
कोयम्बटूर: तमिलनाडु के कोयम्बटूर जिले में 80 साल की एक बूढ़ी अम्मा मट्टी के चूल्हे पर लकड़ी जलाकर इडली बनाती है। यह चूल्हे की बनी इडलीयो को अम्मा सुबह काम पर जाने वाले मजदूरों को मात्र एक रुपये में ही बेचती है। महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा (Anand Mahindra) सोशल मीडिया पर अपनी एक्टिविटी से अक्सर लोगों का दिल लुभाते रहते हैं।
तमिलनाडु राज्य की एक 80 साल की बूढ़ी अम्मा को लेकर किया गया उनका ट्वीट एक बार फिर सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है उनका यह ट्वीट सभी लोगों का दिल जीत रहा है। आनंद महिंद्रा ने मोजूदा समय मे अपने एक ट्वीट में चूल्हे पर इडली बनाकर बेचने वाली एक बूढ़ी अम्मा के व्यवसाय में निवेश करने की बात कही है।
10 सिंतबर को आंनद महिंद्रा ने एक Video ट्वीट किया, जिसमें 80 साल की एक बूढ़ी अम्मा चूल्हे पर इडली बनाती हुई दिखाई दे रही है। यह महिला भूखे, गरीब व जरूरतमंद को तमिलनाडु में मात्र 1 रुपये में इडली बेचती है।
This is superb. Thank you Bharat Gas Coimbatore for giving this gift of health to Kamalathal.
As I have already stated, I am happy to support her continuing costs of using LPG…And thank you @dpradhanbjp for your concern and thoughtfulness https://t.co/tpHEDxA0R3— anand mahindra (@anandmahindra) September 11, 2019
इस अम्मा का नाम कमलाथल है। कमलाथल (Kamalathal) तमिलनाडु के कोयम्बटूर जिले के एक छोटे से गांव में निवास करती हैं। यह Kamalathal अम्मा बीते 30-35 साल से बिना किसी फायदे के मात्र एक रुपये (1 Ru.) में इडली बेच रही है।
आनंद महिंद्रा ने अपने ट्वीट में लिखा, “यह उन विनम्र कहानियों में से एक है जो आपको हैरानी में डाल देती है, लेकिन आप भी कमलाथल जैसा कुछ प्रभावशाली काम करते हैं तो यकीनन वो दुनिया को आश्चर्यचकित करेगा। मैनें जोर दिया कि वो अम्मा अभी भी लकड़ी के चूल्हे का उपयोग करती हैं। अगर उन्हें कोई जानता है तो मुझे इसके बारे में इन्फॉर्मेशन दें। मैं उनके व्यवसाय में निवेश करूंगा और उन्हें एक LPG स्टोव भी दूंगा।”
One of those humbling stories that make you wonder if everything you do is even a fraction as impactful as the work of people like Kamalathal. I notice she still uses a wood-burning stove.If anyone knows her I’d be happy to ‘invest’ in her business & buy her an LPG fueled stove. pic.twitter.com/Yve21nJg47
— anand mahindra (@anandmahindra) September 10, 2019
यह 80 साल की बूढ़ी अम्मा प्रतिदिन सुबह इडली बेचने के लिए निकल जाती है, ताकि कोई भी गरीब मजदूर खाली पेट अपने काम की शुरुआत न कर सके। जब उन्होंने अपना बिज़नेस को शुरू किया था तब तब वो मात्र 50 पैसे में ही इडली के साथ-साथ सांभर व चटनी बेचती थी। बाद में महंगाई और लागत बढ़ने के बाद उन्हें इडली की कीमत बढ़ाकर 1 रुपये करनी पड़ी।



