बिहार में यहाँ पर भारत का सबसे पावरफुल रेल इंजन बनता है, विश्व स्तर में शामिल किया गया

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Madhepura Electric Loco Factory
Indian Railway

Photo Credits: Twitter(@PBNS_India)

Madhepura: रेलगाड़ी (Train) एक ऐसा यातायात का साधन है। जिसे बच्चों से लेकर बड़े तक पसंद करते हैं। हर व्यक्ति को ट्रेन आकर्षित करती है। रेलगाड़ी के पार्ट की बात करे तो इसके इंजन, डिब्बे, गार्ड वाला डिब्बा हर चीज अनोखी होती है। आज इस पोस्ट में हम बात करेंगे ट्रेन के मह्त्वपूर्ण पार्ट इंजन की।

आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत का सबसे शक्तिशाली जो रेल इंजन (Most Powerful Rail Engine) है, वह कहीं ओर नहीं ब्लकि यही इंडिया में बनता है। जी हां इसके लिए कहीं बाहर से इंजन नहीं मँगवाया जाता ब्लकि भारत मे ही पूर्वोत्तर बिहार (Bihar) मे स्थित एक छोटे से कस्बा जिसका नाम मधेपुरा (Madhepura) है। वहां पर रेल इंजन बनाया जाता है।

मधेपुरा कारखाना जोकि फ्रांसीसी कंपनी की सहायता से बना

आपको बता दे बिहार के मधेपुरा मे स्थित रेल इंजन फैक्ट्री, रेल मंत्रालय तथा फ्रांसीसी कंपनी जिसका नाम अल्सटॉम है। यह दोनो देश के सहयोग से बना है। मधेपुरा मे स्थित रेल इंजन फैक्ट्री फ्रांसीसी कंपनी जिसका नाम अल्सटॉम है और रेल मन्त्रालय की एक प्रकार की ज्वाइंट वेंचर है।

जब अल्सटॉम और भारत के रेल मन्त्रालय के बीच में समझौते के बाद मधेपुरा में ही इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड (Madhepura Electric Locomotive Pvt. Ltd.-MELPL) के नाम से कंपनी गठित की गई। समझोते मे यह भी उल्लेखित है कि अल्सटॉम कंपनी तथा रेलवे कितने इंजन खरीदेगी। अर्थात स्पष्ट है कि समझोते मे खरीद और रखरखाव से संबंधित समझौते पर भी हस्‍ताक्षर हुए है।

भारत छटवा देश जिसने इतना शक्तिशाली इंजन बनाया है

दुनिया मे मौजूद लगभग सभी देश में रेलवे प्रणाली पाई जाती है। वही कुछ देश ऐसे भी है जो कि रेलवे सिस्टम के लिए कोच इंजन तथा माल डिब्बे का निर्माण करती हैं। हालांकि शक्तिशाली इंजन हर देश नहीं बनाता। लेकिन भारत शक्तिशाली इंजन बनाने ने अन्य देशों से काफी आगे है।

भारत का शक्तिशाली इंजन बनाने वाले देशों मे छटवा स्थान है। हालांकि पहले भी हमारे भारत देश में शक्तिशाली इंजन बनाए जाते थे। उनकी क्षमता उस समय 5,000 हार्सपावर की होती थी। मधेपुरा मे रेल इंजन कारखाने को स्थापित करने का पूरा श्रेय देश के पूर्व रेल मंत्री मिस्टर लालू प्रसाद यादव जी को जाता है।

मधेपुरा कारखाने में हर वर्ष 120 इंजन बनते है

मधेपुरा मे जो इंजन बनाए जाते हैं, वह 12000 हॉर्स पॉवर के होते हैं। इन इंजनों का दुनिया में इस्तेमाल काफी तेजी से हो रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है कि बड़ी लाइन नेटवर्क मे इतनी ज्यादा हॉर्स पावर के लोकोमोटिव परीक्षित किये गये हों। यह अधिक हॉर्स पावर वाले इंजन मधेपुरा के कारखाने पर ही बनाए जाते है। मधेपुरा में टाउनशिप के अंतर्गत ही फैक्‍टरी बनाई गई। हर साल इस फैक्ट्री मे 120 लोकोमोटिव को बनाया जाता है।

इंजन की क्या क्या है खासियत

आपको बता दे कि मधेपुरा में जो इंजन बनते है वह इंजन ट्विन बो बो डिजाइन के होते है। इस इंजन का जो एक्सल लोड है वह 22.5 टन का है। जिसको 25 टन तक आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

इस इंजन की खासियत कि बात करे तो सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसकी यह है कि यह फुल लोडेड मालगाड़ी को 120 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से दौड़ा सकता है। इस इंजन की सहायता से ही हमारे भारत देश मे मालगाड़ियों को भार के साथ ले जाने की क्षमता दिन प्रतिदिन और भी बेहतर होती जा रही है।

इन इंजनों में जीपीएस लगे होते है

रेल इंजन जो मधेपुरा मे बनते है वह स्टेट ऑफ दि आर्ट जिसे आईजीबीटी कहते है उनपर आधारित है। वही इस पर 3 फेज वाली ड्राइव लगी होती है। अगर पावर की बात करे तो इसकी पावर 9000 किलोवाट मतलब 12000 हॉर्सपावर की होती हैं।

मधेपुरा में बनने वाले जो हाई पावर के जो इंजन है। उनमें जीपीएस जिसका पूरा नाम ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम होता है वह भी लगे हुए है। जिसकी हेल्प से इनको आसानी से ट्रैक भी कर लिया जाता है। जिस इंजन कि हम बात कर रहे है उन्हें मेक इन इंडिया (Make In India) के अंतर्गत बनाया गया हैं।

मधेपुरा मे जो कारखाना बना है वह 250 एकड़ में बना है। मधेपुरा कारखाने में बड़ी एकीकृत ग्रीनफील्ड की सुविधा भी है। जिसको 120 इंजन के Production के साथ मे गुणवत्ता तथा सुरक्षा की दृष्टि से भी उच्चतम मानकों को पूरा करते हुए बनाया गया है।

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