंट सर्टिफिकेट मिला तो माता-पिता की आंखों में खुशी की चमक दिखी। माता पिता को अपनी बेटी पर पूरा भरोसा था। एक दिन वो कुछ बड़ा करेगी। ऐसे लगा, जैसे उन्हें कई सालों के बाद कोई बड़ी खुशी मिली हो। हरविंदर को 23 नवंबर को बार काउंसिल आफ पंजाब एंड हरियाणा से लाइंसेंस व एनरोलमेंट सर्टिफिकेट मिला था। वह अब क्रिमिनल केस हैंडल करना चाहती हैं। वह अभी डीबीए के वाइस प्रेसिडेंट जगपाल सिंह धुपर के पास अभ्यास कर रही हैं।
एयर होस्टेस बनने का सपना
हरविंदर के पिता शमशेर सिंह फिल्लौर ट्रैफिक पुलिस में एएसआई है और मां सुखजीत कौर गृहिणी हैं। हरविंदर की 12वीं तक की स्कूलिंग पुलिस डीएवी स्कूल जालंधर कैंट से हुई। एडवोकेट हरविंदर कौर ने मीडिया को दिये इंटरव्यू में बताया था कि वो बचपन से ही एयर होस्टेस बनना चाहती थी। पर कम हाइट के कारण उनका ये सपना पूरा न हो सका। लेकिन उन्होंने हार नही मानी अपने कद को सफलता के रास्ते आने नही दिया।
https://twitter.com/arun_shelly/status/1378321561191505920
बचपन से ही एयर होस्टेस बनना चाहती थी, लेकिन छोटी हाइट के कारण उनका यह सपना पूरा नहीं हो पाया था। बचपन से ही उनकी ग्रोथ काफी स्लो थी। उनकी ख्वाहिश एयर होस्टेस बनने की थी, लेकिन चौथी कक्षा में आकर उनका कद बढऩा बंद हो गया। गर माता पिता को अपनी बेटी प्यारी होती है बेटियां पिता की परी होती है। माता-पिता ने हरसंभव ट्रीटमेंट करवाया। पता चला कि हार्मोंस की कमी के कारण उनकी हड्डियों का विकास रुक गया है। हार कर यही विचार किया कि 12वीं तक पढ़ाई करके घर पर ही रहेगी।
कद के कारण हमेशा ही लोग उन्हें ताने मारते थे या अजीब तरीके से देखते थे। उन्हें स्कूल में हमेशा कहा जाता था कि उनसे यह नहीं होगा ऐसे में खुद को साबित करने के लिए उन्होंने 12 के बाद लॉ फील्ड में आने के बारे में सोचा जिससे खुद की एक अलग पहचान बना सके। अब उनका सपना जज बनने का है।



