
Major Suman Gawani Photo Credits: Twitter(@airnewsalerts)
Delhi: आज अंतराष्ट्रीय मंच पर भारत और भारतियों को एक बार फिर गर्व करने का मौका मिला है। भारत की एक महिला अफसर ने अंतराष्ट्रीय स्तर पर भारत का सर गर्व से और ऊँचा कर दिया है। यह पहली दफा हुआ है, जब किसी भारतीय को यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। इस विशेष सम्मान की हक़दाए भारतीय सेना की मेजर सुमन गवानी बनी है।
अंतराष्ट्रीय मीडिया और आल इंडिया रेडियो न्यूज़ की खबर के अनुसार मेजर सुमन इस अवॉर्ड को ब्राजीली नेवी ऑफिसर कार्ला मोंटेरियो दी कास्त्रो अराउजो के साथ साझा कर रही है। UN महासचिव एंटोनियो गुतरेज यूएन पीसकीपर्स डे 29 मई को आज विशेष कार्यक्रम के दौरान इन दोनों महिला अफसरों को सम्मानित किया जा रहा है।
UN के एक अभियान में बहुत ही खास योगदान
आपको बता दे की मेजर सुमन को यह अवॉर्ड UN के एक अभियान में बहुत ही खास योगदान और विशेष कार्य के लिए दिया जा रहा है। मेजर सुमन एक मिलिट्री ऑब्जर्वर हैं और UN मिशन के अंतर्गत दक्षिणी सूडान में अपनी ड्यूटी पर रही है। अपनी ड्यूटी के दौरान मेजर सुमन ने एक मिशन पर नज़र रखने वाली 230 महिला यूएन मिलिट्री ऑब्जर्वर्स को ट्रेनिंग दी थी और एक महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
Pada Hari Internasional Penjaga Perdamaian PBB hari ini, Mayor Suman Gawani dari Indian Army, yang sebelumnya pernah bertugas di Misi PBB di Sudan Selatan (UNMISS), menerima penghargaan Advokat Gender Militer PBB tahun 2019 dari Sekjen PBB secara daring — 📸 via @IndiaUNNewYork pic.twitter.com/PKo06JLw4A
— India in Bali (@cgibali) May 29, 2020
मेजर सुमन ने दक्षिणी सूडान में यूएन मिशन साइट्स पर महिला यूएन मिलिट्री ऑब्जर्वर्स की तैनाती में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मेजर सुमन ने एक मिशन के लिए दक्षिण सूडान की सेनाओं को भी ट्रैंनिंग दी है, जिसकी वजह से अब कार्य संभव हो पा रहे हैं।
मेजर सुमन गवानी का जीवन और सेना में सेवा
आपको बता दे की मेजर सुमन मूल रूप से उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के पोखर गांव की रहने वाली हैं और इनकी स्कूली शिक्षा उत्तरकाशी में हुई। इसके बाद देहरादून के गवर्मेंट पीजी कॉलेज से बैचलर ऑफ एजुकेशन की डिग्री पूरी की। फिर मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलिकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग, महू (मध्य प्रदेश) से उन्होंने टेलीकम्युनिकेशन की डिग्री हासिल की। इसके बात वे ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकेडमी, चेन्नई से ग्रेजुएट के बाद भारतीय सेना आ गई। देश सेवा में इन्होने बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
Women peacekeepers from #India & #Brazil have jointly won the United Nations Military Gender Advocate of the Year 2019 Award.
Major Suman Gawani of the Indian Army, and Commander Carla Monteiro de Castro Araujo, a Brazilian Naval officer have been chosen for the award. pic.twitter.com/vyrKzHreMn
— All India Radio News (@airnewsalerts) May 28, 2020
All India Radio News wrote that Women peacekeepers from India and Brazil have jointly won the United Nations Military Gender Advocate of the Year 2019 Award. Major Suman Gawani of the Indian Army, and Commander Carla Monteiro de Castro Araujo, a Brazilian Naval officer have been chosen for the award.
भारतीय सेना और यूएन के मिशन का अटूट रिस्ता
आपको बता दे की अब तक लगभग 2 लाख से अधिक भारतीय सेना के जवान और अफसर दुनियाभर में यूएन के मिशन में अपनी सेवाएं और योगदान दे चुके हैं। अभी के समय में यूएन के शांति मिशन में अपने सैनिक भेजने वाला भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है। ज्ञात हो की भारतीय सेना यूएन के शांति मिशनों में 1950 से अपना योगदान दे रही है।
Major Suman Gawani of Indian Army, formerly deployed with UN Mission in South Sudan (#UNMISS) will receive the 2019 UN Military Gender Advocate of the Year Award during an online ceremony presided over by Secretary General António Guterres on 29 May – Int’l Day of UN Peacekeepers pic.twitter.com/7AEPNc4hkl
— India at UN, NY (@IndiaUNNewYork) May 25, 2020
Major Suman Gawani of Indian Army, formerly deployed with UN Mission in South Sudan (UNMISS) will receive the 2019 UN Military Gender Advocate of the Year Award during an online ceremony presided over by Secretary General António Guterres on 29 May, Day of UN Peacekeepers.
जानकरी हो की यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट अवॉर्ड का आरम्भ 2016 से हुआ है। यूएन का पहला शांति मिशन 1948 में शुरू हुआ था। अरब-इजराइल युद्ध में सीजफायर के बाद स्थिति की निगरानी रखने के लिए यूएन सुपरविजन ऑर्गनाइजेशन का गठन किया गया था। इसी की याद में इंटरनेशनल डे ऑफ यूएन पीसकीपर्स 29 मई को मनाया जाता है। इस दिन हर साल यूएन के शांति मिशनों में काम कर रहे लोगों को उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मान एयर अवार्ड दिया जाता है।



