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Surat: हमारी भारतीय नौसेना (Indian Navy) की टीम के द्वारा डिजाइन और कोच्चीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Limited) द्वारा बनाया गया स्वदेशी विमान वाहक पोत विक्रांत ने अपनी समुद्री यात्रा की उड़ान भर ली है। यह हमारे देश का पहला इंडिया में बनाया गया एयरक्राफ्ट है।
जिसे ट्रायल के तौर पर समुद्र में छोड़ा गया है। इसके पहले भी इसके कई ट्रायल सफल रह चुके है। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है, कि इसे 2022 के अंत तक हमारी नौसेना में शामिल कर लिया जायेगा। अभी ट्रायल करके इसके सभी फीचर्स देखे जा रहे है।
इस विमानवाहक का नाम विक्रान्त 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विमानवाहक पोत के नाम पर रखा गया है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस ट्रायल पर कहना है, कि यह मेक इन इंडिया (Make In India) का एक बहुत ही अतुलनीय उदाहरण है।
इस ऐतिहासिक मील के पत्थर पर मे हमारे देश की नौसेना और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड को बहुत बधाई देता हूं। इस परीक्षण पर रक्षा मत्रालय कि तरफ से भी बधाई दी गई और कहा गया कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Aatmanirbhar Bharat) और ‘मेक इन इंडिया इनिशिएटिव’ के लिए यह देश के लिए एक बेहतरीन उदाहरण है। भारतीय नौसेना ने इसे हमारे देश के लिए गर्व महसूश कराने वाला ऐतिहासिक’ दिन बताया है।
नौसेना का कहना हे कि भारत अब उन देशों में सम्लित हो गया है, जिसके पास अपने देश का डिजाइन किया हुआ और बनाया गया आज के समय का विमान वाहक जहाज है। आईएनएस विक्रांत में विशिष्ट क्षमताऍं है आइय्र जानते है, इसके बारे में।
IAC P71 विक्रांत
देश के स्वदेशी विमानवाहक IAC P71 विक्रांत को लगभग 23 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) लगभग 262 मीटर लंबा और 62 मीटर चौड़ा है। और इसका वजन 40000 टन है।
इसे हमारी नौसेना के द्वारा डिजाइन किया गया गया है और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने निर्मित किया है। इसकी स्पीड नौसेना द्वारा 52 किलोमीटर प्रति घंटे बताया गया है। इस एयरक्राफ्ट में 14 फ्लोर हैं और 2300 कंपार्टमेंट हैं। इसमें करीब 1700 नौसैनिक तैनात किए जा सकते हैं। इसमें 30 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं।
Indian Navy to test US F-18 fighters for INS Vikrant next week
The F-18 super hornet trial begins a day before QUAD leaders deliberate on the Indo-Pacific in Tokyo on May 24.#IndianNavy #DefendTheWall #IndoPride pic.twitter.com/QIosTJKWTI— Sunyy Shah (@rathodsunny) May 18, 2022
स्वदेशी विमान वाहक INS विक्रांत (INS Vikrant) हमारे देश भारत में डिजाइन और निर्मित किेया गया पहला विमानवाहक पोत है। आईएनएस विक्रांत विमानवाहक पोत को हमारे राष्ट्र के लिये सबसे शक्तिशाली समुद्री संपत्तियों में से एक माना जा रहा है। बहुत से विशेषज्ञ इस विमानवाहक पोत (Indigenous Aircraft Carrier) को ‘नीले पानी’ का किंग मानते है और इस हमारे देश के लिए बहुत ही जरूरी माना गया है।
यह पहला स्वदेशी विमान वाहक पोत है
वैसे तो हमारी नौसेना के पास पहले भी विमानवाहक पोत रहे है। तो आप सोच रहे होंगे कि इसमे क्या खासियत है, तो आपका बता दे कि आईएनएस विक्रांत भारत में निर्मित पहला स्वदेशी विमानवाहक है। इससे पहले के जितने भी विमान वाहक थे, वह या तो ब्रिटिश या फिर रूस के द्वारा बनाये गये थे। अभी कि बात की जाये तो आईएनएस विक्रमादित्य हमारी नौसेना का एकमात्र विमानवाहक पोत है और इसे 2013 में शामिल किया गया था।
India's new $3 Billion aircraft INS Vikrant carrier is going active this year 😳 #infomance#Vikrant #Aircraft #Trending #India pic.twitter.com/5yJ6BwFMFS
— Rohan K Soni (@rohanksoni) May 17, 2022
हमारी देश की नौसेना ने इसके निर्माण के बारे में बताया है कि 50 से अधिक भारतीय निर्माता इस परियोजना में शामिल थे। नौसेना के अनुसार लगभग 23,000 करोड़ रुपये लागत इस परियोजना में लगी। और 40000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला इसका वजन 40000 टन है।
While moving around a beach in Southern India, you may spot the INS Vikrant. pic.twitter.com/7AKaokR8ca
— 𝙎𝙞𝙚𝙧𝙧𝙖 𝙃𝙤𝙩𝙚𝙡 ☾ (@8r02s125558) May 18, 2022
इसके पहले भी हमारे देश भारत में सबसे बेहतरीन विमान वाहक था। जिसका नाम भी आईएन एस विक्रांत था। उसी के नाम पर इसका नाम भी रखा गया है। अगर इस विमान वाहक की बात कि जाये तो विक्रांत ने पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिसके कारण ही बांग्लादेश नाम से एक नया देश का जन्म हुआ।
#BREAKING : The development of Indigenous Aircraft Carrier 'INS Vikrant' is also a milestone in the Navy's path of self-reliance. I am glad that the ship has completed its required trials despite the Covid crisis – The Defense Minister of #India, Rajnath Singh said. pic.twitter.com/uKG8Mujg0a
— Sushmit Patil Сушмит Патил सुश्मित पाटिल 🇮🇳 (@PatilSushmit) May 17, 2022
उस युद्ध के समय विक्रांत को बंगाल की खाड़ी में तैनात किया गया था। इसे पाकिस्तानी सेना को समुद्री मार्गों के जरिये भागने से रोकने के लिये इस्तेमाल किया गया था। आईएनएस विक्रांत नौसेना का सबसे ताकतवर, मजबूत और भरोसे मंद विमानवाहक पोत है।
इसका निर्माण 2009 में ही कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के द्वारा कर दिया गया था और आज यह बन कर तैयार हो गया है। और सारे परीक्षण भी सफल रहे है। अब बस इसके हमारी नौसेना में शामिल होने का इंतजार है।



