भारत में बुलेट ट्रेन से पहले हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन आएगी, सफर होगा खास, पूरी डिटेल जानिये

0
1592
hydrogen-powered trains
India to get its first hydrogen-powered train in 2023. India is developing hydrogen-powered trains and they will be ready in 2023.

Delhi: हम देखते हैं कि हमारे भारत देश की अधिकतर जनसंख्या ट्रेनो से ही अपना सफ़र तय करती है। ट्रेन एक ऐसा साधन हैं, जिससे सभी लोग बहुत आकर्षित होते हैं। हमारे भारत मे लोग एक स्थान से दूसरे स्थान मे पर्यटन के लिए भी सबसे ज्यादा ट्रेन का ही चयन करते हैं। क्योंकि ट्रेन मे सफ़र आरामदायक होता है। आप भी कभी ना कभी ट्रेन से सफ़र तो किये ही होंगे।

आपने अभी तक इलेक्ट्रॉनिक से चलने वाली डीजल तथा कोयला से चलने वाली ट्रेनो के बारे मे सुना होगा। उसमें सफ़र भी किया होगा। परंतु आपने हाइड्रोजन ईधन से संचालित होने वाली ट्रेनो के बारे मे कभी नहीं सुना होगा। ना ही देखा होगा। आज इस पोस्ट में हम आपके लिए हाइड्रोजन से संचालित होने वाली ट्रेन (Hydrogen Train) के बारे मे जानकारी लेकर आये हैं।

आपको बता दें कि वर्तमान समय में इस हाइड्रोजन से संचालित होने वाली ट्रेन का ट्रायल जर्मनी मे किया गया है। खबर है कि यात्रियो के लिए इस हाइड्रोजन ट्रेन को बहुत जल्दी ही चलाई जायेगी। सबसे अच्छी बात यह है कि हमारे भारत मे भी यह हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को अगले वर्ष से संचालित किया जायेगा।

भारत हाइड्रोजन ईधन से संचालित होने वाली ट्रेन में दूसरे नंबर का देश बनेगा

अश्विन वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) जो की हमारे भारत के रेल मंत्री (Railway Minister) हैं। उन्होने जानकारी देते हुए यह बताया कि हाइड्रोजन ट्रेन को चलाने वाला दुनिया का दूसरे नंबर का देश भारत ही होगा। क्योंकि भारतीय रेल्वे अब हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को संचालित करने जा रही हैं। इस हाइड्रोजन ट्रेन को अगले वर्ष से चलाया भी जायेगा।

आपको बता दें कि एस्लटाम SA कम्पनी ने हाइड्रोजन से चलने वाली इन ट्रेनो का निर्माण किया है। जो अभी वर्तमान मे जर्मनी में चलती है। बताया जा रहा है कि सिर्फ़ जर्मनी ही एक ऐसा देश है, जहां इस हाइड्रोजन ट्रेन को चला कर इसका ट्रायल देखा जा रहा है।

यह दुनिया का पहला देश हैं, जहा इस ट्रेन को संचालित किया गया है। इस ट्रेन को यात्रियो के लिए भी बहुत जल्द ही चलाया जाएगा। आपको बता दें कि इस हाईड्रोजन ट्रेन की सबसे अच्छी बात यह है कि 20 मिनट में ही इस ट्रेन मे ईधन भर लिया जाता हैं।

इस हाइड्रोजन ट्रेन से बहुत कम प्रदूषण होता है

आपको बता दें कि हाइड्रोजन ईधन से संचालित होने वाले वाहनों को हाइड्रेल कहा जाता है। इन ट्रेन के इंजन में हाइड्रोजन फ़्युल सेल आक्सीजन रिएक्शन या हाइड्रोजन इंटरनल कन्बन्सन पाया जाता है। जिससे यह चलाई जाती है। इस हाइड्रोजन ट्रेन से फ़ैलने वाले प्रदूषण की बात की जाए, तो इसमे प्रदूषण नहीं के बराबर होता है।

हम सभी जानते हैं कि हमारे भारत में जितनी भी ट्रेन चलाई जाती हैं। उसमें डीजल का ही उपयोग होने से बहुत अधिक प्रदूषण बढ रहा है। इसलिए अब भारत में भी इस हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन किया जाएगा ताकि प्रदूषण कम हो सके।

एक बार के ईधन से 1000 किलोमीटर की दूरी तय होगी

आपको बता दे कि अभी जर्मनी की एलस्टाम SA कंपनी (Alstom SA Company) इस हाइड्रोजन ईधन से संचालित होने वाली ट्रेन का निर्माण कर रहीं हैं। जब इस ट्रेन का ट्रायल किया गया था तब इस ट्रेन ने 1000 किलोमीटर की दूरी तय की थी।

जब इस ट्रेन में एक बार ईधन भरा जाएगा, तो वह इस ईधन में 1000 किलोमीटर तक चलाई जा सकती हैं। इसलिए अब डीजल से चलने वाली ट्रेनों के बदले हाइड्रोजन ईधन से संचालित ट्रेन चलाई जाएंगी। जोकि देश द्वारा उठाया जाने वाला बहुत ही सराहनीय कदम है इससे पर्यावरण को संरक्षित करने मे सहायता मिलेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here