
Jaipur: भारत में जब से कृषि विज्ञान विषय ज्यादा सक्रिय हुआ है, तब से कृषि और कृषि से संबंधित व्यक्ति काफ़ी उन्नति कर रहे है। हम जानते हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश है यहां का शत प्रतिशत नागरिक कृषि पर आधारित व्यापार और व्यवसाय पर आश्रित है।
जैसा कि हम जानते हैं कि भारत में खेती किसानी सबसे अधिक होती है इसीलिए भारत सरकार और राज्य सरकार दोनों ही किसान वर्ग की काफी ज्यादा मदद करती हैं और उनके लिए ढेर सारी योजनाएं चला रही है। सरकार का उद्देश्य जैविक खेती को बढ़ावा देना है, इसीलिए वे किसान को जैविक खेती से संबंधित प्रशिक्षण और उससे संबंधित चीजों को उपलब्ध करा रही है।
इसके अलावा 20 प्रतिशत एमएसपी अधिक दे रही है। जैविक खेती के लिए सबसे मुख्य है गोपालन गौमाता से प्राप्त गोबर जैविक खेती (Organic Farming) का एक मुख्य हथियार, इसलिए सरकार ने गोपालन को भी बढ़ावा दिया है।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया इस मुहिम के मुख्य सदस्य है, यह पशु पालन और उससे संबंधित कार्यों के लिए लोगो को बहुत प्रोत्साहित करते है और उनकी मदद भी करते है। तो आइए जानते मंत्री लालचंद कटारिया की मुहिम के बारे में।
कृषि एवं पशु मंत्री श्रीमान लालचंद्र कटोरिया के शब्द
भारतीय और सनातन धर्म के अनुसार गौ माता को एक माता का दर्जा दिया गया है जिसमें 36करोड़ देवी देवताओं का वास माना गया है। इसी बात को मंत्री लाल चंद्र जी द्वारा कहा गया कि एक समय ऐसा भी था, जब घर घर में गौमाता (Gau Mata) को पूजा जाता था और भोग के तौर पर पहली रोटी गौ माता को खिलाई जाती थी।
समय बदला और लोगों ने रिवाज भी बदल दिए परंतु देश में वही पुरानी परंपरा ही सबसे अच्छी थी जिन्हें एक बार फिर अपनाना चाहिए। तब जाकर हमारा देश और हम तरक्की कर सकेंगे।
आगे कहते हैं कि देश में रसायनिक उर्वरक के इस्तेमाल से जमीनों को काफी क्षति पहुंची है, इसलिए अब हम जैविक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं और किसानों को जैविक खेती के फायदों से अवगत करा रहे हैं। जैसा कि हम जानते हैं राजस्थान में पानी की बेहद किल्लत है इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) ने डिग्गी एवं फार्म पॉन्ड बनाने के लिए किसानों की मदद की है।
जैविक खेती के चलते गाय के गोबर से बनी चूड़ियों का निर्माण भी हो गया है
मंत्री लालचंद्र कटोरिया जी ने बताया की समय के साथ टेक्नोलॉजी में भी काफी बदलाव आ रहा है, इसलिए किसानों को समय के साथ चलने की जरूरत है। क्योंकि समय के साथ भूमि की उर्वरक में भी कमी देखने मिली हैं, जिसके चलते किसानों की उपज भी कम हो गई है।
यदि तकनीकों का उपयोग करते हुए काम किया जाए, तो उत्पादन और उत्पादकता दोनों में ही वृद्धि की जा सकेगी। सरकार द्वारा किसानों की लागत का पैसा देने की पूरी कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही राज्य की योजनाओं की भी जानकारी रखनी होगी। जिससे जरूरत के समय सरकार की मदद मिल सके।
इसी के साथ मंत्री लाल चंद्र कटोरिया ने इस बात की जानकारी भी दी की अब गाय के गोबर से चूड़ियां भी तैयार कर ली गई है। जी हां ओएफपीएआई ने भारत देश में पहली बार गाय का गोबर इस्तेमाल महिलाओं के हाथों में पहने जाने वाली चूड़ियों के लिए भी किया गया है।
आपको बता दें, लाख के साथ 40 प्रतिशत गाय का गोबर मिला कर चूड़ियां (Cow Dung Bangles) तैयार की गई है। अब बहुत जल्द इन्हें बाजार में भी देख सकेंगे। आने वाले दिनों में बहुत जल्द महिलाओं के हाथों में गाय के गोबर से बनी चूड़ियां नजर आएंगी।
काफी लोगों को किया गया सम्मानित
नवाचार के उद्देश्य से किए गए कार्य के लिए मुख्यमंत्री लालचंद कटारिया जी के द्वारा सभी क्षेत्र के श्रेष्ठ कार्यकर्ताओं में 68 लोगों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में शामिल अतिथि प्रोफेसर डॉ. महेश चंद्र, डॉ. अरूणचंदन, पत्रकारिता में डॉ. महेंद्र मधुप, प्रो. डॉ. विष्णु शर्मा, ताराचंद बेलजी, जगदीश लाल सैनी, मुकेश अग्रवाल, कैलाश चौधरी और मिथिलेश जैमिनी आदि अतिथियों को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरुस्कार से नवाजा गया।
13 किसान भाई को जैविक किसान अवार्ड दिया। कृषि से संबंधित जैनरेलेस्ट को सनराइज जर्नलिज्म अवार्ड से सम्मानित किया। इन्ही के साथ अन्य अतिथिगण को इंटरप्रिन्योर अवार्ड, रिसर्च सांइटिस्ट अवार्ड, वुमन सोशल एक्टिविस्ट अवार्ड, एग्रो डिजायनर अवार्ड दिए।
अन्य सम्मानीय नागरिकों को मिला सम्मान
इस समारोह में काफी सारे पुरस्कार दिए गए इसके अंतर्गत सुंडाराम वर्मा जो पद्मश्री के हकदार हैं उन्होंने रेगिस्तानी पौधे को अपने संपूर्ण जीवन काल में मात्र 1 लीटर पानी से पालने के लिए तकनीक का निर्माण किया।
दूसरा पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित व्यक्ति जगदीश प्रसाद पारीक जिन्होंने जैविक कृषि से संबंधित सब्जियों के प्रत्येक पौधे के उत्पादन का विश्व में रिकॉर्ड तैयार किया है, यह हमारे देश के लिए काफी गौरव की बात है। अन्य पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित व्यक्ति निम्न है।
नेशनल मेडिशनल प्लांट्स बोर्ड के रीजनल डायरेक्टर नॉर्थन रीजन-प्रथम, डॉ. अरूणचंदन जो बोर्ड के सदस्य है, डॉ. राजाराम त्रिपाठी राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ वेटेनरी एंड एनिमल सांइसेज बीकानेर के पहले के कुलपति डॉ. विष्णु शर्मा, पदमश्री हुकमचंद पाटीदार, नीरज प्रजापति जो पुरे देश की यात्रा करने के लिए साइकिल का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति है।



