इस समय शुरू होगी भारत की पहली रीजनल रैपिड रेल, इन स्‍टेशनों के बीच यात्रियों को सुविधाएं मिलेंगी

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regional rapid rail india
The country's first rapid train will start by the end of this year 2022. Regional rapid rail will run on all the three corridors From December 2022.

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Meerut: भारत में जल्द ही देश की पहली रीजनल ट्रांजिट रैपिड रेल (India’s First Regional Rapid Rail) चलने वाली है। आपको बता दें कि यह रैपिड रेल इसी साल दिसंबर से चलने लगेगी। दिसंबर से दुहाई से साहिबाबाद (Duhai to Sahibabad station) के बीच रेल चलने लगेगी।

फिर 2025 तक इसे आहे बढ़ाया जायेगा और 82 किलोमीटर कोरिडोर पर रपैड रेल चलने लगेगी। इस रेल में शुरुआती दौर में 6 डिब्बे होंगे। अगर यात्रियों की संख्या बढ़ी तो रेल में और डब्बो की संख्या बढ़ा दी जाएगी। रेल में अधिकतम 9 डिब्बे ही लगाए जाएंगे।

इस रेल से ऑनलाइन बाजार के पार्सल वाले सभी सामान और कोरियर भी भेजे जाएंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 2025 में रेल चलने के कुछ महीने पहले या बाद रेल में अधिक डिब्बों की जरूरत पड़ने लगेगी। यह रेल बहुत ही आसानी से सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाएगी।

इस कॉरिडोर पर चलने के लिए गुजरात में 6 डिब्बे की रैपिड रेल तैयार हो रही है। दैनिक जागरण अखबार में छपी एक खबर के मुताबिक ये भारत की पहली रीजनल ट्रांजिट रैपिड रेल है। इससे दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुख्य शहरों की दूरी कम हो जाएगी।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मेट्रो भी इसी पटरी पर चलेगी। मेरठ में मेट्रो तीन डिब्बों वाली चलेगी। इसे लाइट मेट्रो कहा जाता है। यह ट्रेन बहुत ही सुविधाजनक बताई गई है और साथ ही साथ इस का किराया अधिक नहीं होगा। रीजनल रैपिड रेल चलने से यात्रियों को समय की भी बचत होगी।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम की रिपोर्ट्स के मुताबिक रैपिड रेल से दिल्ली और मेरठ के बीच पार्सल वाले सामान भी खूब भेजे जाएंगे। ऑनलाइन बाजार में आर्डर किये गए सामान भी इससे भेजे जाएंगे। जिससे व्यापारियों को काफी सुविधा और फायदा होगा।

इसका (Rapid Rail project) सबसे बड़ा फायदा यह होगा की राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के करोड़ों लोगों के लिए एक तेज, सुविधाजनक और सुरक्षित साधन मुहैया हो जायेगा, उनके आवक-जावक चुटकी भर का काम होगा। आरआरटीएस एक नई रेल आधारित प्रणाली है, जो दिल्ली को मेरठ, अलवर और पानीपत (Delhi-Meerut-Alwar-Panipath) जैसे क्षेत्रीय नोड्स से गति के साथ जोड़ेगी।

यह रेल यात्रियों को तेज रफ़्तार और कम स्टापेज में अधिक लंबी दूरी का सफर मुहैया करवाएगी। आरआरटीएस (RRTS) के तीनो कारिडोर भी इंटरओपरेबल बनाए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को एक कारिडोर से दूसरे कारिडोर में जाने के लिए ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इस प्रोजेक्ट में सबसे खास बात यह बताई गई है की दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-अलवर और दिल्ली-पानीपत तीनों ही कारिडोर पर रैपिड रेल 50 प्रतिशत तक हरित ऊर्जा से चलेगी। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रूट पर देश के पहले रीजनल रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कारिडोर का निर्माण कार्य तीव्र अभी प्रगति पर है। इससे राजधानी दिल्ली और NCR क्षेत्र में ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन और प्रदूषण को कम करके में मदत भी मिलेगी।

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