
Delh: चंद्रयान-2 के बाद अब ISRO का नया लक्ष्य कार्टोसैट-3 (Cartosat-3) लॉन्च होगा तब इससे देश के दुश्मनों और देश पर बुरी नजर डालने वाला के होश उड़ जाएंगे। कार्टोसैट-1 और 2 की सहायता से ही हमारी भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया था।
वैसे तो इस सैटेलाइट का मुख्य उद्देश्य होगा अंतरिक्ष से भारत की भूमि पर नजर रखना। ढांचागत विकास और आपदाओं के लिए सहायता करना लेकिन इसका इस्तेमाल देश की सीमाओं की निगरानी के लिए भी होगा। पाकिस्तान और उसके आतंकी कैंपों पर नजर बनाये रखने के लिए यह मिशन देश की सबसे शक्तिशाली आंख होगी।

यह सीमाओं पर अपनी नजर बनाये रखेगा। आतंकियों या दुश्मनों ने जरा भी हिमाकत की तो इस आंख की सहायता से हमारी सेना उन्हें उनके घर में घुस कर उन्हें खत्म कर देगी। इस सैटेलाइट का नाम कार्टोसैट-3 है। यह कार्टोसैट सीरीज का 9वा सैटेलाइट होगा। कार्टोसैट-3 का कैमरा इतना मजबूत है कि वह अंतरिक्ष से जमीन पर 1 फीट से भी कम की ऊंचाई तक की इमेज ले सकेगा।
जमीन पर खड़े आप की कलाई पर बंधी घड़ी पर दिख रहे सही टाइम की भी सटीक इन्फॉर्मेशन देगा। पाकिस्तान पर हुए सर्जिकल और एयर स्ट्राइक पर कार्टोसैट उपग्रहों की Help ली गई थी। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के मौसम में पृथ्वी की इमेज लेने में सक्षम। प्राकृतिक आपदाओं में भी Help करेगा। इसकी मदद से दुश्मन अपने इरादों पर कभी कामयाब नही हो पाएंगे।
ISRO is going to launch Earth Observation Satellite Cartosat-3. Indian Space Research Organisation’s Cartosat-3 satellite to be launched in October or November.



