कारपेंटर का बेटा, जो अनपढ़ों के लिए खत लिखता था, आज है लद्दाख से सांसद Jamyang Tsering Namgyal

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जामयांग सेरिंग नामग्याल बहुत सामान्य परिवार से नाता रखते हैं। उनका जन्म 4 अगस्त 1985 को लेह के एक छोटे से गांव माथो में हुआ था।
उनके पिता स्टैनजिन दोर्जी मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में कारपेंटर का कार्य करते थे तो मां ईशे पुतित घर का काम संभलती थीं। अपनी पढ़ाई जामयांग सेरिंग नामग्याल ने जम्मू विश्वविद्यालय से BA किया। वहीं पर वह छात्र कर साथ मिलकर राजनीति भी करते थे।

साल 2012 में जामयांग सेरिंग नामग्याल ने लेह में भाजपा कार्यालय के केयरटेकर के रूप पर पार्टी के साथ अपने काम मि शुरुआत की थी। अपने शुरुआती दौर में वह ऑफिस में आने वाले उन लोगों के लिए खत लिखा करते थे जो पढ़-लिख नही पाते थे, पढ़ाने में असमर्थ थे।



2014 के आम चुनावों में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार थूपस्तान चवांग के लिए चुनाव प्रचार ने उनका भरपूर सहयोग दिया। उनके प्रचार की सभी से बहुत सराहना मिली और इसके चलते चवांग 36 वोटों से चुनाव को जीत लिया था। चुनाव के जीतते ही उनकी बहुत तारीफ होने लगी। उन्होंने पुरो ईमानदारी के साथ चुनाव प्रचार किया था।


2019 में बीजेपी ने जामयांग सेरिंग नामग्याल को लद्दाख से लोकसभा उम्मीदवार घोषित किया। उन्होंने भाजपा पार्टी को पराजय नही होने दिया और रिकॉर्ड मतों से जीत अपने नाम दर्ज की। 34 वर्षीय जामयांग सेरिंग नामग्याल को कविताओं का भी क्रेज़ है। उनका कविता संग्रह पुस्तकों में प्रकाशित भी हो चुका है।



इसी साल फरवरी में उन्होंने सोनम वांगमो संग शादी की है। उनकी पत्नी सोनम गवर्मेंट कॉलेज में असोसिएट प्रोफेसर हैं। धारा 370 पर संसद में उनकी Speech के बाद उनकी Fan फॉलोइंग में बहुत इजाफा हुआ है। उनकी Speech की सभी ने बहुत तारीफ की। उन्होंने लोगों से गुजारिश करते हुए कहा की Facebook पर दो दिनों में उन्होंने जितनी फ्रेंड रिक्वेस्ट Accept की हैं, वो बहुत अधिक हैं।


उन्होंने कहा कि अब वह किसी को अपने फ्रेड लिस्ट में Add नहीं कर पाएंगे इसलिए जो लोग उनसे जुड़ना चाहते हैं वो उनके Facebook पेज को फॉलो कर सकते हैं। उनके साथ जुड़ सकते है। इतनी कम उम्र में उन्होंने बहुग लोकप्रियता हासिल कर ली है।



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