लोकसभा में पास हुआ उपयोगी बिल, कामगारों के न्यूनतम वेतन भुगतान की परेशानी ख़त्म होगी।

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वेज कोड बिल 2019 जुलाई में लोकसभा में पेश किया गया। इस बिल को लोकसभा में ध्वनि मत से Pass कर दिया गया। इस बिल में चार श्रम कानूनों को सम्लित किया गया है जिसमें मजदूरी का भुगतान अधिनियम, समान पारिश्रमिक अधिनियम, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, बोनस का भुगतान अधिनियम सम्लित किये गए हैं। इस कानून के पास होने के बाद, इन चारों अधिनियमों को रद्द कर दिया जाएगा।

लोकसभा ने मंगलवार को वेज कोड बिल पारित किया गया जो कर्मचारियों को भुगतान में देरी जैसे मामलों को संबोधित करने के अतिरिक्त हर कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन को प्रारंभ कर सकेगा। श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि इस विधेयक के पास होने से 50 करोड़ श्रमिकों को फायदा होगा।

इसमें चार श्रम कानून को सम्लित किया गया हैं। श्री गंगवार ने कहा कि विधेयक को पारित करते टाइम सरकार की स्थायी समिति द्वारा की गई 24 सिफारिशों में से 17 को मंजूरी मिल गई हैं। श्री गंगवार ने बताया कि विधेयक के अनुसार, नियोक्ता,त्रिपक्षीय समिति में ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि और राज्य सरकार श्रमिकों के लिए एक वेतन निश्चित करेंगे। जिससे “न्यूनतम वेतन हर कर्मचारी का अपना अधिकार बन जाएगा”।

मंत्री ने कहा कि अन्य चीजों के अतिरिक्त, विधेयक प्रभावी रूप से मासिक, साप्ताहिक या दैनिक आधार पर कर्मचारियों की मजदूरी के भुगतान में देरी से संबंधित परेशानियों का समाधान करेगा। विधेयक न्यूनतम मजदूरी और टाइम पर सैलरी के भुगतान के प्रावधानों को सार्वभौमिक बनाता है।


16 वीं लोकसभा के विघटन के कारण, विधेयक निरस्त हो गया था। इसलिए फिर संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों और हितधारकों के अन्य मतों पर विचार करने के बाद एक नए विधेयक का मसौदा पारित किया गया था।

विधेयक पर बहस को प्रारंभ करते हुए, कांग्रेस सदस्य के सुरेश ने आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि विधेयक का उद्देश्य कॉर्पोरेट और श्रमिकों को फायदा पहुँचना है। लेकिन इन सब बातों की बहस के बाद निर्णय ये निकला की विधेयक में बिल पास हो गया।सभी कर्मचारियों के लिए खुशी की बात है। उन सब की दुआओं से बिल पास होने में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नही आई जिससे बिल पास हो गया।

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