
Jabalpur, Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार अपने वादों और दावों पर अब घिरती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री कमलनाथ का जबलपुर आगमन हुआ था किन्तु उन्हें जनता का विरोध झेलना पड़ा। पूरे मध्यप्रदेश में किसान से लेकर कॉलेज स्टूडेंट्स कर प्रदेश की कांग्रेस सरकार का विरोध कर रहे है। कमलनाथ पहले से ही किसान कर्ज़ा माफ़ और रोजगार के वादों पर घिर चुके हैं।
दूसरी ओर भाजपा मध्यप्रदेश अध्यक्ष और जबलपुर सांसद राकेश सिंह ने कांग्रेस की कमलनाथ सरकार पर कई आरोप लगाये। जिसमे सबसे गंभीर आरोप रहा की भाजपा सरकार और शिवराज सिंह चौहान के किये गए कार्यों को कमलनाथ सरकार अपना नाम देने पर तुली हुई है और जनता के साथ छल कर रही है।
जबलपुर मेडिकल कॉलेज (Medical College Jabalpur) के अधीनस्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (Super Speciality Hospital) के निर्माण के लिए तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री J.P.Nadda जी के द्वारा 150 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी और फिर सिंतबर 2016 में उक्त हॉस्पिटल के निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया था, जिसमे कुल लागत का 60% केंद्र और 40% प्रदेश सरकार को वहन करना था।
हॉस्पिटल का निर्माण कार्य उस वक़्त की भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में ही पूरा हो चुका था, इसके साथ ही साथ चिकित्सकों और हॉस्पिटल के अन्य स्टाफ की नियुक्तियां एवं अन्य औपचारिकताएं शेष थी जो पूरी की जा चुकी हैं। किन्तु अब मध्यप्रदेश में कमलनाथ की कांग्रेस सरकार हो और इस नई सरकार द्वारा 2 दिन पहले ही लोकार्पण किया गया जो बेसिक प्रोटोकॉल का उल्लघंन माना जा रहा हैं।’
भाजपा के जबलपुर सांसद राकेश सिंह (Jabalpur MP Rakesh Singh) ने बताया की ‘मेरे द्वारा इस हॉस्पिटल के लोकार्पण हेतु केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री Dr. Harsh Vardhan जी को पत्र लिखकर लोकार्पण की तिथि तय करने का आग्रह किया गया था। परन्तु प्रदेश कमलनाथ सरकार भाजपा सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों को केवल फीता काटकर लोकार्पण कर रही है, जो प्रोटोकॉल की घोर उल्लघंन की श्रेणी में आता हैं।
कल #MadhyaPradesh सरकार द्वारा तत्कालीन @ChouhanShivraj सरकार के द्वारा #Jabalpur में निर्मित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का लोकार्पण किया गया, जिसे तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री @JPNadda जी के द्वारा स्वीकृति प्रदान की गयी थी। pic.twitter.com/ckvbuNupgL
— Rakesh Singh (@MPRakeshSingh) September 22, 2019
ऐसे ही एक अन्न मुद्दे पर जबलपुर सांसद और भाजपा मध्यप्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा की वर्ष 2016 में Jabalpur में निर्मित होने वाले Madhya Pradesh के सबसे बड़े फ्लाईओवर को केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री श्री Nitin Gadkari के द्वारा स्वीकृत किया गया था।
इसके बाद डीपीआर उपरांत लगभग 978 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय भी केंद्रीय सड़क निधि से स्वीकृत कर बड़े फ्लाईओवर के निर्माण के लिए मध्यप्रदेश सरकार को भेजा गया था। इस फ्लाईओवर के निर्माण में प्रदेश सरकार के अधीनस्थ लोक निर्माण विभाग को एजेंसी को नियुक्त किया गया था।
फिर दिनांक 22 फरवरी 2019 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी एवं प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग मंत्री Sajjan Singh Verma की उपस्थिति में उक्त फ्लाईओवर का विधिवत भूमिपूजन किया गया था, किन्तु दुर्भाग्यवश मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा भूमिपूजन के उपरांत राजनैतिक द्वेषता के कारण निर्माण कार्य प्रारंभ करने में कोई दिलचस्पी नही ली गई। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया फण्ड भी प्रदेश सरकार को सौंपा जा चुका था।
#Jabalpur में निर्मित होने वाले मध्यप्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर को वर्ष 2016 में केंद्रीय मंत्री श्री @nitin_gadkari द्वारा स्वीकृत किया गया था। 22फरवरी2019 को फ्लाईओवर का भूमिपूजन भी हो चुका, किन्तु प्रदेश सरकार के राजनैतिक द्वेष के चलते इसका निर्माण कार्य आरम्भ नहीं हो पाया है pic.twitter.com/YHTz5k7IL2
— Rakesh Singh (@MPRakeshSingh) September 23, 2019
हाल ही में मध्यप्रदेश में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के खिलाफ घंटा आंदोलन किया गया था। यह घंटा आंदोलन कमलनाथ और उनके मंत्रियों को नींद से जगाने के लिए किया गया था। अब देखना यह होगा की राकेश सिंह के इन आरोपों के जवाब में कमलनाथ सरकार क्या कदम उठती है?



